हर घर नल का जल योजना: पानी न आए तो शिकायत कैसे करें?
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नमस्कार दोस्तों! मैं आपका अपना लोकल पत्रकार। पटना से लेकर बिहार के सभी जिलों की जमीनी हकीकत और खबरें मैं लगातार आप तक पहुंचाता रहता हूँ। आज हम एक ऐसे मुद्दे पर बात करने जा रहे हैं जो लगभग हर पंचायत, हर वार्ड और हर घर की कहानी बन चुका है।
हम बात कर रहे हैं 'हर घर नल का जल योजना' की। सरकार ने जब यह योजना शुरू की थी, तो मकसद बहुत साफ और नेक था—बिहार के हर गांव, हर गली और हर घर तक साफ पीने का पानी पहुंचाना। शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा लगा। पाइप बिछे, टंकियां लगीं, टोटियां (Taps) लगीं और पानी भी आने लगा। लेकिन आज की तारीख में असली समस्या कुछ और ही है।
कई जिलों से मुझे लगातार फोन और मैसेज आते हैं कि "भैया, हमारे वार्ड में तो महीनों से पानी नहीं आ रहा है।" कहीं मोटर जल गई है, कहीं पाइप फट गया है, तो कहीं जो अनुरक्षक (Operator) है, वह अपनी मर्जी से पानी चालू करता है और बंद करता है। गर्मी के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तभी नल सूख जाते हैं।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जब पानी बंद होता है, तो आम जनता को यह पता ही नहीं होता कि शिकायत (Complaint) कहाँ करनी है। वार्ड सदस्य से कहो तो वो मुखिया जी पर टाल देते हैं, मुखिया जी कहते हैं फंड नहीं है। ऐसे में एक आम नागरिक जाए तो जाए कहाँ?
इसलिए आज मैं आपको बहुत ही आसान और सीधी भाषा में बताने जा रहा हूँ कि अगर आपके घर में नल-जल का पानी नहीं आ रहा है, तो आप घर बैठे टोल-फ्री नंबर पर कैसे शिकायत कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने ब्लॉक के BDO (Block Development Officer) को लिखित शिकायत कैसे दे सकते हैं।
वार्ड में पानी बंद होने के मुख्य कारण क्या हैं?
शिकायत करने से पहले हमें यह समझना होगा कि आखिर पानी सप्लाई बंद क्यों होती है। जब आप अधिकारी को अपनी समस्या बताएंगे, तो आपको सटीक कारण बताना होगा। पानी न आने के पीछे आमतौर पर ये कारण होते हैं:
मोटर का जल जाना: यह सबसे आम समस्या है। वोल्टेज के उतार-चढ़ाव या मोटर के पुराने होने के कारण वह जल जाती है और हफ्तों तक बन कर नहीं आती।
पाइपलाइन का फटना: सड़क या नाली बनने के दौरान अक्सर जेसीबी से नल-जल का पाइप फट जाता है और पानी लोगों के घरों तक पहुंचने के बजाय सड़क पर बहने लगता है।
अनुरक्षक (Operator) की लापरवाही: हर पानी की टंकी को चलाने के लिए एक ऑपरेटर रखा गया है। कई बार ऑपरेटर समय पर मोटर चालू नहीं करते या आपसी विवाद के कारण जानबूझकर पानी बंद रखते हैं।
बिजली का कनेक्शन कटना: कभी-कभी बिजली का बिल जमा न होने के कारण टंकी का बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है।
टंकी की सफाई न होना: कई जगह पानी तो आता है, लेकिन इतना गंदा और बदबूदार होता है कि वह पीने लायक नहीं होता, क्योंकि महीनों से टंकी की सफाई नहीं हुई होती है।
ऑनलाइन और टोल-फ्री नंबर से शिकायत कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
अगर आपके इलाके में पानी की समस्या है, तो आपको ब्लॉक या ऑफिस के चक्कर काटने से पहले डिजिटल तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए। बिहार सरकार ने इसके लिए खास टोल-फ्री नंबर (Toll-Free Number) और पोर्टल जारी किए हैं। पंचायती राज विभाग (PRD) और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) दोनों ही इस योजना को देखते हैं।
आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
स्टेप 1: सही टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें
बिहार सरकार ने नल-जल योजना की शिकायतों के लिए एक समर्पित टोल-फ्री नंबर जारी किया है। आप 1800-3456-145 (PHED विभाग) या सरकार के जन शिकायत नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह नंबर पूरी तरह से फ्री है।
स्टेप 2: जानकारी तैयार रखें
कॉल करने से पहले एक कागज पर ये सारी चीजें लिख कर रख लें ताकि बात करते समय कोई गड़बड़ी न हो:
आपके जिले का नाम
आपके प्रखंड (Block) का नाम
आपकी ग्राम पंचायत का नाम
आपके वार्ड का नंबर
पानी बंद होने का कारण (जैसे मोटर जली है या पाइप फटा है)
कितने दिनों से पानी नहीं आ रहा है।
स्टेप 3: अपनी शिकायत दर्ज कराएं
कस्टमर केयर अधिकारी को अपनी पूरी समस्या बताएं। बात करते समय अपनी भाषा को स्पष्ट रखें। उन्हें बताएं कि आपके वार्ड के कितने घर इस समस्या से परेशान हैं।
स्टेप 4: शिकायत संख्या (Complaint ID) जरूर लें
जब आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी, तो अधिकारी आपको एक Complaint ID या शिकायत संख्या देंगे। इसे डायरी में या मोबाइल में लिखकर सुरक्षित रख लें। भविष्य में जब आप पूछेंगे कि काम कहाँ तक पहुंचा, तो यही नंबर आपके काम आएगा।
BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी) से लिखित शिकायत कैसे करें?
