2029 तक नशामुक्त होगा भारत! अमित शाह ने बताया सरकार का बड़ा प्लान
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👉 WhatsApp से जुड़ेंकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर सरकार की तीन साल की रणनीति सामने रखी है। गोवा में तीन दिवसीय दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने नशीले पदार्थों के खिलाफ देशव्यापी और समन्वित अभियान चलाने पर जोर दिया। सरकार का फोकस ड्रग तस्करी रोकने के साथ-साथ नशे की मांग कम करने, नशामुक्ति और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने पर भी रहेगा।
अमित शाह के अनुसार, वर्ष 2019 के बाद से केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में प्रवर्तन, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, वित्तीय जांच और पुनर्वास जैसे क्षेत्रों को मजबूत किया है। सरकार अब इन प्रयासों को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
2024 तक जब्त हुई करोड़ों किलो नशीली दवाएं
गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देशभर में 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। इसी अवधि में 48.66 लाख किलोग्राम से अधिक जब्त मादक पदार्थों को नष्ट भी किया गया।
सरकार का मानना है कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए तस्करी के नेटवर्क, अवैध धन के प्रवाह, नशीले पदार्थों के निर्माण और युवाओं में नशे की मांग को एक साथ निशाना बनाना जरूरी है।
चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगी रणनीति
अमित शाह ने अगले तीन वर्षों के लिए तैयार रोडमैप के चार प्रमुख आधार बताए। इनमें खुफिया जानकारी और अभियानों पर आधारित कार्रवाई, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, नशे की मांग और उससे होने वाले नुकसान को कम करना तथा संस्थागत क्षमता और आपसी समन्वय बढ़ाना शामिल है।
सरकार ने अगले तीन वर्षों में 100 अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा विदेशों में मौजूद 100 मादक पदार्थों से जुड़े भगोड़ों को भारत लाने और 100 गुप्त ड्रग लैब को नष्ट करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
50 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा नशामुक्ति अभियान
केंद्र सरकार की योजना इस अभियान को देश के बड़े हिस्से तक पहुंचाने की है। इसके तहत करीब 50 करोड़ नागरिकों को अभियान से जोड़ने और एक लाख ‘नशा मुक्त मित्र’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। ये लोग समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाएंगे।
इसके साथ ही देश में नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 करने की योजना है। इसका उद्देश्य नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अमित शाह ने गोवा में मौजूद एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का भी उल्लेख किया। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए आम लोगों और मीडिया से सहयोग की अपील की। सरकार के इस तीन वर्षीय रोडमैप में कार्रवाई के साथ जागरूकता, उपचार और पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
