Bihar MLC Election 2026: जन सुराज ने उतारे 5 उम्मीदवार, जानें पूरी लिस्ट
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👉 WhatsApp से जुड़ेंबिहार में Bihar MLC Election 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। Bihar MLC Election 2026 के तहत शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर चुनाव होना है। इसी बीच जन सुराज ने रविवार को पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी की ओर से पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांकीपुर विधायक और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया।
जन सुराज ने दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक, सारण शिक्षक, पटना शिक्षक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने संकेत दिया है कि बाकी सीटों के लिए भी जल्द नाम सामने आ सकते हैं।
जन सुराज के पांच उम्मीदवार कौन-कौन हैं?
जन सुराज की ओर से घोषित पांच उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है:
| निर्वाचन क्षेत्र | जन सुराज उम्मीदवार |
|---|---|
| दरभंगा शिक्षक | एसपी राय |
| दरभंगा स्नातक | रवींद्र यादव |
| सारण शिक्षक | अफाक अहमद |
| पटना शिक्षक | दिव्या ज्योति |
| कोसी स्नातक | रजनीश रंजन |
इन पांच नामों के साथ जन सुराज ने शिक्षक और स्नातक दोनों वर्ग की सीटों पर अपनी चुनावी तैयारी स्पष्ट कर दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने फिलहाल आठ में से पांच सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अफाक अहमद का नाम भी खास है। वह इस सीट से पहले विधान परिषद का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब दोबारा मैदान में उतर रहे हैं। वहीं पटना शिक्षक सीट से दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया गया है।
आठ सीटों पर होना है विधान परिषद चुनाव
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक श्रेणी की कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत शामिल हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत सीटें हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होना है।
इन सीटों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग निर्वाचन प्रक्रिया के तहत होता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित श्रेणी के पात्र मतदाता मतदान करते हैं।
इसी वजह से इन चुनावों में उम्मीदवारों का स्थानीय संगठन, मतदाता सूची और संबंधित वर्गों के बीच संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
RJD पहले ही छह सीटों पर उतार चुका है उम्मीदवार
जन सुराज से पहले राष्ट्रीय जनता दल ने आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए थे। RJD ने पटना शिक्षक से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोसी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को उम्मीदवार बनाया है।
RJD ने दरभंगा शिक्षक और तिरहुत शिक्षक सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की थी। इन सीटों को लेकर सहयोगी दलों के साथ तालमेल की चर्चा भी सामने आई है।
इस तरह अब अलग-अलग दलों की ओर से उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है।
जन सुराज की एंट्री से मुकाबले में बढ़ी हलचल
आठ विधान परिषद सीटों पर जन सुराज के चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पार्टी ने पहले ही सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी के संकेत दिए थे।
अब पांच उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बाकी सीटों पर पार्टी किसे मौका देती है, इस पर नजर है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार बाकी तीन उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित किए जाने की बात कही गई है।
प्रशांत किशोर ने उम्मीदवारों के ऐलान के दौरान शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। रिपोर्टों के अनुसार जन सुराज ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता देने की बात कही है।
NDA और अन्य दलों की तस्वीर पर भी नजर
विधान परिषद चुनाव को लेकर NDA और अन्य राजनीतिक दलों की तैयारियां भी जारी हैं। अलग-अलग सीटों पर संभावित उम्मीदवारों और सहयोगी दलों के बीच तालमेल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
महागठबंधन के भीतर भी सीटों को लेकर अलग-अलग दलों की गतिविधियां सामने आई हैं। RJD ने छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि कांग्रेस और वाम दलों की ओर से भी कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर दावेदारी सामने आई है।
ऐसे में चुनाव से पहले अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की पूरी सूची और विभिन्न दलों के बीच सीट समन्वय के बाद और स्पष्ट होगी।
अब किन सीटों पर टिकी निगाहें?
जन सुराज ने पांच सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। अब सबसे ज्यादा नजर बाकी तीन सीटों के उम्मीदवारों पर है। इसके साथ ही NDA और अन्य दलों की अंतिम सूची भी चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल आठ सीटों के चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से जुड़े मुद्दे केंद्र में रहने की संभावना है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद आने वाले दिनों में प्रचार, मतदाता संपर्क और स्थानीय मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
