मुजफ्फरपुर में विधायक अमित रानू के घर पुलिस की रेड, भाई की तलाश

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बिहार के मुजफ्फरपुर में विधायक अमित कुमार रानू के आवास पर पुलिस की कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। विधायक अमित कुमार रानू के भाई सोनू सिंह की तलाश में पुलिस ने सरस्वती नगर स्थित आवास पर छापेमारी की। मामला जमीन विवाद और कथित दबंगई से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, इसी मामले में विधायक के भाई समेत करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

अमित कुमार रानू सीतामढ़ी जिले के बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से एलजेपी (आर) के विधायक हैं। इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल विधायक की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जमीन विवाद में क्या है पूरा मामला?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि जमीन को लेकर हुए विवाद में सोनू सिंह कई वाहनों के साथ लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे थे।

शिकायत में जमीन पर बनी बाउंड्री को तोड़ने और वहां कथित तौर पर दबंगई करने के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद संबंधित पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई और प्राथमिकी दर्ज की गई।

इस केस में सोनू सिंह के अलावा करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब मामले में नामजद आरोपी की तलाश कर रही है।

विधायक के सरस्वती नगर आवास पर पहुंची पुलिस

पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर के सरस्वती नगर स्थित विधायक के आवास पर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सोनू सिंह की तलाश और मामले से जुड़े संभावित दस्तावेजों की जांच करना था।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए अदालत से सर्च वारंट हासिल किया था। इसके बाद टीम विधायक के आवास पर पहुंची और तलाशी की प्रक्रिया शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने आवास से जुड़े कागजात और अन्य संभावित साक्ष्यों को खंगाला। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

करीब 50 अज्ञात लोगों पर भी केस

जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में केवल सोनू सिंह का नाम ही सामने नहीं आया है। प्राथमिकी में उनके साथ करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनकी भूमिका क्या थी। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है।

बताया गया है कि इस मामले में पहले भी एक-दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसे में पुलिस की मौजूदा कार्रवाई को केस की जांच में आगे की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

सोनू सिंह पर पहले से भी केस होने का दावा

उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि विधायक के भाई सोनू सिंह के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।

हालांकि, अलग-अलग मामलों की प्रकृति और वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

वर्तमान कार्रवाई का मुख्य केंद्र अहियापुर थाना क्षेत्र में दर्ज जमीन विवाद से जुड़ा मामला है।

सर्च वारंट के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस की यह कार्रवाई अदालत से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर होने की बात सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े संभावित दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों को तलाशने के लिए न्यायिक अनुमति लेकर आगे बढ़ी।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आवास से संबंधित कागजातों की भी जांच की। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विवादित जमीन और मामले में आरोपी पक्ष के बीच क्या संबंध है।

पुलिस की आगे की जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य आरोपियों की भूमिका अहम हो सकती है।

विधायक अमित कुमार रानू कौन हैं?

अमित कुमार रानू सीतामढ़ी जिले की बेलसंड विधानसभा सीट से विधायक हैं और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जुड़े हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान हैं।

विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पुलिस कार्रवाई होने के कारण मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई जमीन विवाद से जुड़े आपराधिक मामले की जांच के संदर्भ में बताई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम में विधायक की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर कोई आरोप सामने नहीं आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस उनके भाई सोनू सिंह की तलाश में आवास पर पहुंची थी।

विधायक की ओर से अभी कोई बयान नहीं

पुलिस की छापेमारी को लेकर विधायक अमित कुमार रानू की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके पक्ष या मामले को लेकर उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है।

वहीं, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तलाशी में कौन से दस्तावेज या साक्ष्य मिले और सोनू सिंह की गिरफ्तारी को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।

फिलहाल मुजफ्फरपुर का यह मामला जमीन विवाद, कथित दबंगई और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।


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