PM मोदी ने सराहा भारत का Interactive Historical Atlas, युवाओं से की खास अपील
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👉 WhatsApp से जुड़ेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में भारत के इतिहास को रोचक और आसान तरीके से समझाने वाली एक डिजिटल पहल की सराहना की। मुंबई के कृष्ण शेषाद्रि द्वारा तैयार India’s Interactive Historical Atlas का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह छात्रों के साथ-साथ इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर शासन करने वाले राजवंशों और शासकों की जानकारी को नक्शे के माध्यम से प्रस्तुत करता है। उपयोगकर्ता किसी खास वर्ष का चयन कर उस समय भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद सत्ता और राज्यों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
13 सदियों के इतिहास को एक प्लेटफॉर्म पर समझने की कोशिश
कृष्ण शेषाद्रि की इस पहल को भारत के जटिल राजनीतिक और भौगोलिक इतिहास को इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वेबसाइट पर 700 ईस्वी से वर्तमान समय तक का करीब 13 शताब्दियों का कालखंड देखा जा सकता है।
प्लेटफॉर्म में एक डायनेमिक टाइम स्लाइडर दिया गया है, जिसकी मदद से उपयोगकर्ता किसी विशेष वर्ष तक पहुंचकर उस समय की राजनीतिक सीमाओं और सत्ता में हुए बदलावों को देख सकते हैं।
इसमें केवल बड़े साम्राज्यों की सामान्य जानकारी देने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों के स्तर पर सत्ता परिवर्तन को मैप करने का प्रयास किया गया है। मुगल साम्राज्य, मराठा साम्राज्य और विभिन्न क्षेत्रीय रियासतों समेत कई ऐतिहासिक शक्तियों की बदलती सीमाओं को इसमें देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी पहल इतिहास के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होने के साथ विषय को दिलचस्प तरीके से समझने में भी मदद कर सकती है।
AI की मदद से तैयार किया गया डिजिटल प्रोजेक्ट
पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कृष्ण शेषाद्रि से बातचीत भी की। खास बात यह है कि शेषाद्रि के पास पेशेवर कोडिंग का पहले से कोई अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने आधुनिक जनरेटिव AI टूल्स की मदद लेकर इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का कोड और डेटाबेस तैयार किया।
इस पहल का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू इसका ओपन-सोर्स स्वरूप है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वेबसाइट के मैपिंग डेटा को Creative Commons Zero यानी CC0 लाइसेंस के तहत उपलब्ध कराया गया है।
इसका मतलब है कि विद्यार्थी, शिक्षक, कंटेंट क्रिएटर और मीडिया संस्थान इन मैप लेआउट्स का इस्तेमाल, बदलाव और प्रिंटिंग कर सकते हैं। इसके लिए अलग से अनुमति या कॉपीराइट क्लीयरेंस की जरूरत नहीं होती।
बातचीत के दौरान शेषाद्रि ने खुद को इतिहास और तकनीक में रुचि रखने वाला व्यक्ति बताया। उनकी इस बात पर प्रधानमंत्री मोदी भी मुस्कुराए और बातचीत के अंत में उन्हें शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने युवाओं से की नशामुक्त भारत की अपील
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने नशामुक्त भारत अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ रही है और इसका लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने युवाओं, छात्रों, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से रचनात्मक माध्यमों के जरिए नशामुक्त जीवन का संदेश फैलाने की अपील की।
गीत, नाटक और भारतीय भाषाओं में कंटेंट बनाने का सुझाव
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं और कलाकारों को अलग-अलग रचनात्मक तरीकों से नशे के खिलाफ संदेश देने का सुझाव दिया। उन्होंने युवा संगीतकारों से नशामुक्त जीवन पर गीत तैयार करने और छात्रों तथा थिएटर समूहों से छोटे नाटकों के जरिए इसके दुष्परिणामों को सामने लाने की अपील की।
उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से भारतीय भाषाओं में ऐसे वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री बनाने को भी कहा, जिन्हें सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, रचनात्मक प्रयास कई बार औपचारिक सरकारी अभियानों की तुलना में लोगों पर ज्यादा प्रभाव डाल सकते हैं। इस दौरान उन्होंने युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी सुना। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुवाहाटी में और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना।
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