ज़मीन का दाखिल-खारिज (Mutation) ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ें
नमस्कार भाइयों! अगर आपने हाल ही में अपनी गाढ़ी कमाई से कोई ज़मीन खरीदी है, तो सबसे पहले आपको बहुत-बहुत बधाई। लेकिन, ज़मीन की रजिस्ट्री (Kewala) करवा लेना ही सब कुछ नहीं होता। बिहार में एक कहावत है— "जब तक रसीद नहीं कटी, तब तक ज़मीन तुम्हारी नहीं हुई।" और यह रसीद तभी कटती है जब आप अपनी ज़मीन का दाखिल-खारिज (Mutation) करवाते हैं।
कुछ साल पहले तक दाखिल-खारिज करवाना किसी बुरे सपने से कम नहीं था। चाहे दलसिंहसराय का अंचल कार्यालय (Block Office) हो या राज्य का कोई भी RTPS काउंटर, ज़मीन बेचने वाले का नाम हटवाने और अपना नाम चढ़वाने के लिए बाबुओं के अनगिनत चक्कर काटने पड़ते थे। महीनों फाइलें धूल फांकती थीं।
लेकिन अब राहत की बात यह है कि बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (LRC) ने यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। अब आप घर बैठे, बिना किसी दलाल को एक रुपया दिए, अपने मोबाइल या लैपटॉप से दाखिल-खारिज के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आज मैं आपको एक दोस्त की तरह, बिल्कुल सीधी और आसान भाषा में बताऊंगा कि ऑनलाइन म्यूटेशन का फॉर्म कैसे भरते हैं, क्या-क्या कागज़ात लगेंगे और किन गलतियों से बचना है।
दाखिल-खारिज (Mutation) असल में क्या होता है?
इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझिए। जब कोई ज़मीन बिकती है, तो सरकारी रजिस्टर (जिसको हम जमाबंदी या रजिस्टर-2 कहते हैं) में पुराने मालिक का नाम दर्ज रहता है। पुराने मालिक का नाम सरकारी रजिस्टर से हटाना (यानी खारिज करना) और नए मालिक का नाम रजिस्टर में दर्ज करना (यानी दाखिल करना) ही 'दाखिल-खारिज' कहलाता है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तभी सरकार आपको उस ज़मीन का असली मालिक मानती है और आप ऑनलाइन लगान (टैक्स) जमा करके अपनी रसीद काट सकते हैं।
ऑनलाइन अप्लाई करने से पहले ज़रूरी डाक्यूमेंट्स (कागज़ात)
पोर्टल पर जाने से पहले अपनी टेबल पर ये सारी चीजें इकट्ठा करके रख लें:
ज़मीन का केवाला (Sale Deed): रजिस्ट्री के समय जो मुख्य कागज़ आपको मिला है, उसकी साफ-सुथरी फोटोकॉपी या ओरिजिनल कॉपी।
पीडीएफ फाइल (PDF File): आपको अपने पूरे केवाला की स्कैन कॉपी (सभी पन्नों की) बनाकर एक PDF फाइल बनानी होगी। ध्यान रहे, इस फाइल का साइज़ 2MB से कम होना चाहिए।
आधार कार्ड (Aadhar Card): जिसके नाम से ज़मीन खरीदी गई है, उसका आधार।
चालू मोबाइल नंबर: जिस पर OTP आ सके।
ईमेल आईडी: अपडेट्स और रसीद पाने के लिए।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑनलाइन दाखिल-खारिज कैसे करें?
