प्रदर्शन के बीच SDM ने RJD कार्यकर्ताओं को सिखाया तिरंगा संभालना, बोलीं- उल्टा न पकड़ें
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पटना में राजभवन मार्च को लेकर जेपी गोलंबर के आसपास RJD कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। राजभवन मार्च में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे हैं। इसी बीच पटना सदर एसडीएम कृतिका ने प्रदर्शनकारियों से राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान बनाए रखने की अपील की है। एसडीएम ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि उनके हाथों में देश की आन-बान-शान तिरंगा है। इसलिए मार्च के दौरान राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों और उसकी गरिमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
तिरंगे को सीधा रखने की SDM ने की अपील
पटना सदर एसडीएम कृतिका ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की पहचान और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए इसे सम्मान के साथ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने खास तौर पर कार्यकर्ताओं से तिरंगे को सीधा पकड़ने की अपील की। एसडीएम ने कहा कि कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं से उन्होंने तुरंत उसे सही करने को कहा। मार्च में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना के बीच प्रशासन की ओर से यह अपील अहम मानी जा रही है। भीड़ के दौरान राष्ट्रीय ध्वज नीचे न गिरे, इसका भी ध्यान रखने को कहा गया है।
जमीन और कीचड़ में न छूने दें तिरंगा
एसडीएम कृतिका ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा ऊपर और सम्मानजनक स्थिति में रखा जाए। किसी भी परिस्थिति में तिरंगा जमीन, पानी या कीचड़ को नहीं छूना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि मार्च के दौरान तिरंगे को संभालकर रखें। भीड़ या धक्का-मुक्की की स्थिति में भी राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद तिरंगों को सड़क या किसी अन्य स्थान पर छोड़ने के बजाय सम्मानपूर्वक एक जगह एकत्र किया जाएगा। इसमें कार्यकर्ताओं से सहयोग करने की अपील की गई है।
तिरंगे पर राजनीतिक चिन्ह लगाने से भी रोका
एसडीएम ने RJD कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय ध्वज के साथ राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगे के ऊपर राजनीतिक चिन्ह चिपकाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि राजनीतिक कार्यक्रम होने के बावजूद राष्ट्रीय ध्वज की पहचान और गरिमा से किसी तरह का समझौता न किया जाए। प्रशासन की इस अपील का उद्देश्य मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
छात्रों के मुद्दे पर तेजस्वी यादव का राजभवन मार्च
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव छात्रों से जुड़े मुद्दों और सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर AK-47 चलाने के आरोप को लेकर राजभवन मार्च कर रहे हैं। मार्च की शुरुआत जेपी गोलंबर से होनी है। तेजस्वी यादव ने RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ छात्र संगठनों से भी इसमें शामिल होने की अपील की थी। RJD का यह मार्च छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मार्च के दौरान पार्टी नेता सरकार के सामने अपनी मांगें और विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। हालांकि, छात्र नेता दिलीप ने इस मार्च में शामिल होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्र कोई राजनीतिक पार्टी नहीं हैं और उनका आंदोलन अपने मुद्दों को लेकर है। इस बयान से यह भी स्पष्ट है कि छात्र आंदोलन और राजनीतिक दल के कार्यक्रम के बीच दूरी बनाए रखने को लेकर कुछ छात्र नेताओं की अलग राय है।
तिरंगा लेकर जेपी गोलंबर पहुंचे RJD कार्यकर्ता
राजभवन मार्च से पहले पटना की सड़कों पर RJD कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती नजर आ रही है। कई समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर जेपी गोलंबर के आसपास पहुंच चुके हैं। मार्च में शामिल होने पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने छात्रों के मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। कुछ कार्यकर्ताओं ने यहां तक कहा कि वे छात्रों के लिए संघर्ष में ‘AK-47 की गोली भी खाने’ को तैयार हैं। हालांकि, ऐसे बयानों के बीच प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करने और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
मार्च के दौरान प्रशासन की नजर रहेगी
राजभवन मार्च जैसे बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में भीड़ बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहती है। जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में जुट रहे कार्यकर्ताओं को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। तिरंगे को लेकर एसडीएम की अपील इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। प्रशासन चाहता है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का किसी भी तरह से अनादर न हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाला राजभवन मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।