शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू यादव से की मुलाकात, बिहार में सियासी हलचल तेज


 

अभिनेता से नेता बने टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने शनिवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। Shatrughan Sinha Meets Lalu Yadav मुलाकात के बाद सिन्हा ने इसे व्यक्तिगत बताते हुए कहा कि लालू प्रसाद से उनकी दोस्ती काफी पुरानी है। Shatrughan Sinha Meets Lalu Yadav की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब बिहार की राजनीति में अलग-अलग नेताओं की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं।

लालू यादव से मुलाकात के बाद क्या बोले शत्रुघ्न सिन्हा?

लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि दोनों के बीच पुराना संबंध है। उन्होंने लालू यादव को केवल राजनीतिक साथी या परिचित के बजाय पारिवारिक मित्र बताया।

सिन्हा के मुताबिक, जब भी वह पटना आते हैं तो लालू प्रसाद से मुलाकात करने की कोशिश करते हैं। शनिवार की मुलाकात भी इसी व्यक्तिगत संबंध के तहत हुई।

उन्होंने लालू प्रसाद को देश का बड़ा और प्रभावशाली नेता बताते हुए कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग उन्हें गरीबों के हितों की आवाज उठाने वाले नेता के तौर पर देखता है।

मुलाकात के बाद क्यों शुरू हुई राजनीतिक चर्चा?

मुलाकात के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में इसके संभावित राजनीतिक मायने तलाशे जाने लगे। इसकी एक वजह यह भी है कि शत्रुघ्न सिन्हा बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले चर्चित नेताओं में शामिल हैं।

हालांकि, सिन्हा ने खुद इस मुलाकात को किसी राजनीतिक रणनीति या नए समीकरण से जोड़ने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह लालू यादव का हालचाल पूछने और पुराने दोस्त से मिलने पहुंचे थे।

यानी मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा की ओर से किसी नए राजनीतिक कदम का संकेत नहीं दिया गया है।

लालू-राबड़ी की सेहत को लेकर भी की कामना

मुलाकात के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।

उनके बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश दिखी कि मुलाकात का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत संबंध निभाना था। हालांकि, बिहार जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में बड़े नेताओं की मुलाकात अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है।

इसी वजह से लालू यादव और शत्रुघ्न सिन्हा की इस मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर का किया था समर्थन

शत्रुघ्न सिन्हा इससे पहले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी चर्चा में रहे थे। उस दौरान उन्होंने जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर के समर्थन में अपनी बात रखी थी।

उन्होंने प्रशांत किशोर की जीत की तारीफ करते हुए इसे बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटना बताया था। सिन्हा के इस रुख के बाद भी उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा हुई थी।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रशांत किशोर को बधाई देते हुए बिहार के युवाओं के बीच उनके प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख किया था।

एक्स पर प्रशांत किशोर की जीत की तारीफ

बांकीपुर चुनाव परिणाम के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक्स पर प्रशांत किशोर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की थी। उन्होंने खुद को 'बिहारी बाबू' बताते हुए कहा था कि बांकीपुर में मिली जीत से बिहार के लोगों और खासकर युवाओं में उत्साह देखने को मिला।

सिन्हा ने प्रशांत किशोर को बिहार के भविष्य से जोड़ते हुए उम्मीद जताई थी कि वह जनता से किए गए वादों और लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

इस बयान ने उस समय बिहार के राजनीतिक हलकों में काफी ध्यान खींचा था। अब लालू यादव से उनकी मुलाकात के बाद पुराने राजनीतिक संदर्भों को भी फिर से चर्चा में लाया जा रहा है।

तेजस्वी और तेज प्रताप से नहीं हुई मुलाकात

जानकारी के मुताबिक, शत्रुघ्न सिन्हा की लालू यादव से मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव मौजूद नहीं थे।

बताया गया कि तेजस्वी यादव राजनीतिक काम के सिलसिले में बाहर थे, जबकि तेज प्रताप यादव भी पटना में मौजूद नहीं थे। इसलिए सिन्हा की मुलाकात मुख्य रूप से लालू प्रसाद यादव से ही हुई।

यह पहलू भी इसलिए चर्चा में है क्योंकि लालू परिवार के राजनीतिक उत्तराधिकार और आरजेडी की गतिविधियां बिहार की राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

क्या इस मुलाकात का कोई राजनीतिक संदेश है?

फिलहाल इस मुलाकात से किसी नए राजनीतिक समीकरण या गठबंधन का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। शत्रुघ्न सिन्हा ने खुद इसे निजी मुलाकात बताया है और लालू यादव के साथ अपने पुराने रिश्ते का हवाला दिया है।

दूसरी ओर, बिहार की राजनीति में किसी प्रमुख नेता की आरजेडी सुप्रीमो से लंबी मुलाकात स्वाभाविक रूप से चर्चा पैदा करती है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि दोनों नेताओं की ओर से कोई राजनीतिक बयान सामने आता है, तो इस मुलाकात को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि शत्रुघ्न सिन्हा और लालू यादव की मुलाकात व्यक्तिगत रिश्ते के तौर पर बताई गई है, जबकि इसके राजनीतिक मायनों को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

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