अगर टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने के बाद भी एक-दो हफ्ते तक कोई सुनवाई नहीं होती है, तो इसका मतलब है कि अब आपको कागजी कार्रवाई करनी होगी। इस स्थिति में आपको अपने ब्लॉक (प्रखंड) के BDO (Block Development Officer) या BPRO (Block Panchayati Raj Officer) के पास एक लिखित आवेदन (Application) देना होगा।
यकीन मानिए, जब आप वार्ड के 10-15 लोगों का हस्ताक्षर (Sign) करवा कर एक कागज ब्लॉक में देते हैं, तो उसका बहुत बड़ा असर होता है।
आवेदन (Application) कैसे लिखें?
यहाँ मैं आपको एक फॉर्मेट दे रहा हूँ, जिसे आप सादे कागज पर लिख सकते हैं:
सेवा में,
प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) / प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO),
[अपने प्रखंड का नाम लिखें], [अपने जिले का नाम लिखें]
विषय: पंचायत [अपनी पंचायत का नाम], वार्ड नंबर [अपना वार्ड नंबर] में नल-जल योजना का पानी बंद होने के संबंध में।
महाशय,
सविनय निवेदन है कि हम सभी ग्रामवासी पंचायत [पंचायत का नाम], वार्ड नंबर [वार्ड नंबर] के स्थायी निवासी हैं। हम आपका ध्यान हमारे वार्ड में चल रही 'हर घर नल का जल योजना' की दयनीय स्थिति की ओर दिलाना चाहते हैं।
पिछले [कितने दिनों/महीनों से] दिनों से हमारे वार्ड में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप है। इसका मुख्य कारण [कारण लिखें, जैसे- मोटर का जल जाना / पाइप फटना / ऑपरेटर की लापरवाही] है। वर्तमान में गर्मी का मौसम है और पानी के बिना हम सभी ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमने इसकी सूचना स्थानीय वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव को भी दी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
अतः श्रीमान से नम्र निवेदन है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द हमारे वार्ड में नल-जल योजना को चालू करवाने की कृपा करें। इस पुनीत कार्य के लिए हम सभी ग्रामीण आपके सदा आभारी रहेंगे।
धन्यवाद!
दिनांक: [आज की तारीख]
स्थान: [गांव का नाम]
भवदीय / समस्त ग्रामवासी:
[अपना नाम और मोबाइल नंबर]
[पड़ोसी का नाम और हस्ताक्षर]
[अन्य ग्रामीणों के नाम और हस्ताक्षर]
ब्लॉक में एप्लीकेशन जमा करते समय क्या करें?
जब आप यह एप्लीकेशन लेकर ब्लॉक जाएं, तो इसकी एक फोटोकॉपी (Photocopy) जरूर करा लें। ओरिजिनल कॉपी अधिकारी (BDO या क्लर्क) को दें और फोटोकॉपी पर उनके ऑफिस की मुहर और रिसीविंग (Receiving) की तारीख के साथ हस्ताक्षर करवा कर अपने पास रख लें। यह रिसीविंग इस बात का पक्का सबूत है कि आपने सरकार को अपनी परेशानी बता दी है।
शिकायत निवारण प्रणाली (Quick Info Table)
आपकी सुविधा के लिए मैंने यहाँ एक छोटी सी टेबल बना दी है, जिसे देखकर आप तुरंत समझ जाएंगे कि शिकायत कहाँ और कैसे करनी है:
| शिकायत का माध्यम (Medium) | अधिकारी / नंबर (Officer / Number) | समय सीमा (Expected Time) | जरूरी दस्तावेज (Documents Needed) |
| ऑनलाइन / फोन कॉल | टोल-फ्री नंबर (1800-3456-145) | 3 से 7 दिन | वार्ड नंबर, पंचायत और जिले का नाम |
| वार्ड स्तर पर | वार्ड सदस्य / अनुरक्षक (Operator) | 1 से 3 दिन | मौखिक शिकायत |
| पंचायत स्तर पर | पंचायत सचिव / मुखिया | 7 से 15 दिन | सादे कागज पर आवेदन |
| प्रखंड (Block) स्तर पर | BDO / BPRO (प्रखंड कार्यालय) | 15 दिन के अंदर | लिखित आवेदन (ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ) |
| जिला स्तर पर | DPRO / जिलाधिकारी (DM - जन संवाद) | तत्काल प्रभाव | रिसीविंग कॉपी और लिखित आवेदन |
अनुरक्षक (Operator) और वार्ड सदस्य की जिम्मेदारी क्या है?
