अनंत सिंह के तेवर से JDU में हलचल, बोले- नीरज ने मेरा साथ नहीं दिया
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👉 WhatsApp से जुड़ेंपटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर अनंत सिंह के रुख ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अनंत सिंह ने साफ कहा है कि वह निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार के साथ हैं। खास बात यह है कि JDU ने इस चुनाव में नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।
मोकामा से JDU विधायक के इस खुले समर्थन के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ खड़े हो गए हैं? हालांकि, उन्होंने इसे पार्टी से बगावत के तौर पर पेश नहीं किया है और अपने पुराने राजनीतिक संबंधों तथा नीरज कुमार को लेकर अपनी नाराजगी का हवाला दिया है।
डॉ. अनुज कुमार के समर्थन पर कायम हैं अनंत सिंह
बीते 7 सितंबर को पटना स्थित JDU कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की मौजूदगी में पटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
इस बैठक में अनंत सिंह भी शामिल हुए थे। बैठक के बाद ऐसा संकेत मिला कि पार्टी के भीतर उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थन को लेकर स्थिति सामान्य है।
लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद बिहटा में अनंत सिंह डॉ. अनुज कुमार के साथ नजर आए। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया कि वह डॉ. अनुज कुमार के समर्थन में हैं।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने डॉ. अनुज कुमार को अपना आशीर्वाद पहले ही दे दिया है और वह उनके साथ हैं। इससे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है।
नीरज कुमार पर अनंत सिंह ने क्या कहा?
जब उनसे JDU कार्यालय में हुई बैठक और नीरज कुमार के समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया तो अनंत सिंह ने कहा कि बैठक में इस तरह की कोई बात नहीं हुई थी।
उन्होंने नीरज कुमार का नाम सीधे तौर पर लिए बिना अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। अनंत सिंह के मुताबिक, एक ही राजनीतिक दल में रहने के बावजूद नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया।
अनंत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनके चुनावों में मदद नहीं की गई, तब पार्टी की ओर से ऐसी कोई बैठक नहीं हुई। ऐसे में अब वह उनकी मदद क्यों करें।
उनका यह बयान दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक मतभेदों की ओर इशारा करता है। हालांकि, नीरज कुमार की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
मोकामा की 26 पंचायतों का समर्थन मिलने का दावा
अनंत सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा में डॉ. अनुज कुमार के समर्थन को लेकर भी सक्रियता दिखाई है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कुल 26 पंचायतें आती हैं।
दावे के अनुसार, अनंत सिंह ने इन पंचायतों से जुड़े समर्थकों से पटना स्नातक MLC चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार का समर्थन करने की अपील की।
बताया गया कि उनकी अपील के बाद सभी पंचायतों ने डॉ. अनुज कुमार के समर्थन का ऐलान किया है। अगर यह समर्थन चुनाव तक कायम रहता है, तो इसका असर स्थानीय स्तर पर वोटों के समीकरण पर पड़ सकता है।
हालांकि, चुनावी राजनीति में किसी नेता या समर्थक समूह का समर्थन अंतिम परिणाम की गारंटी नहीं होता। मतदान के दौरान वास्तविक वोट ट्रांसफर कितना होता है, यह अलग विषय है।
JDU के लिए क्यों अहम है अनंत सिंह का रुख?
पटना स्नातक MLC चुनाव में JDU ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में पार्टी के एक मौजूदा विधायक का किसी निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन में खुलकर आना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
अनंत सिंह का मोकामा क्षेत्र में अपना राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। इसलिए उनके समर्थन से डॉ. अनुज कुमार को स्थानीय स्तर पर चुनावी फायदा मिल सकता है।
दूसरी ओर, JDU के लिए चुनौती यह है कि पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार और विधायक का समर्थन अलग-अलग दिशाओं में दिखाई दे रहा है। इससे पार्टी के स्थानीय संगठन और समर्थकों के सामने भी स्थिति स्पष्ट रखने की जरूरत बढ़ सकती है।
हालांकि, अभी इसे सीधे तौर पर JDU से अनंत सिंह की बगावत कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने पार्टी छोड़ने या किसी अन्य दल में जाने की घोषणा नहीं की है। फिलहाल विवाद का केंद्र पटना स्नातक MLC चुनाव में उम्मीदवार को लेकर उनका अलग राजनीतिक रुख है।
क्या अनंत सिंह JDU से बगावत करेंगे?
अनंत सिंह के मौजूदा बयान के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि वह JDU से औपचारिक बगावत करने जा रहे हैं। उन्होंने फिलहाल सिर्फ पटना स्नातक MLC चुनाव में डॉ. अनुज कुमार के समर्थन की बात कही है।
उनके बयान से यह जरूर साफ है कि नीरज कुमार को लेकर उनकी नाराजगी पुरानी है। उन्होंने चार विधानसभा चुनावों में कथित विरोध और सहयोग नहीं मिलने को अपने वर्तमान रुख की वजह बताया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि JDU नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी की ओर से अनंत सिंह से बातचीत की जाती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अनंत सिंह चुनाव प्रचार के दौरान डॉ. अनुज कुमार के समर्थन में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल बिहार के सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सिर्फ एक MLC चुनाव को लेकर मतभेद है या आने वाले दिनों में JDU और अनंत सिंह के रिश्तों में इसका बड़ा राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
