बिहार में फिर बिगड़ा मौसम, 12 जिलों में अलर्ट; 5 जगह भारी बारिश-वज्रपात का खतरा
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
Bihar Weather Update: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। Bihar Weather Update के मुताबिक शनिवार को राज्य के 12 जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इनमें 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 7 जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर उत्तर बिहार के कई जिलों में अचानक तेज बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। तेज बादल बनने के बाद कम समय में जोरदार बारिश शुरू होने की संभावना है। बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हालात में खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी है। खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से भी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
इन 7 जिलों में येलो अलर्ट जारी
सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना बनी हुई है। येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में भी मौसम को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्थानीय स्तर पर बादलों की सक्रियता बढ़ने से कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है। यही कारण है कि लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है तेज हवा
बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवा के साथ कमजोर पेड़ की शाखाएं टूटने और खुले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है। वज्रपात को लेकर भी विशेष सतर्कता की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान लोग खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास जाने से बचें। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, बारिश शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक यात्रा से भी बचने की सलाह दी जाती है।
9 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुमान के अनुसार, बिहार में 9 सितंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर और उत्तर-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है। हालांकि, बारिश का वितरण पूरे राज्य में एक समान रहने की उम्मीद नहीं है। किसी जिले के एक हिस्से में तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर दूसरे इलाके में केवल बादल और उमस बनी रह सकती है।
उमस के बाद अचानक क्यों बरस रहे हैं बादल?
बिहार में मौसम के इस बदले मिजाज के पीछे हवा में मौजूद नमी एक बड़ी वजह है। दिन में तापमान बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर तेजी से बादल बन रहे हैं और अनुकूल परिस्थितियां बनने पर अचानक बारिश शुरू हो जा रही है। इस वजह से लोगों को एक ही दिन में धूप, तेज उमस, बादल और बारिश—चारों तरह के मौसम का अनुभव हो रहा है। स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों के कारण बारिश का दायरा सीमित भी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश के बाद मौसम ठंडा हो जाता है, जबकि बारिश से दूर रहने वाले इलाकों में उमस लोगों को परेशान करती रहती है।
पटना में धूप के बाद बारिश के आसार
पटना में सुबह के समय धूप निकलने की संभावना है, जिससे उमस बढ़ सकती है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं। बारिश होने के बावजूद राजधानी के लोगों को उमस से पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम है। हवा में अधिक नमी के कारण बारिश के बाद भी चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान पटना में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई, लेकिन पूरे शहर में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही।
अररिया में सबसे ज्यादा बारिश, नालंदा रहा दूसरे स्थान पर
पिछले 24 घंटे में अररिया में सबसे अधिक 51 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद नालंदा में 50 मिमी और कटिहार में 41 मिमी बारिश दर्ज हुई। गोपालगंज में 36 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पटना में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग जिलों में बारिश की मात्रा में बड़ा अंतर यह दिखाता है कि मानसून की सक्रियता फिलहाल समान रूप से नहीं फैली है। लगातार बदलते मौसम के बीच अगले कुछ दिनों में कई अन्य जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बारिश के बावजूद बिहार में 36 फीसदी पीछे है मानसून
हाल के दिनों में बारिश बढ़ने के बावजूद बिहार में मानसून का कुल आंकड़ा अभी सामान्य स्तर से काफी पीछे है। अब तक राज्य में करीब 803.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले प्रदेश में सिर्फ 517.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी बिहार में अब तक सामान्य से करीब 36 फीसदी कम बारिश हुई है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने से बारिश के इस अंतर में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि सितंबर के शुरुआती दिनों में मानसून कितना सक्रिय रहता है। फिलहाल मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना सबसे जरूरी है।