समस्तीपुर में 540 लीटर विदेशी शराब जब्त, ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ फरार हुए तस्कर
Samastipur News में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। Samastipur News के तहत रोसड़ा में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में ट्रैक्टर-ट्रॉली से 540 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। हालांकि पुलिस टीम के पहुंचने से पहले कथित तस्कर मौके से फरार हो गए। मामले में दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
उत्पाद विभाग का कहना है कि बरामद शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था, इसकी भी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले के तार बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि ट्रैक्टर के माध्यम से भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही उत्पाद थानाध्यक्ष पल्लवी कुमारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद रोसड़ा-बेगूसराय मुख्य सड़क पर थतिया के समीप वाहनों की जांच शुरू की गई।
छापेमारी के दौरान सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाशी ली गई। तलाशी में विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब से भरी 60 कार्टन बरामद हुई।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब की कुल मात्रा 540 लीटर है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी कब्जे में लेकर उत्पाद थाना पहुंचा दिया।
दो नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
इस मामले में विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कापन गांव निवासी संतोष कुमार और बोरिया गांव निवासी मिथुन कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उत्पाद विभाग का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद शराब की खेप किस राज्य या जिले से लाई गई थी और इसकी आपूर्ति किस स्थान पर की जानी थी।
पूरे तस्करी नेटवर्क की होगी जांच
प्राथमिक जांच के बाद अब उत्पाद विभाग पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी किसी संगठित गिरोह की ओर इशारा करती है।
इसलिए केवल नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई चेन, परिवहन मार्ग और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य और अन्य सूचनाओं का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
उत्पाद विभाग का बयान
मद्य निषेध अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शराब तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
शराब तस्करी पर लगातार कार्रवाई
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद उत्पाद विभाग और पुलिस समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाते रहे हैं।
हाल के महीनों में विभिन्न जिलों से बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल बरामदगी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना भी जरूरी है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग दोनों नामजद आरोपियों की तलाश में जुटे हैं।
बरामद ट्रैक्टर-ट्रॉली, शराब के कार्टन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
