बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत 27 प्रस्ताव मंजूर

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बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बिहार कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा, उद्योग, सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी विकास और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल हैं। सबसे अहम फैसलों में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच साल तक जारी रखना, बेगूसराय में 700 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करना और सीतामढ़ी में 110 करोड़ रुपये से अधिक लागत से रेलवे ओवरब्रिज बनाना शामिल है।

बेगूसराय में 700 एकड़ में बनेगा इंडस्ट्रियल एरिया

कैबिनेट ने बेगूसराय के बरौनी अंचल स्थित मल्हीपुर मौजा की 700 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को देने की मंजूरी दी है। इस जमीन पर बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले से जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए जमीन का एक बड़ा आधार उपलब्ध होगा। इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होने के बाद यहां उद्योगों और निवेश से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह फैसला बिहार में औद्योगिक आधार मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीतामढ़ी में 110 करोड़ से ज्यादा का ROB

सीतामढ़ी जिले में भी कैबिनेट ने अहम बुनियादी ढांचा परियोजना को मंजूरी दी है। परसौनी और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 को हटाकर सड़क ऊपरी पुल यानी ROB बनाया जाएगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 110.42 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें राज्य सरकार करीब 100.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि रेलवे की हिस्सेदारी लगभग 9.93 करोड़ रुपये होगी।

ROB बनने से रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात को सुगम बनाने और सड़क यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को मिली पांच साल की मंजूरी

बिहार के छात्रों के लिए कैबिनेट का फैसला काफी अहम है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था जारी रहेगी।

इस फैसले से उन विद्यार्थियों को मदद मिल सकती है जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा की फीस और दूसरे शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने में कठिनाई महसूस करते हैं। योजना के विस्तार से अगले पांच वर्षों तक इसका लाभ लेने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

अरवल में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लिए जमीन

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अरवल जिले के करपी अंचल में 25 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को स्थायी रूप से देने की मंजूरी दी गई है।

इस जमीन पर सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल के निर्माण का प्रस्ताव है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुल सकता है।

स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण हो सकती है।

नगर निकायों के लिए 9,169 करोड़ रुपये

शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के सभी नगर निकायों के लिए बेसिक और परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में कुल 9,169 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

इसमें पटना नगर निगम के लिए विशेष बुनियादी ढांचा घटक और शहरीकरण प्रीमियम से मिलने वाली राशि भी शामिल है। इससे नगर निकायों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को वित्तीय समर्थन मिलने की उम्मीद है।

पटना में नेहरू पथ के चौड़ीकरण को मंजूरी

राजधानी पटना के यातायात और सड़क ढांचे से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट बैठक में पारित हुआ। नई राजधानी पथ परियोजना के तहत डाकबंगला चौराहे से रुकनपुरा तक नेहरू पथ के चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 39.80 करोड़ रुपये रखी गई है। सड़क चौड़ीकरण से इस प्रमुख मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

बकरी पालन और पशुपालन से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने सात निश्चय-3 के तहत बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी परिसंघ के गठन और योजना को भी मंजूरी दी है। तीन वित्तीय वर्षों 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए इसकी अनुमानित लागत 14.79 करोड़ रुपये होगी।

इसके साथ ही राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बछिया-पाड़ी पालन केंद्र स्थापित करने के लिए 73.47 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है।

इस परियोजना में केंद्र सरकार का 4.55 करोड़ रुपये का अनुदान शामिल है, जबकि 68.92 करोड़ रुपये सात निश्चय-3 के तहत राज्य सरकार खर्च करेगी।

सीवान और मुजफ्फरपुर में बनेंगे ग्रिड सबस्टेशन

बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीवान और मुजफ्फरपुर में ग्रिड उपकेंद्रों से संबंधित प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए हैं।

सीवान के मैरवा में 7.44 एकड़ जमीन पर केवी ग्रिड उपकेंद्र के लिए जमीन ट्रांसफर की मंजूरी मिली है। इसके लिए 3.15 करोड़ रुपये भुगतान किए जाएंगे।

मुजफ्फरपुर के गायघाट में 3.15 एकड़ जमीन पर 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र के लिए 1.98 करोड़ रुपये भुगतान को मंजूरी दी गई है।

संग्रहालय, आसरा गृह और ई-कैबिनेट को भी मंजूरी

कैबिनेट के 27 फैसलों में बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय के संचालन के लिए 40 करोड़ रुपये की सहायता का प्रस्ताव भी शामिल है।

दिव्यांगजनों के लिए पूर्णिया और गया में 50-50 क्षमता वाले दो नए आसरा गृह स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा ई-कैबिनेट प्रणाली के लिए 2.75 करोड़ रुपये खर्च करने और मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।

बिहार कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में

  • 27 प्रस्तावों को मंजूरी
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2030-31 तक जारी
  • छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण
  • बेगूसराय में 700 एकड़ में इंडस्ट्रियल एरिया
  • सीतामढ़ी में 110.42 करोड़ रुपये का ROB
  • अरवल में 25 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल का प्रस्ताव
  • नगर निकायों के लिए 9,169 करोड़ रुपये
  • पटना में नेहरू पथ चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपये
  • सीवान और मुजफ्फरपुर में ग्रिड सबस्टेशन
  • पूर्णिया और गया में दिव्यांगजनों के लिए नए आसरा गृह

कुल मिलाकर, बिहार कैबिनेट के इन 27 फैसलों में शिक्षा से लेकर उद्योग, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और शहरी विकास तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। खास तौर पर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला है, जबकि बेगूसराय का औद्योगिक क्षेत्र और सीतामढ़ी का ROB क्षेत्रीय विकास के लिहाज से अहम परियोजनाएं हैं।

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