कई बार गलती सरकार या विभाग की नहीं होती, बल्कि हमारे बीच के ही लोगों की होती है। नल-जल योजना की टंकी चलाने के लिए हर वार्ड में एक अनुरक्षक बहाल किया गया है। उसे सरकार की तरफ से मानदेय (Salary) भी मिलता है।
अनुरक्षक की जिम्मेदारी है कि वह सुबह और शाम, तय समय पर मोटर चालू करे और पानी की सप्लाई दे। अगर छोटा-मोटा फॉल्ट है, तो पंचायत के फंड से वार्ड सदस्य को उसे ठीक करवाना होता है। अगर आपके वार्ड का अनुरक्षक मनमानी करता है, तो आप उसकी शिकायत सीधे पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv) या BDO से कर सकते हैं। नियम के अनुसार, लापरवाही बरतने पर अनुरक्षक को हटाया भी जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले 5 जरूरी सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या नल-जल योजना की शिकायत करने के लिए कोई फीस देनी पड़ती है?
जवाब: जी नहीं, बिल्कुल नहीं। टोल-फ्री नंबर पर कॉल करना पूरी तरह से फ्री है और ब्लॉक में एप्लीकेशन देने का भी कोई पैसा नहीं लगता।
सवाल 2: अगर BDO साहब भी हमारी बात न सुनें, तो क्या करें?
जवाब: अगर BDO के पास आवेदन देने के 15-20 दिन बाद भी काम नहीं होता है, तो आप उस एप्लीकेशन की रिसीविंग लेकर जिला मुख्यालय में DPRO (District Panchayati Raj Officer) या सीधा DM (District Magistrate) के जनता दरबार में जा सकते हैं।
सवाल 3: पानी की टंकी महीनों से गंदी है, इसकी शिकायत कहाँ करें?
जवाब: टंकी की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी अनुरक्षक और पंचायत की होती है। आप इसकी शिकायत भी उसी टोल-फ्री नंबर पर या पंचायत सचिव से कर सकते हैं।
सवाल 4: पाइप फटने से सड़क खराब हो रही है, क्या इसके लिए भी कॉल कर सकते हैं?
जवाब: हाँ। अगर पानी व्यर्थ बह रहा है और रास्ते को कीचड़ से भर रहा है, तो यह सरकारी संपत्ति का नुकसान है। आप तुरंत इसकी सूचना दें ताकि विभाग मिस्त्री भेजकर इसे रिपेयर कर सके।
सवाल 5: मैं कैसे चेक करूँ कि मेरे वार्ड की शिकायत दर्ज हुई है या नहीं?
जवाब: जब आप कस्टमर केयर को कॉल करते हैं, तो वो आपको एक Complaint ID देते हैं। कुछ दिनों बाद आप उसी टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके वह ID बताकर अपने शिकायत का स्टेटस (Status) जान सकते हैं।
आखिरी बात
दोस्तों, पानी हमारा बुनियादी अधिकार है। सरकार ने हजारों करोड़ रुपये खर्च करके यह योजना हमारे लिए ही बनाई है। अगर आपके घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है, तो चुपचाप मत बैठिए। पटना हो या बिहार का कोई दूर-दराज का गांव, सिस्टम तभी काम करता है जब जनता आवाज उठाती है।
आप ऊपर बताए गए तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करें, टोल-फ्री नंबर का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़े तो 10 लोगों के साथ ब्लॉक जाकर BDO साहब को अपनी समस्या बताएं। अपना अधिकार मांगना कोई गलत बात नहीं है।
क्या आपके वार्ड में भी नल-जल योजना की स्थिति खराब है? आपने इसके लिए अब तक कहाँ शिकायत की है? मुझे नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। मैं आगे भी आपके हकों से जुड़ी ऐसी ही जरूरी जानकारी लेकर आता रहूंगा। जय बिहार!
