मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) कैसे बनवाएं?

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

 


नमस्कार दोस्तों। जीवन का सबसे कड़वा सच यही है कि जिसने जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन यह दुनिया छोड़कर जानी ही है। जब हमारे परिवार में किसी अपने का साया सिर से उठ जाता है, तो वह दुख इतना बड़ा होता है कि किसी और चीज का होश नहीं रहता। उस समय रोने-धोने और अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच किसी का भी ध्यान कागजी कार्रवाई पर नहीं जाता। यह बहुत ही स्वाभाविक है।

लेकिन, एक जमीनी पत्रकार होने के नाते मैंने बिहार के गांव-कस्बों से लेकर शहरों तक, लोगों को एक छोटी सी भूल के कारण सालों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते देखा है। वह भूल है— समय पर Death Certificate (मृत्यु प्रमाण पत्र) नहीं बनवाना।

जब दुख का समय थोड़ा बीत जाता है और परिवार को बैंक खाते से पैसे निकालने, जमीन का दाखिल-खारिज (Mutation) करवाने या एलआईसी (LIC) का क्लेम लेने की जरूरत पड़ती है, तब अधिकारियों का पहला सवाल यही होता है— "मृत्यु प्रमाण पत्र लाइए।" और तब शुरू होती है ब्लॉक (Block) और नगर निगम की वह दौड़, जो किसी भी आम आदमी को तोड़ कर रख देती है।

आज मैं आपको बिल्कुल साफ और सीधी भाषा में बताऊंगा कि आप घर बैठे या अपने नजदीकी कैफे से Mrityu Praman Patra Online कैसे अप्लाई कर सकते हैं। हमारा मकसद है कि दुख की इस घड़ी में आपको बाबू लोगों की खुशामद न करनी पड़े और आपका काम आसानी से हो जाए।

मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाना इतना जरूरी क्यों है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि जो इंसान चला गया, अब उसके कागज बनवा कर क्या करेंगे? लेकिन कानूनी तौर पर यह कागज आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा हथियार है।

  • जमीन और प्रॉपर्टी का ट्रांसफर: बिहार में जमीन विवाद बहुत आम बात है। अगर पिता या दादा की मृत्यु हो गई है, तो उनके नाम की जमीन को वारिसों (उत्तराधिकारियों) के नाम पर चढ़ाने यानी दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए यह सर्टिफिकेट सबसे जरूरी है।

  • बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट: मरने वाले व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे निकालने या जॉइंट अकाउंट से उनका नाम हटवाने के लिए बैंक सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट मांगता है।

  • बीमा (Insurance) क्लेम: अगर मृतक ने कोई जीवन बीमा (Life Insurance), जैसे LIC ले रखा था, तो क्लेम का पैसा बिना इस सर्टिफिकेट के एक रुपया भी नहीं मिलेगा।

  • वोटर लिस्ट और राशन कार्ड से नाम काटना: परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद कानूनी तौर पर उनका नाम राशन कार्ड और वोटर लिस्ट से कटवाना होता है, ताकि कोई फर्जीवाड़ा न हो सके।

  • विधवा पेंशन: अगर किसी महिला के पति का देहांत हो जाता है, तो सरकार की तरफ से मिलने वाली विधवा पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी Documents (कागजात)

अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करने जा रहे हैं, तो सिस्टम पर बैठने से पहले कुछ जरूरी कागजात अपने पास स्कैन करके या मोबाइल में फोटो खींचकर रख लें। इससे आपका फॉर्म भरते समय कोई दिक्कत नहीं आएगी।

  1. मृतक का पहचान पत्र: मृतक का आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड (जिससे उनकी सही उम्र और पता साबित हो सके)।

  2. आवेदनकर्ता का पहचान पत्र: जो व्यक्ति अप्लाई कर रहा है (जैसे बेटा, पत्नी या भाई), उनका आधार कार्ड।

