चिराग पासवान ने बदली पार्टी की टीम, सवर्ण-दलित को बराबर जगह

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लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव किया है। चिराग पासवान के निर्देश पर लोजपा (रामविलास) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और विभिन्न संगठनात्मक पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की गई है। नई टीम में सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों के नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

पार्टी की ओर से राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक ने बुधवार को नई नियुक्तियों की सूची जारी की। इसमें राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा स्थायी आमंत्रित सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य, राष्ट्रीय प्रवक्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के नाम भी शामिल हैं।

नई कार्यकारिणी को पार्टी के संगठन विस्तार और आने वाली राजनीतिक गतिविधियों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक नेताओं को प्रतिनिधित्व

लोजपा (रामविलास) की नई टीम में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। पार्टी की ओर से जारी सूची में सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों से आने वाले नेताओं को संगठन में प्रमुख स्थान मिला है।

यह पहल इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चिराग पासवान सार्वजनिक तौर पर आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते रहे हैं। पार्टी की नई टीम में सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश को इसी राजनीतिक दृष्टिकोण के संदर्भ में देखा जा रहा है।

नई कार्यकारिणी में कई अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई है। इससे पार्टी संगठन को अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने की रणनीति का संकेत मिलता है।

राजू तिवारी को मिली राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी

बिहार के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजू तिवारी को अब पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। संगठन में उन्हें राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद बिहार प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी ने आगे क्या फैसला लिया है, यह अलग से स्पष्ट किया जाना बाकी है। राजू तिवारी को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने से संगठन में उनकी भूमिका का दायरा जरूर बढ़ गया है।

बिहार विधान परिषद के सदस्य अशरफ अंसारी को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। वहीं सांसद राजेश वर्मा को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है।

कई नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सचिव बनाया

पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर ललित कुमार गौतम, हरमीत सिंह, अधिवक्ता सरदार तारा सिंह, मनीशंकर पांडेय, मोहम्मद शमीम एम हवा, बिरेंद्र प्रधान, कुंवर असीम खान, डॉ. सत्यानंद शर्मा और कमला कुमारी समेत कई नेताओं को जिम्मेदारी दी है।

राष्ट्रीय सचिवों की सूची में रेमा जॉर्ज, एस. रिचर्ड हुमत्सोए, केबी भारती, पीएच रामचंद्रन, मोहम्मद अबरार, हाजी नुरुल्ला, कुलदीप चौहान और सूरज कुमार बुरहादिया समेत कई नाम शामिल हैं।

इसके अलावा पार्टी ने अलग-अलग प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की है। प्रणब कुमार को युवा प्रकोष्ठ, चंद्रा प्रभा भाटिया को महिला प्रकोष्ठ और अब्दुल खालिक को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अस्थायी प्रभार दिया गया है।

राजेश पासवान को जेएमएस, अधिवक्ता सुशील कुमार को विधि प्रकोष्ठ और धर्मेंद्र मिश्रा को किसान प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी मिली है। सांसद शांभवी चौधरी को छात्र प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की भी नई सूची जारी

पार्टी ने संगठन के साथ अपने मीडिया और संचार तंत्र में भी बदलाव किया है। धीरेंद्र सिंह मुन्ना को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

अरुण भारती, राजेश वर्मा, शांभवी चौधरी, राजू तिवारी, अजय कुमार पांडेय, मुरारी गौतम, राजेश भट्ट, विनीत सिंह, अधिवक्ता रितेश कुमार शर्मा, आलोक रंजन और प्रणब कुमार समेत कई नेताओं को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।

इससे पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया और राजनीतिक मुद्दों को लेकर समन्वय मजबूत करने की कोशिश के संकेत मिलते हैं।

सांसदों और विधायकों को भी संगठन में जगह

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी स्थान दिया गया है। सांसद अरुण भारती, वीणा देवी, शांभवी चौधरी और राजेश वर्मा समेत कई सांसदों को संगठन में जिम्मेदारी मिली है।

इसके साथ ही पार्टी के कई विधायकों और विधान पार्षदों को भी राष्ट्रीय संगठन में शामिल किया गया है। इससे जनप्रतिनिधियों और पार्टी संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिखाई देता है।

आगामी राजनीति के लिए क्यों अहम है बदलाव?

लोजपा (रामविलास) का यह संगठनात्मक पुनर्गठन ऐसे समय हुआ है जब बिहार की राजनीति में विभिन्न दल अपनी संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। नई टीम में सामाजिक संतुलन, युवा नेतृत्व, महिला प्रतिनिधित्व और निर्वाचित प्रतिनिधियों को जगह देकर पार्टी ने व्यापक संगठन तैयार करने का प्रयास किया है।

अब देखना होगा कि नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी पार्टी के विस्तार और आगामी राजनीतिक रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है। खासकर बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में संगठन मजबूत करने की दिशा में नई टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

Source: उपलब्ध समाचार जानकारी एवं लोजपा (रामविलास) द्वारा जारी संगठनात्मक नियुक्तियों की सूची

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