मुजफ्फरपुर में 1100 फीट तिरंगे ने मचाई धूम, देशभक्ति से गूंजा शहर
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुजफ्फरपुर तिरंगा यात्रा ने शहर में देशभक्ति का ऐसा माहौल बनाया कि सड़कों से लेकर घरों की छतों तक हर तरफ तिरंगा नजर आया। मुजफ्फरपुर तिरंगा यात्रा में सैकड़ों युवाओं ने 1100 फीट लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से शहर गूंजता रहा।
‘मुजफ्फरपुर परिवार’ की ओर से आयोजित इस यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। कई लोग अपने घरों की छतों और खिड़कियों से विशाल तिरंगे को निहारते दिखाई दिए।
यात्रा के दौरान देशभक्ति गीतों और नारों ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। युवाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास आकर्षण दिया।
अखाड़ाघाट से शुरू हुई भव्य तिरंगा यात्रा
मुजफ्फरपुर में निकली तिरंगा यात्रा की शुरुआत अखाड़ाघाट-सिकंदरपुर रोड से हुई। यहां से यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी।
यात्रा सरैयागंज टावर, बाबा गरीबनाथ मंदिर, हरिसभा चौक, कल्याणी और अघोरिया बाजार रोड होते हुए गुजरी। रास्ते में लोगों ने विशाल तिरंगे का स्वागत किया और राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ यात्रा का उत्साह बढ़ाया।
1100 फीट लंबा तिरंगा इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इतने बड़े राष्ट्रीय ध्वज को संभालते हुए बड़ी संख्या में युवा यात्रा में शामिल हुए।
सड़क किनारे खड़े लोगों के अलावा आसपास के मकानों से भी लोग इस दृश्य को देखने पहुंचे। कई जगहों पर देशभक्ति का माहौल देखते ही बन रहा था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम वाली झांकी ने खींचा ध्यान
इस बार तिरंगा यात्रा में विशेष झांकी भी शामिल की गई। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर तैयार किया गया था।
झांकी के माध्यम से भारतीय सेना की वीरता, साहस और देश की सुरक्षा में जवानों के योगदान को प्रदर्शित किया गया। सेना के शौर्य और बलिदान से जुड़े संदेशों ने यात्रा में राष्ट्रभक्ति के भाव को और मजबूत किया।
आयोजन में केवल सैन्य थीम ही नहीं, बल्कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। झांकी में पटना के गोलघर, भगवान बुद्ध की ज्ञान भूमि और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के मॉडल प्रस्तुत किए गए।
इन मॉडलों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और बिहार की ऐतिहासिक पहचान को भी सामने रखा।
सात साल से हो रहा तिरंगा यात्रा का आयोजन
‘मुजफ्फरपुर परिवार’ के संरक्षक आकाश कुमार सहनी के मुताबिक, संगठन पिछले सात वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा आयोजित कर रहा है।
हर साल 1100 फीट लंबे तिरंगे को यात्रा का प्रमुख आकर्षण बनाया जाता है। आयोजन का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस मनाना नहीं, बल्कि युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना भी है।
आयोजकों का कहना है कि युवाओं को देश की एकता और अखंडता के महत्व से जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के साथ हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा इस यात्रा में भाग लेते हैं।
युवाओं को दिया एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश
तिरंगा यात्रा के आयोजन के पीछे देश को प्राथमिकता देने का संदेश भी रखा गया। आयोजकों ने कहा कि देशभक्ति के भाव को किसी जाति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
यात्रा में शामिल युवाओं और शहरवासियों की भागीदारी ने इस संदेश को व्यापक रूप दिया। स्वतंत्रता दिवस पर निकली इस यात्रा ने एक तरफ जहां राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ युवाओं की सामूहिक भागीदारी भी दिखाई।
मुजफ्फरपुर की सड़कों पर निकला यह विशाल तिरंगा शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। देशभक्ति गीतों, नारों और झांकियों के बीच लोगों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को पूरे उत्साह के साथ मनाया।
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