Bihar Flood: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री संजय सिंह, बांटी राहत सामग्री
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बिहार में बाढ़ का संकट कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। Bihar Flood के बीच हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में राहत अभियान तेज किया गया है। Bihar Flood से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से ‘चिराग के भरोसा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह ने महनार प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। मंत्री ने प्रभावित लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की भी जानकारी ली गई।
महनार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
संजय सिंह ने महनार प्रखंड की हसनपुर दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या 3 और 6 का दौरा किया। इसके अलावा उन्होंने अल्लीपुर हट्टा पंचायत में भी बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। दौरे के दौरान मंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की। लोगों ने उन्हें बाढ़ के कारण सामने आ रही परेशानियों की जानकारी दी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे। राहत सामग्री वितरण के दौरान स्थानीय लोगों को तत्काल जरूरत की चीजें उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, सुरक्षित आवागमन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।
‘चिराग के भरोसा’ अभियान के तहत राहत वितरण
राहत अभियान को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने ‘चिराग के भरोसा’ नाम दिया है। पार्टी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। मंत्री संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हाजीपुर सांसद चिराग पासवान अपने संसदीय क्षेत्र की जनता के प्रति संवेदनशील हैं। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि बाढ़ से प्रभावित कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत से वंचित न रहे। संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं को भी प्रभावित इलाकों में सक्रिय रहने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की जिम्मेदारी दी गई है।
केंद्र और राज्य सरकार के राहत कार्य जारी
संजय सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन का प्रयास प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द जरूरी सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण जिन परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, उन्हें राहत देने के साथ स्थिति सामान्य करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बाढ़ के दौरान स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भूमिका अहम हो जाती है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाने की आवश्यकता रहती है।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संभाली जिम्मेदारी
राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश कुमार सिंह, युवा प्रदेश महासचिव संतोष शर्मा, महनार प्रखंड अध्यक्ष अमरेश सिंह और जंदाहा प्रखंड अध्यक्ष सुबोध सिंह शामिल रहे। इसके अलावा शंकर पासवान, सतीश पासवान और रवि पासवान समेत कई कार्यकर्ताओं ने भी राहत अभियान में सहयोग किया। पंचायत प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भूमिका निभाई। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता पहुंचाने पर जोर रहेगा।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को आगे भी मदद की उम्मीद
‘चिराग के भरोसा’ अभियान के तहत राहत वितरण को पार्टी की ओर से लगातार चलाए जा रहे सहायता प्रयासों का हिस्सा बताया गया है। हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में आने वाले दिनों में भी राहत गतिविधियां जारी रखने की बात कही गई है। बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना होती है। ऐसे में सरकारी तंत्र के साथ राजनीतिक दलों और स्थानीय संगठनों की सक्रियता भी राहत कार्यों को गति दे सकती है। मंत्री संजय सिंह के दौरे के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने और राहत सामग्री वितरण पर विशेष जोर रहा। अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासन और विभिन्न राहत अभियानों के जरिए मिलने वाली आगे की सहायता पर है। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है। ऐसे में राहत, बचाव और आवश्यक सेवाओं की निरंतर उपलब्धता प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।