  3. डॉक्टर या अस्पताल की रसीद: अगर मृत्यु अस्पताल में हुई है, तो अस्पताल से मिलने वाली डेथ स्लिप (Death Slip)।

  4. श्मशान या कब्रिस्तान की रसीद: अंतिम संस्कार जहां हुआ है, वहां से मिली हुई रसीद (अगर उपलब्ध हो तो)।

  5. शपथ पत्र (Affidavit): अगर मृत्यु को हुए 21 दिन से ज्यादा का समय हो गया है, तो कोर्ट से बना हुआ एक एफिडेविट लगेगा।

21 दिन का नियम: इसे समझना है सबसे ज्यादा जरूरी

जैसे जन्म प्रमाण पत्र में नियम होते हैं, बिल्कुल वैसे ही मृत्यु प्रमाण पत्र में भी दिनों का खेल होता है। अगर आप सही समय पर काम करेंगे, तो एक रुपया भी खर्च नहीं होगा।

  • 0 से 21 दिन के भीतर: अगर मृत्यु के 21 दिन के अंदर आवेदन कर दिया जाए, तो यह प्रक्रिया पूरी तरह फ्री (Free) है। न कोई लेट फाइन, न कोई कोर्ट का चक्कर।

  • 21 दिन से 30 दिन तक: 21 दिन पार होने पर आपको एक छोटा सा लेट फाइन देना होगा और स्थानीय रजिस्ट्रार (BDO या नगर आयुक्त) से परमिशन लेनी होगी।

  • 30 दिन से 1 साल के भीतर: यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसके लिए आपको अपने अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) या मजिस्ट्रेट से आदेश (Order) करवाना होगा, जिसमें हलफनामा (Affidavit) भी लगता है।

  • 1 साल के बाद: अगर मृत्यु को 1 साल से ज्यादा हो गया है, तो फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के ऑर्डर के बिना सर्टिफिकेट नहीं बनेगा। यह कोर्ट का एक लंबा प्रोसेस होता है।

मेरी आपको यही सलाह है कि चाहे कितना भी दुख क्यों न हो, घर के किसी एक समझदार सदस्य को जिम्मेदारी देकर 21 दिन के अंदर यह काम जरूर करवा लें।

Quick Info: डेथ सर्टिफिकेट से जुड़ी एक नजर में जानकारी

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)जानकारी (Details)
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (Online) और ऑफलाइन (Offline)
आधिकारिक वेबसाइटcrsorgi.gov.in या राज्य का सर्विस पोर्टल (जैसे RTPS Bihar)
जरूरी समय सीमामृत्यु के 21 दिन के अंदर (फ्री आवेदन के लिए)
कौन आवेदन कर सकता है?परिवार का कोई भी करीबी सदस्य / वारिस
सर्टिफिकेट मिलने का समयलगभग 7 से 15 वर्किंग डेज (Working Days)

Mrityu Praman Patra Online Kaise Banayein (Step-by-Step Guide)

भारत सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। आप CRS (Civil Registration System) पोर्टल के माध्यम से या बिहार के लोग RTPS/ServicePlus पोर्टल के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं। हम यहाँ CRS पोर्टल का सबसे आसान और मान्य तरीका बता रहे हैं।

Step 1: CRS Portal पर अपना अकाउंट बनाएं

  • सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप में भारत सरकार की वेबसाइट [crsorgi.gov.in] खोलें।

  • राईट साइड में आपको "General Public Signup" का एक बटन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।

  • एक फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी डालें और अपना राज्य (State), जिला, ब्लॉक और गाँव का नाम सेलेक्ट करें।

  • कैप्चा (Captcha) भरें और रजिस्टर करें।

  • आपके ईमेल पर एक लिंक आएगा। उस लिंक को खोलकर अपना एक मजबूत पासवर्ड बना लें।

Step 2: पोर्टल में Login करें

  • अब वापस उसी वेबसाइट के होमपेज पर आएं।

  • अपनी ईमेल आईडी (जो आपकी User ID है) और नया पासवर्ड डालकर पोर्टल में Login करें।

