बिहार में BDO के 5 ठिकानों पर EOU Raid, 1.71 करोड़ की संपत्ति का दावा

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बिहार में EOU Raid को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने बहादुरपुर के बीडीओ आनंद कुमार विभूति से जुड़े EOU Raid के तहत पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जा रही है। टीम दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना और पूर्वी चंपारण स्थित ठिकानों के अलावा बहादुरपुर प्रखंड कार्यालय में भी जांच कर रही है।

ईओयू के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बीडीओ की आय के मुकाबले करीब 1.71 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 121.87 प्रतिशत अधिक है।

दरभंगा में आवास से शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह ईओयू की टीम दरभंगा स्थित बीडीओ आनंद कुमार विभूति के आवास पर पहुंची। इसके बाद टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य कागजातों की जांच शुरू की।

एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई। तलाशी के दौरान टीम वित्तीय लेनदेन, संपत्ति और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है।

बताया जा रहा है कि दरभंगा के सैदनगर के जनकपुरी स्थित किराए के आवास पर भी टीम पहुंची। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित किराए के आवास पर भी तलाशी की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

मुजफ्फरपुर वाले आवास पर ताला लगे होने की बात कही गई है। ऐसे में वहां जांच किस तरह आगे बढ़ी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक स्तर पर सामने आना बाकी है।

पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ईओयू के अनुसार, निगरानी कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। टीम ने बीडीओ से जुड़े पांच स्थानों को जांच के दायरे में लिया है।

बताई गई जगहों में पूर्वी चंपारण स्थित पैतृक आवास, पटना के दानापुर के आशोपुर स्थित साई विहार अपार्टमेंट का फ्लैट, दरभंगा के बहादुरपुर स्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी का कार्यालय, सरकारी आवास और मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित निजी आवास शामिल हैं।

एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी का उद्देश्य संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों को जुटाना और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान करना बताया जा रहा है।

कार्रवाई के दौरान टीम किन-किन दस्तावेजों या अन्य सामग्रियों को जांच के लिए ले गई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

1.71 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर EOU का दावा

इस मामले में सबसे अहम जानकारी ईओयू की ओर से सामने आई संपत्ति से जुड़ी है।

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, जांच में बीडीओ आनंद कुमार विभूति की ज्ञात आय से करीब ₹1,71,84,000 अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं।

एजेंसी के अनुसार, यह राशि उनकी आय से लगभग 121.87 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह जांच एजेंसी की ओर से प्रारंभिक जांच में सामने आया दावा है। किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होती है।

ईओयू की मौजूदा कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य आय, संपत्ति और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन करना है।

दो महीने पहले मुजफ्फरपुर से दरभंगा हुए थे ट्रांसफर

जानकारी के अनुसार, आनंद कुमार विभूति करीब दो महीने पहले तक मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड में बीडीओ के पद पर तैनात थे।

इसके बाद उनका तबादला दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में किया गया। मौजूदा समय में वे बहादुरपुर में बीडीओ के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।

उनका मूल निवास पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में बताया गया है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे होने की जानकारी भी सामने आई है।

जांच एजेंसी की कार्रवाई में उनके वर्तमान और पूर्व से जुड़े स्थानों को शामिल किए जाने से संपत्ति और आय के रिकॉर्ड की व्यापक जांच की जा रही है।

सरकारी कार्यालय भी जांच के दायरे में

ईओयू की टीम ने बहादुरपुर स्थित बीडीओ कार्यालय को भी कार्रवाई के दायरे में रखा है।

सरकारी कार्यालय में तलाशी के दौरान प्रशासनिक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। हालांकि, कौन-कौन से रिकॉर्ड जांच में लिए गए या उनकी क्या भूमिका है, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

वहीं सरकारी आवास और निजी ठिकानों पर भी दस्तावेजों की जांच जारी रहने की बात सामने आई है।

एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई होने के कारण जांच एजेंसी अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त जानकारी का मिलान कर सकती है।

आय से अधिक संपत्ति मामले में आगे क्या होगा?

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आम तौर पर अधिकारी की ज्ञात आय और उसके नाम या परिवार से जुड़ी संपत्तियों, निवेश और खर्च का मिलान करती है।

इस मामले में भी ईओयू की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होना बाकी है कि जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज और संपत्ति संबंधी जानकारी सामने आती है।

फिलहाल जांच से जुड़े प्रमुख सवाल हैं:

  • कथित अतिरिक्त संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई?
  • संपत्ति किसके नाम पर दर्ज है?
  • आय और संपत्ति के रिकॉर्ड में कितना अंतर पाया गया?
  • तलाशी में कौन-कौन से दस्तावेज मिले?
  • जांच के बाद ईओयू की आगे की कार्रवाई क्या होगी?

इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने और एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

EOU Raid के बाद कार्रवाई पर सबकी नजर

पांच ठिकानों पर एक साथ शुरू हुई तलाशी ने मामले को गंभीर जांच के दायरे में ला दिया है। ईओयू अब दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आय तथा संपत्ति से जुड़े दावों की जांच कर रही है।

फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में तलाशी अभियान शुरू किया है और एजेंसी ने करीब 1.71 करोड़ रुपये की कथित अतिरिक्त संपत्ति से संबंधित साक्ष्य मिलने की बात कही है।

आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों पर निर्भर करेगी। संबंधित अधिकारी या उनके प्रतिनिधि की ओर से कोई विस्तृत पक्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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