तेजस्वी का बड़ा ऐलान, 19 अगस्त को लोकभवन तक मार्च करेगी RJD
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बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के कथित इस्तेमाल का मामला अब राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। छात्र आंदोलन से जुड़े इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है। तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को पटना में बड़ा मार्च निकालने का ऐलान किया है। तेजस्वी यादव के मुताबिक, यह मार्च वीरचंद पटेल पथ स्थित RJD मुख्यालय से लोकभवन तक जाएगा। पार्टी ने इसे छात्रों को न्याय दिलाने और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग से जोड़ते हुए व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप देने की तैयारी की है।
19 अगस्त को RJD का लोकभवन मार्च
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान मार्च की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को RJD के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर उतरेंगे। मार्च का उद्देश्य छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कथित AK-47 इस्तेमाल के मामले में जवाब मांगना है। RJD का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा। उनके इस बयान से साफ है कि RJD इस मुद्दे को आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक अभियान के तौर पर उठाने की तैयारी में है।
विपक्षी दलों को भी साथ लाने की कोशिश
तेजस्वी यादव ने कहा कि मार्च को लेकर विपक्षी दलों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने अन्य विपक्षी दलों को भी आंदोलन में शामिल होने का न्योता देने की बात कही। RJD का प्रयास है कि छात्र आंदोलन से जुड़े इस मुद्दे को केवल पार्टी तक सीमित न रखा जाए। तेजस्वी ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश आखिर किस स्तर से दिया गया था। उनका कहना है कि इस सवाल का जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
एक सिपाही के निलंबन पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने प्रेसवार्ता में एक सिपाही के निलंबन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से आवाज उठने के बाद एक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई, लेकिन संबंधित एसपी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
RJD नेता ने मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की। उनका तर्क है कि कथित तौर पर AK-47 जैसी राइफल के इस्तेमाल का फैसला केवल निचले स्तर पर लिया गया या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए तेजस्वी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का भी आभार जताया। RJD इसे छात्रों के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।
PM, CM और गृह मंत्री पर तेजस्वी का निशाना
प्रेसवार्ता में तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर अब तक इन शीर्ष नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से पर्याप्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। तेजस्वी ने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से मुख्यमंत्री या कोई उपमुख्यमंत्री मिलने क्यों नहीं गया। उन्होंने कहा कि अगर उस दौरान किसी मासूम छात्र की जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। इसलिए पूरे मामले में आगे आने वाली आधिकारिक जांच और सरकारी बयान महत्वपूर्ण होंगे। प्रेसवार्ता के दौरान RJD सांसद मीसा भारती, अभय कुशवाहा और संजय यादव भी मौजूद रहे। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी संगठन स्तर पर इस आंदोलन को व्यापक बनाने की तैयारी कर रही है।
पहले DGP से मिल चुके हैं तेजस्वी
AK-47 के कथित इस्तेमाल का मुद्दा तेजस्वी यादव पहले भी उठा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, वह बिहार के DGP विनय कुमार से मुलाकात कर चुके हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग रख चुके हैं। 25 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 के इस्तेमाल को लेकर तेजस्वी के नेतृत्व में RJD प्रतिनिधिमंडल DGP से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने सीवान के एसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस मुलाकात के बाद भी RJD की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब पार्टी ने 19 अगस्त के मार्च के जरिए इस मुद्दे को सड़क पर ले जाने का फैसला किया है।
सबसे बड़ा सवाल: आदेश किसने दिया?
इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल यही है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित रूप से AK-47 के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। तेजस्वी यादव लगातार सरकार से इसी सवाल का स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं। RJD का आरोप है कि इतनी गंभीर कार्रवाई बिना वरिष्ठ स्तर के निर्देश के संभव नहीं हो सकती। वहीं, इस आरोप की वास्तविकता जांच और आधिकारिक तथ्यों से ही स्पष्ट होगी। 19 अगस्त का प्रस्तावित मार्च इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें RJD अपने सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को भी शामिल करेगी। विपक्षी दलों की भागीदारी से आंदोलन का राजनीतिक असर और बढ़ सकता है। फिलहाल सबकी नजर 19 अगस्त के मार्च और उससे पहले होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर है। यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या जवाब देती है और क्या विपक्षी दल RJD के आंदोलन में शामिल होते हैं।