Step 3: 'Add Death Registration' चुनें

  • लॉगिन करते ही एक डेशबोर्ड खुलेगा।

  • ऊपर मेन्यू में आपको "Death" का ऑप्शन मिलेगा। उस पर क्लिक करें और "Add Death Registration" को सेलेक्ट करें।

Step 4: फॉर्म में मृतक की जानकारी भरें

यह सबसे अहम कदम है। कोई भी स्पेलिंग मिस्टेक न करें, वरना बाद में बैंक वाले बहुत परेशान करते हैं।

  • मृतक का नाम: आधार कार्ड देखकर बिल्कुल सही नाम लिखें।

  • मृत्यु की तारीख (Date of Death): वह तारीख डालें जिस दिन व्यक्ति का देहांत हुआ।

  • जेंडर और उम्र: सही जानकारी भरें।

  • माता-पिता/पति/पत्नी का नाम: मृतक के पिता, माता या अगर शादीशुदा थे तो पति/पत्नी का नाम भरें।

  • पता (Address): मृत्यु के समय का पता और स्थायी पता (Permanent Address) भरें।

Step 5: मृत्यु का स्थान (Place of Death)

यहाँ आपको बताना है कि मृत्यु कहाँ हुई:

  • अगर अस्पताल में: लिस्ट से उस अस्पताल का नाम चुनें। (आमतौर पर बड़े अस्पताल खुद भी नगर निगम को रिपोर्ट भेज देते हैं)।

  • अगर घर पर: तो घर का पूरा पता और वार्ड नंबर/पंचायत की जानकारी दें। सूचना देने वाले (Informant) यानी आपका नाम और पता यहाँ दर्ज होगा।

Step 6: Documents Upload करें

  • फॉर्म के आखिर में कुछ बेसिक जानकारी (जैसे मृतक का पेशा आदि) पूछी जाएगी।

  • इसके बाद मांगे गए डाक्यूमेंट्स (मृतक का आधार, आपका आधार, अस्पताल या श्मशान की रसीद) की स्कैन की हुई कॉपी Upload करें।

Step 7: Form Submit करें और Print आउट लें

  • एक बार पूरा फॉर्म शुरू से अंत तक पढ़ लें।

  • जब लगे कि सब सही है, तो "Submit" बटन पर क्लिक करें।

  • तुरंत आपके स्क्रीन पर एक रसीद (Acknowledgement) आ जाएगी जिस पर एक Reference Number लिखा होगा।

  • इसका प्रिंट आउट निकाल लें या पीडीएफ (PDF) मोबाइल में सेव कर लें।

ऑनलाइन आवेदन के बाद क्या करना होगा? (ऑफलाइन वेरिफिकेशन)

बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑनलाइन फॉर्म भर दिया मतलब काम खत्म। नहीं, यहाँ आपको थोड़ा प्रैक्टिकल होना पड़ेगा।

आपने जो रसीद (Acknowledgement) प्रिंट की है, उसके साथ मृतक का आधार, अपना आधार और अन्य लगाए गए डाक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी पिन कर लें। अब इस फाइल को लेकर अपने पंचायत के पंचायत सचिव, ब्लॉक (BDO ऑफिस) या अगर आप शहर में हैं तो नगर निगम के रजिस्ट्रार ऑफिस में चले जाएं।

वहाँ बैठे कर्मचारी आपके ओरिजिनल कागज देखकर आपके ऑनलाइन फॉर्म को Approve कर देंगे। एक बार उनके सिस्टम से फाइल पास हो गई, तो फिर आपको दोबारा उस ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं है।

Certificate Download कैसे करें?

