BPSC TRE-4 प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा दावा, जानिए मांगों पर क्या कहा

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पटना में BPSC TRE-4 प्रदर्शन के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। BPSC TRE-4 प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी कई मांगों को लेकर सड़क पर हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्रों ने कई जगह बैरिकेड पार कर दिए। इसी बीच शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि जिन मुद्दों को लेकर छात्र धरने पर बैठे थे, सरकार ने उनका समाधान कर दिया है।

छात्र हालांकि इस दावे से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधे मुलाकात की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल के जरिए बातचीत कराने का आश्वासन दिए जाने की बात भी सामने आई है।

शिक्षा मंत्री ने कहा- छात्रों की मांगों का समाधान हो चुका

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेती है और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।

मंत्री के मुताबिक, छात्र जिन-जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, सरकार ने उन पर कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के पीछे उठाए गए सभी प्रमुख मुद्दों का समाधान कर दिया गया है।

हालांकि, दूसरी ओर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी पूरी तरह स्वीकार नहीं हुई हैं। इसी वजह से वे आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

TRE-4 अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों का आंदोलन मुख्य रूप से शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • TRE-4 में केवल एक परीक्षा आयोजित की जाए।
  • परीक्षा में निगेटिव मार्किंग हटाई जाए।
  • भर्ती में 100 फीसदी डोमिसाइल नीति लागू की जाए।
  • परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
  • मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर मांगों पर बातचीत की जाए।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा की प्रक्रिया स्पष्ट और अभ्यर्थियों के हित में होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे हैं।

मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

पटना में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे।

प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे और कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग पार करने की स्थिति भी बनी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।

प्रदर्शन को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी और एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

प्रशासन की ओर से छात्रों को बातचीत का रास्ता अपनाने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है। बताया गया कि छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल तैयार कर उसे मुख्यमंत्री आवास ले जाने की कोशिश की जाएगी।

तेजस्वी यादव पर भी शिक्षा मंत्री ने साधा निशाना

प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने परीक्षा को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से दिए गए सुझाव पर सवाल उठाते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर तंज कसा।

मंत्री ने कहा कि उन्हें यह सुनकर हैरानी हुई कि जिसने 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं दी, वह परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दे रहा है।

उन्होंने तेजस्वी यादव को बिहार सरकार के स्कूल में दाखिला लेकर 10वीं पास करने और उसके बाद परीक्षा पर सुझाव देने की बात कही।

यह बयान ऐसे समय आया है जब TRE-4 अभ्यर्थियों का आंदोलन राजनीतिक चर्चा का भी विषय बना हुआ है। मंत्री की टिप्पणी पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक बयानबाजी पर भी नजर रहेगी।

महिला अभ्यर्थी ने बताई परीक्षा केंद्र की परेशानी

प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने परीक्षा से जुड़ी अपनी परेशानी भी सामने रखी। उसने बताया कि BPSC AEDO परीक्षा देने के लिए उसे सीवान जाना पड़ा और इसके लिए उसने कथित तौर पर 2,000 रुपये उधार लिए थे।

महिला अभ्यर्थी के अनुसार, उसके माता-पिता नहीं हैं और वह काम करने के साथ पढ़ाई भी करती है। सीवान पहुंचने के बाद परीक्षा केंद्र की स्थिति देखकर उसे परेशानी का सामना करना पड़ा।

उसने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र बेहद खराब स्थान पर बनाया गया था और खेत में सेंटर दिए जाने जैसी स्थिति थी। अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए।

उसका कहना था कि यदि परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

छात्रों की नजर अब मुख्यमंत्री से मुलाकात पर

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद ही संभव होगा। इसलिए वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की मांग कर रहे हैं।

छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने की मांग को लेकर नारे भी लगाए। उनका कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

वहीं प्रशासन छात्रों को बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाने का आश्वासन दे रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छात्रों और सरकार के बीच सीधी बातचीत होती है और क्या उससे आंदोलन समाप्त करने की कोई राह निकलती है।

सरकार के दावे और छात्रों के रुख में अंतर

एक तरफ शिक्षा मंत्री का कहना है कि छात्रों की जिन मांगों को लेकर आंदोलन शुरू हुआ था, उनका समाधान कर दिया गया है। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी अभी भी सड़क पर हैं और मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग कर रहे हैं।

यही अंतर फिलहाल पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू बना हुआ है। आने वाले समय में सरकार की ओर से मांगों पर लिखित या स्पष्ट निर्णय और छात्रों की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा तय कर सकती है।

फिलहाल पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन की नजर प्रदर्शन की गतिविधियों पर बनी हुई है। वहीं, अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।


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