Bihar Flood: पुनपुन का पानी बढ़ा, पटना-गया रेलखंड पर 10 ट्रेनें रद्द
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
बिहार बाढ़ के बीच पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। बिहार बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने पुनपुन-परसा बाजार के बीच पुल संख्या-21 से ट्रेनों का परिचालन एहतियातन रोक दिया है। इसके कारण मंगलवार, 8 सितंबर को गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली 10 मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए आठ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला लिया गया है।
पुनपुन नदी का बढ़ा जलस्तर, पुल पर रेलवे की नजर
पुनपुन नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के बाद रेलवे ने पुल संख्या-21 की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। पुनपुन-परसा बाजार के बीच स्थित इस पुल के पास पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने 4 सितंबर की रात से ही पुल संख्या-21 के किमी 11/38-32 पर ट्रेनों का परिचालन निलंबित कर रखा है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जलस्तर सामान्य होने और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही इस रेलखंड पर नियमित परिचालन बहाल किया जाएगा। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी गया और पटना के बीच चलने वाली मेमू ट्रेनों के रद्द होने से पैदा हुई है। रेलवे ने प्रभावित यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
8 सितंबर को ये 10 मेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द
रेलवे के आदेश के अनुसार 8 सितंबर को गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली निम्न मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी:
- 63242 गया-पटना मेमू
- 63258 गया-पटना मेमू
- 63245 पटना-गया मेमू
- 63396 गया-पटना मेमू
- 63248 गया-पटना मेमू
- 63243 पटना-गया मेमू
- 63259 पटना-गया मेमू
- 63393 पटना-गया मेमू
- 63250 गया-पटना मेमू
- 63253 पटना-गया मेमू
इन ट्रेनों से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों या रेलवे की ओर से निर्धारित दूसरी ट्रेनों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
आठ ट्रेनों के बदले गए रूट
रेलवे ने सिर्फ ट्रेनें रद्द करने के बजाय कई ट्रेनों को वैकल्पिक रेलखंड से चलाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित हिस्से से ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से निकालना है। 18625 कोसी-बरौनी-हटिया एक्सप्रेस को बख्तियारपुर-किऊल-कटिहार मार्ग से चलाया जाएगा। वहीं, 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस को बख्तियारपुर-पीएमआई-तिलैया-राजगीर-किऊल होकर चलाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 13329 धनबाद-पटना एक्सप्रेस और 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। 15137 रांची-दुर्ग एक्सप्रेस और 15138 बरौनी-रांची एक्सप्रेस को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। 63390 एनडब्ल्यूडी-पटना मेमू, 63389 पटना-एनडब्ल्यूडी मेमू, 63391 इस्लामपुर-पटना मेमू और 63392 पटना-इस्लामपुर मेमू को भी वैकल्पिक रेलखंड से चलाने की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान तेज
गंगा और पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच पटना जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, चिकित्सा और जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए संसाधनों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रशासन ने राहत कार्य के लिए नावों की संख्या बढ़ाकर 189 कर दी है। सामुदायिक रसोई केंद्रों की संख्या भी 25 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिले में 20 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कुल 34 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के साथ विभिन्न बाढ़ राहत शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और आपसी समन्वय से राहत कार्य चलाने का निर्देश दिया।
20 मेडिकल कैंप और 34 एंबुलेंस तैनात
बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक मेडिकल कैंप बनाए हैं। इन 20 मेडिकल कैंपों के अलावा 28 सामान्य एंबुलेंस और छह बोट एंबुलेंस लगातार सेवा में लगाई गई हैं। सामुदायिक रसोई केंद्रों के आसपास भी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है। बोट एंबुलेंस खास तौर पर उन इलाकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं जहां सड़क संपर्क बाढ़ के पानी के कारण बाधित है।
बाढ़ के बीच वन्यजीवों से भी खतरा
बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। दियारा क्षेत्रों में पानी बढ़ने के कारण जंगली सूअर और अन्य वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए वन विभाग ने दो रेस्क्यू गाड़ियों के साथ टीम तैनात की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी इलाके में वन्यजीव दिखाई दे तो उसके करीब न जाएं और उसे छेड़ने की कोशिश न करें। वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
यात्रियों को अभी क्या करना चाहिए?
पटना-गया रेलखंड पर परिचालन प्रभावित रहने के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। बाढ़ की स्थिति और जलस्तर के आधार पर रेलवे आगे भी परिचालन संबंधी बदलाव कर सकता है। फिलहाल पुल संख्या-21 पर सुरक्षा कारणों से परिचालन रोकना यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम है। सामान्य परिचालन तभी शुरू होगा जब जलस्तर कम होने के साथ पुल को सुरक्षित घोषित किया जाएगा।