ड्राइवर ही निकला EO का कातिल! पेशाब को लेकर विवाद में लोहे की रॉड से हत्या
Rohtas EO Murder मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। Rohtas EO Murder की शुरुआती कहानी में अपराधियों के हमले की बात कही गई थी, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या उनके ही चालक मिथिलेश कुमार ने की। पुलिस के अनुसार, मामूली विवाद के बाद चालक ने लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी और बाद में घटना को दुर्घटना व अपराधियों के हमले का रूप देने की कोशिश की।
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने घटनास्थल का निरीक्षण और सीन रिक्रिएशन (घटनाक्रम का पुनर्निर्माण) कराया। इसी दौरान चालक के बयान में विरोधाभास सामने आने के बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
सीन रिक्रिएशन में खुली पूरी साजिश
रविवार को आईजी विकास वैभव ने औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, एसडीपीओ सुशील कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान चालक मिथिलेश कुमार से घटनास्थल पर पूरी घटना दोबारा कराई गई। पुलिस ने पाया कि उसके बयान लगातार बदल रहे थे। पहले उसने दो बाइक सवार बदमाशों का दावा किया, फिर एक बाइक सवार की बात कही।
लगातार बदलते बयानों के कारण पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद हुई पूछताछ में चालक ने हत्या की पूरी कहानी बता दी।
पेशाब करने को लेकर हुआ विवाद, फिर लोहे की रॉड से हमला
पुलिस के अनुसार, शनिवार देर शाम डेहरी में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार पटना के लिए रवाना हुए थे। वाहन उनका चालक मिथिलेश कुमार चला रहा था।
बारुण थाना क्षेत्र में धनौती और लख डिहरा के बीच चालक ने गाड़ी रोककर पेशाब करने की इच्छा जताई। पुलिस के अनुसार, इस बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया।
बताया गया कि विवाद बढ़ने के बाद चालक ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद वह वाहन से उतरा और गाड़ी के पिछले हिस्से में रखी लोहे की रॉड निकालकर ईओ पर कई बार हमला कर दिया।
हमले में विमल कुमार गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद रची दुर्घटना और बदमाशों की कहानी
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी चालक ने सबूत छिपाने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, उसने वाहन को इस तरह नहर की ओर गिराने का प्रयास किया, जिससे मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे।
जब उसे लगा कि यह कहानी लोगों को विश्वास नहीं दिला पाएगी, तब उसने बाइक सवार अपराधियों द्वारा हत्या किए जाने की झूठी कहानी गढ़ दी।
आरोपी ने खुद लोगों और पुलिस को फोन कर बताया कि अज्ञात बदमाशों ने हमला कर ईओ की हत्या कर दी है।
हालांकि पुलिस पूछताछ के दौरान उसके बयान लगातार बदलते रहे, जिससे जांच की दिशा बदल गई।
काम के दबाव और पुराने विवाद की भी जांच
आईजी विकास वैभव ने बताया कि पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से काम के अत्यधिक दबाव में था।
उसने यह भी बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी के साथ पहले भी कई बार उसकी कहासुनी हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार, नगर परिषद के कर्मचारियों से भी इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन दिन में भी दोनों के बीच बहस हुई थी।
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्या अचानक गुस्से में हुई या इसके पीछे कोई और कारण था।
हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हत्या के बाद लोहे की रॉड नहर में फेंक दी थी।
रॉड बरामद करने के लिए गोताखोरों की टीम को लगाया गया है। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
घटनास्थल की घेराबंदी कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि जांच पूरी तरह तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ सके।
अब आगे क्या होगी कार्रवाई?
पुलिस ने आरोपी चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उससे आगे भी पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियां हत्या में प्रयुक्त हथियार, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से मिले अन्य सुरागों को जोड़कर चार्जशीट तैयार करेंगी।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने इसलिए भी सभी को चौंकाया क्योंकि शुरुआती सूचना में अपराधियों के हमले की बात सामने आई थी, जबकि जांच में मामला पूरी तरह अलग निकला।
