PM मोदी को गाली देने वाली रुचिका सिंह ने मांगी माफी, उम्र को लेकर नया विवाद
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👉 WhatsApp से जुड़ेंरुचिका सिंह माफी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रुचिका सिंह माफी वीडियो सामने आने के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन, दर्ज जीरो एफआईआर और उसकी उम्र को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। वीडियो में रुचिका सिंह हाथ जोड़कर अपनी टिप्पणी पर माफी मांगती दिखाई दे रही हैं और इसे अपनी "पहली और आखिरी गलती" बता रही हैं। वहीं, वायरल वीडियो में बताई गई उम्र और एफआईआर में दर्ज उम्र के बीच अंतर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर सोशल मीडिया, राजनीतिक दलों और आम लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित अभद्र भाषा का प्रयोग करती दिखाई दी।
वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद रुचिका सिंह के नाम से एक माफी वाला वीडियो सामने आया, जिसमें वह हाथ जोड़कर अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त करती हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
माफी वीडियो में रुचिका सिंह ने क्या कहा?
वायरल वीडियो में रुचिका सिंह कहती हैं कि उनकी उम्र 15 वर्ष है और वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थीं।
उनका दावा है कि पास में चल रहे प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद लोगों द्वारा लगातार नारे लगाए जा रहे थे। उसी माहौल में उन्होंने भी भावावेश में ऐसे शब्द बोल दिए, जो नहीं बोलने चाहिए थे।
वीडियो में वह कहती हैं कि उन्हें अपनी गलती का एहसास है और वह भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगी। उन्होंने लोगों से उन्हें माफ करने की अपील भी की।
उम्र को लेकर क्यों उठे सवाल?
मामले में नया मोड़ तब आया जब वायरल वीडियो में रुचिका सिंह ने अपनी उम्र 15 साल बताई, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जीरो एफआईआर में उनकी उम्र 25 वर्ष बताई गई है।
यही अंतर अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग वीडियो में किए गए दावे और पुलिस दस्तावेज में दर्ज जानकारी की तुलना कर रहे हैं।
फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई अंतिम स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे या युवा से गलती हो जाती है तो उसे सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अपील की कि समाज को गुमराह युवाओं को सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समाज में शालीन भाषा और मर्यादित संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना आवश्यक है।
एफआईआर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े पदाधिकारियों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभिव्यक्ति और आपराधिक कार्रवाई के बीच संतुलन पर चर्चा होनी चाहिए।
दूसरी ओर, कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर किसी भी व्यक्ति, विशेषकर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति या उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
यह मामला सोशल मीडिया पर भी दो अलग-अलग धाराओं में बंटता दिखाई दे रहा है।
एक वर्ग का कहना है कि माफी मांगने के बाद विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। वहीं दूसरा वर्ग मानता है कि सार्वजनिक मंच पर मर्यादा का पालन हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करे।
इसी बीच पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने या किसी को उकसाने में किन लोगों की भूमिका रही।
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में कई दावे और प्रतिदावे सामने आए हैं। वायरल वीडियो, उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी और एफआईआर से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।
ऐसे में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट और तथ्य सामने आने का इंतजार करना जरूरी होगा।
