वंदे मातरम पर BJP का कांग्रेस पर हमला, रविशंकर प्रसाद ने उठाए सवाल
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👉 WhatsApp से जुड़ेंस्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का दावा करने वाली कांग्रेस को राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर अपेक्षित सम्मान नहीं दिखाया गया।
BJP के इस बयान के बाद राष्ट्रीय गीत को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर सामने आ गई है। हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत की अकेली दावेदार होने का दावा नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब पार्टी राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर सवालों के घेरे में हो।
BJP नेता ने अपने बयान में कांग्रेस से यह सवाल किया कि यदि पार्टी स्वतंत्रता संग्राम में अपनी भूमिका को प्रमुखता से बताती है, तो राष्ट्रीय गीत के प्रति भी समान सम्मान और गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए पार्टी की मौजूदा भूमिका पर राजनीतिक सवाल उठाए। BJP ने इस पूरे मामले को राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोला है।
गोवा कार्यक्रम का भी किया जिक्र
BJP प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गोवा दौरे का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए गए।
रविशंकर प्रसाद ने इसी आधार पर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाया। BJP का कहना है कि राष्ट्रीय गीत को लेकर किसी भी तरह की औपचारिकता या चयनात्मक रवैया उचित नहीं है।
हालांकि, इस राजनीतिक आरोप के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन की प्रक्रिया और उसके स्वरूप को लेकर अलग-अलग परिस्थितियां हो सकती हैं। इसलिए पूरे मामले को संबंधित कार्यक्रम के आधिकारिक विवरण और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
भारत में वंदे मातरम केवल एक लोकप्रिय देशभक्ति गीत नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से इसके गायन और सम्मान को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिलता है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से जुड़े कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में किसी राजनीतिक दल या संगठन के कार्यक्रम में इनके प्रस्तुतीकरण को लेकर सवाल उठने पर राजनीतिक विवाद खड़ा होना स्वाभाविक है।
BJP ने इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस की राष्ट्रवादी राजनीति पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस की संभावित प्रतिक्रिया इस विवाद को आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल मुख्य राजनीतिक सवाल यही है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान जैसे मुद्दे पर दोनों प्रमुख दलों की व्याख्या क्या होगी।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन के योगदान को याद किया जा रहा है। राजनीतिक दल भी इस मौके पर अपने-अपने संदेश और विचार जनता के सामने रख रहे हैं।
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