जब आपका फॉर्म अप्रूव हो जाएगा, तो आपके मोबाइल पर एक मैसेज आ जाएगा।

  1. वापस CRS या RTPS पोर्टल पर लॉगिन करें।

  2. "Track Application Status" पर जाएं।

  3. अपनी रसीद का Reference Number दर्ज करें।

  4. स्टेटस 'Approved' दिखने पर वहीं बगल में Download का ऑप्शन आ जाएगा।

  5. वहाँ से अपना डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर लें। इस पर डिजिटल सिग्नेचर होता है, इसलिए यह पूरे देश में हर बैंक और कोर्ट में 100% मान्य है। इस पर किसी बाबू की मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होती।

FAQs: लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: मृत्यु प्रमाण पत्र कितने दिनों में बन जाता है?

जवाब: अगर आपने 21 दिन के अंदर आवेदन किया है और आपके सारे डाक्यूमेंट्स सही हैं, तो ब्लॉक या नगर निगम से अप्रूवल मिलने के बाद 7 से 15 दिनों के भीतर सर्टिफिकेट ऑनलाइन जनरेट हो जाता है।

सवाल 2: अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु दूसरे राज्य या दूसरे शहर में हुई है, तो सर्टिफिकेट कहाँ से बनेगा?

जवाब: कानून के मुताबिक, मृत्यु प्रमाण पत्र उसी जगह से बनता है जहाँ व्यक्ति की मृत्यु वास्तव में हुई है। अगर बिहार का कोई व्यक्ति दिल्ली में इलाज के दौरान गुजर जाता है, तो सर्टिफिकेट दिल्ली के उसी इलाके के नगर निगम से बनेगा, न कि बिहार के गाँव से।

सवाल 3: मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में कितना खर्च आता है?

जवाब: 21 दिन के अंदर अप्लाई करने पर सरकार कोई फीस नहीं लेती, यह फ्री है। अगर आप किसी साइबर कैफे से फॉर्म भरवाते हैं तो वो सिर्फ अपना सर्विस चार्ज ले सकता है। 21 दिन बाद अप्लाई करने पर मामूली जुर्माना लगता है।

सवाल 4: मेरे दादा जी की मृत्यु 5 साल पहले हुई थी, उनका डेथ सर्टिफिकेट अब कैसे बनेगा?

जवाब: 1 साल से ज्यादा समय बीत जाने पर आपको सीधे कोर्ट जाना होगा। एक वकील के माध्यम से एसडीएम (SDM) या फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के सामने हलफनामा (Affidavit) देना होगा कि अब तक सर्टिफिकेट क्यों नहीं बनवाया गया। मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही ब्लॉक या नगर निगम आपका सर्टिफिकेट जारी करेगा।

सवाल 5: फॉर्म भरते समय मृतक के नाम की स्पेलिंग गलत हो गई, क्या यह सुधर सकती है?

जवाब: अगर सर्टिफिकेट जनरेट हो चुका है, तो आप इसे खुद ऑनलाइन नहीं सुधार सकते। आपको सही डाक्यूमेंट्स (जैसे मृतक का सही आधार कार्ड या पैन कार्ड) लेकर रजिस्ट्रार ऑफिस (ब्लॉक या नगर निगम) में करेक्शन (Update) के लिए लिखित आवेदन देना होगा।

आखिरी बात

दोस्तों, अपनों को खोने का दुख जीवन भर नहीं भरता, लेकिन उनके जाने के बाद परिवार को किसी आर्थिक या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। Death Certificate उस सुरक्षा कवच की तरह है जो पीछे छूट गए परिवार के हकों की रक्षा करता है।

मैं आपसे बस यही कहूंगा कि दुःख की घड़ी में भी खुद को मजबूत बनाएं और 21 दिन के अंदर इस जरूरी काम को निपटा लें। अगर आपको ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आ रही है, या आपका कोई सवाल है, तो आप बेझिझक नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं आपको सही और सटीक जानकारी दे सकूं। अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें!

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1