U-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारत का धमाका, 17 पदक जीते
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👉 WhatsApp से जुड़ेंनाइजीरिया के लागोस में आयोजित U-23 कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही दिन 17 पदक अपने नाम कर लिए। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन 4 स्वर्ण, 4 रजत और 9 कांस्य पदक जीते।
भारत की टीम ने सेबर, फॉइल और एपी वर्ग की सभी 6 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पोडियम पर जगह बनाकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। इस प्रदर्शन से भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब बाकी मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
पुरुष वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
पुरुषों की सेबर स्पर्धा में निखिल वाघ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, लक्षय बादसर ने रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और पदक जोड़ा। अश्विनी आर्य और लैशराम मोरांबा ने इस स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किए।
पुरुषों की फॉइल स्पर्धा में तेजस पाटिल ने रजत पदक जीता, जबकि हेमाश सनासाम को कांस्य पदक मिला। एपी वर्ग में लोकेश वेमानी ने रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में शौर्य अश्विनी और गॉडविन अनबकेस ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय अभियान को मजबूती दी।
पुरुष वर्ग में खिलाड़ियों के लगातार पोडियम फिनिश ने दिखाया कि भारत ने प्रतियोगिता के लिए अच्छी तैयारी की है। शुरुआती दिन ही कई स्पर्धाओं में पदक हासिल करना भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
महिला वर्ग में भी दिखा भारत का दबदबा
महिला वर्ग में भी भारतीय फेंसरों ने शानदार प्रदर्शन किया। फॉइल स्पर्धा में जॉयस अशिता ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। उनकी टीम की साथी कनागलक्ष्मी ने रजत पदक हासिल किया।
महिलाओं की एपी स्पर्धा में प्राची लोहान ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, निवेद्या नायर और अनुप्रिया ने कांस्य पदक जीते। इससे महिला वर्ग में भारत की पदक संख्या में महत्वपूर्ण इजाफा हुआ।
महिला सेबर स्पर्धा में जेफरलिन ने स्वर्ण पदक जीता। आखरी ने रजत पदक हासिल किया, जबकि श्रेया गुप्ता ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
बाकी मुकाबलों में भी पदक बढ़ाने पर नजर
चैंपियनशिप के पहले दिन भारत ने कुल 17 पदक जीतकर मजबूत शुरुआत की है। खास बात यह रही कि भारतीय खिलाड़ियों ने सभी 6 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पोडियम हासिल किया।
भारतीय दल अब प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा। शुरुआती प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय फेंसिंग टीम की नजर पदकों की संख्या और बढ़ाने पर होगी।
U-23 स्तर की यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत की शुरुआती सफलता से आने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।
यदि भारतीय फेंसर आगे भी इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो चैंपियनशिप के समापन तक भारत की पदक तालिका और मजबूत हो सकती है।
