Bihar Weather Today: 19 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश-ठनका का खतरा
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार में आज मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। Bihar Weather Today अपडेट के मुताबिक, राज्य के 19 जिलों में बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। Bihar Weather Today के पूर्वानुमान के अनुसार इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। पटना मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए खासकर किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
19 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश के साथ तेज हवा
मौसम विभाग के अनुसार, आज पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर और पटना में मौसम खराब रह सकता है। इसके अलावा बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गयाजी और नवादा में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मौसम खराब होने पर लोगों को पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान जैसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

अगले 72 घंटे तक कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 72 घंटे तक बिहार के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। 26 सितंबर को भी कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। 26 सितंबर को पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 27 सितंबर को पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन इलाकों में बारिश के साथ बादल और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। 28 सितंबर को भी राज्य में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश से उमस और गर्मी से मिली राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पिछले दिनों से जारी उमस से लोगों को राहत मिली। बुधवार को अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला था। इसके बाद कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। कहीं हल्की बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत तेज बारिश भी दर्ज की गई। राज्य के बाकी हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ इलाकों में अचानक बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
नेपाल में भारी बारिश से बढ़ी चिंता
बिहार के साथ पड़ोसी नेपाल में भी लगातार बारिश का दौर जारी है। नेपाल और सुपौल के कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। माइकिंग के जरिए भी निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम और संभावित जलस्तर बढ़ने की स्थिति को लेकर अलर्ट किया जा रहा है। कोसी बराज पर भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर बिहार की नदियों और निचले इलाकों में इसका असर पड़ सकता है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?
बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है। मौसम खराब होने पर खुले खेत में रुकने के बजाय सुरक्षित और पक्की जगह पर जाना बेहतर माना जाता है। बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी लेते रहना जरूरी होगा।
मौसम खराब होने पर क्या करें?
- खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
- पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
- तेज हवा में कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।
- प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
बिहार में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज कई इलाकों में बदलता रह सकता है। बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर नेपाल और बिहार के सीमावर्ती तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।