झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा फैसला, 44 एग्जाम रद्द

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झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC, JSSC और आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। सरकार ने यह निर्णय छात्रों के लंबे आंदोलन और परीक्षाओं की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के बीच लिया है। रद्द की गई परीक्षाओं में JSSC-CGL के अलावा JPSC की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं भी शामिल हैं।

सरकार ने कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने और कई अन्य मामलों में CID जांच कराने का भी निर्णय लिया है। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नई निगरानी और सुधार प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

JPSC और JSSC की कई परीक्षाएं रद्द

राज्य सरकार की ओर से जारी सूची में कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की जानकारी दी गई है। इनमें JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा के अलावा CDPO, ड्रग इंस्पेक्टर, सिविल जज, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी भर्तियों से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।

JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है। सरकार के अनुसार, इस परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर SIT की जांच में सामने आए तथ्यों और चल रही CID जांच को आधार बनाया गया है।

सरकार ने उन परीक्षाओं के परिणामों को भी रद्द करने का फैसला लिया है, जिनकी शुरुआती प्रक्रिया TDPL ने पूरी की थी, भले ही बाद में परीक्षा की जिम्मेदारी किसी दूसरी एजेंसी को दे दी गई हो। इससे परीक्षा प्रक्रिया में एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।

छह परीक्षाएं स्थगित, 17 मामलों में CID जांच

44 परीक्षाओं को रद्द करने के साथ ही सरकार ने छह अन्य परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 17 परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CID से कराने का फैसला किया गया है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब छात्र लंबे समय से विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। करीब 25 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाए गए।

छात्रों ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर 20 अगस्त को प्रदर्शन करने की घोषणा भी की थी। सरकार के फैसले के बाद आंदोलन के कुछ प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन छात्रों की सभी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी कमेटी

सरकार ने भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी।

यह समिति परीक्षा व्यवस्था की मौजूदा प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और जरूरी सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव देगी। समिति से दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है।

इसके अलावा JPSC और JSSC में आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की निगरानी और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करना होगा।

हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए सरकार हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग करेगी। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी प्रक्रिया से जांच और न्याय की दिशा में तेजी आ सकती है।

वहीं, छात्र संगठनों ने 44 परीक्षाओं को रद्द करने और जांच के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उनकी मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि वे कथित अनियमितताओं की CBI जांच चाहते हैं।

अब सरकार और छात्र संगठनों के बीच आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी। 44 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी नजर रहेगी, जो इन भर्तियों की तैयारी कर रहे थे या परीक्षा प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे।

आने वाले दिनों में नई परीक्षा व्यवस्था, जांच की प्रगति और दोबारा परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


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