अब अपने लैपटॉप या मोबाइल पर इंटरनेट खोलें और नीचे बताए गए स्टेप्स को बिल्कुल वैसे ही फॉलो करें।
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले आपको बिहार सरकार की असली राजस्व वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाना है। (सावधान रहें, किसी भी फर्जी पोर्टल पर अपनी जानकारी न डालें)।
स्टेप 2: ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन पर क्लिक करें
होमपेज पर आपको कई सारे बॉक्स दिखेंगे। वहां एक ऑप्शन होगा "ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें" (Apply Online Mutation)। आपको बस इसी पर क्लिक करना है।
स्टेप 3: अपना अकाउंट (Login ID) बनाएं
अगर आप पहली बार इस पोर्टल पर आए हैं, तो आपको "Registration" पर क्लिक करके अपना एक अकाउंट बनाना होगा। इसमें अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और पासवर्ड डालकर रजिस्टर करें। ओटीपी डालकर कन्फर्म करें। अगर अकाउंट पहले से है, तो डायरेक्ट मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर लॉग-इन (Login) कर लें।
स्टेप 4: जिले और अंचल का चुनाव करें
लॉग-इन करने के बाद, आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको उस जिले (District) और अंचल (Block) का नाम चुनना है जहाँ आपकी ज़मीन स्थित है। इसके बाद "Apply New Mutation" वाले बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 5: आवेदक की जानकारी (Applicant Details) भरें
अब फॉर्म खुल जाएगा। सबसे पहले 'Applicant Details' भरनी है:
आवेदक का नाम (जो ज़मीन का नया मालिक है)
पिता/पति का नाम
रिलेशन (संबंध)
दाखिल-खारिज का प्रकार (यहाँ 'Sale/Purchase' चुनें अगर आपने ज़मीन खरीदी है)
पूरा पता (Address) और मोबाइल नंबर।
इसे भरने के बाद "Save as Draft and Next" पर क्लिक करें।
स्टेप 6: डीड की जानकारी (Document Details) भरें
यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है। अपने केवाला (Sale Deed) का पहला और दूसरा पन्ना ध्यान से देखें।
Deed Number (डीड नंबर): यह आपके केवाला पर ऊपर या पीछे लिखा होता है।
Date (तारीख): जिस दिन रजिस्ट्री हुई थी, वह तारीख डालें।
DSRO/SRO Office: जहाँ ज़मीन की रजिस्ट्री हुई है, उस रजिस्ट्री ऑफिस का नाम चुनें।
इसे भरकर फिर से Next करें।
स्टेप 7: खरीदने और बेचने वाले की जानकारी (Buyer & Seller Details)
Buyer Details: यहाँ ज़मीन खरीदने वाले का पूरा नाम, उम्र, पता और आधार नंबर भरें। अगर एक से ज़्यादा लोगों ने मिलकर ज़मीन ली है, तो 'Add More' करके उनका नाम भी जोड़ दें।
Seller Details: अगले स्टेप में ज़मीन बेचने वाले (जिसने ज़मीन आपके नाम की है) का नाम, पिता का नाम और पता भरें।
स्टेप 8: ज़मीन का पूरा ब्यौरा (Plot Details) डालें
यहाँ आपको अपनी ज़मीन की चौहद्दी और पहचान बतानी है:
अपना मौजा (गांव का नाम) चुनें।
खाता नंबर (Khata Number) और खसरा/प्लॉट नंबर (Khasra Number) बिल्कुल सही-सही भरें।
ज़मीन का रकबा (Area) डिसमिल (Decimal) और एकड़ (Acre) में डालें। यह आपके केवाला में लिखा होता है।
चौहद्दी (Boundary): ज़मीन के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम में किनका खेत या रास्ता है, वो नाम भरें।
स्टेप 9: पीडीएफ अपलोड करें और फाइनल सबमिट करें
सबसे अंत में आपको अपने केवाला की पूरी PDF फाइल अपलोड करनी है।
Choose File पर क्लिक करें और अपनी 2MB से कम वाली फाइल सेलेक्ट करें।
नीचे दिए गए कैप्चा (Captcha) कोड को भरें।
"Save" बटन पर क्लिक करें।
बधाई हो! आपका आवेदन जमा हो गया है। स्क्रीन पर एक रसीद (Acknowledgement Receipt) आ जाएगी जिसमें आपका वाद संख्या (Case Number) लिखा होगा। इस रसीद का प्रिंट आउट निकालकर या पीडीएफ बनाकर सुरक्षित रख लें।
दाखिल-खारिज की प्रक्रिया: एक नज़र में
| प्रक्रिया का चरण | विवरण (क्या होता है?) |
| आवेदन (Apply) | आप ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरते हैं और डाक्यूमेंट्स अपलोड करते हैं। |
| कर्मचारी रिपोर्ट | आपका फॉर्म हलका कर्मचारी के पास जाता है, वह जांच करके रिपोर्ट लगाता है। |
| सीआई (CI) जांच | कर्मचारी के बाद सर्किल इंस्पेक्टर (CI) इसकी ऑनलाइन जांच करता है। |
| सीओ (CO) अप्रूवल | अंत में अंचलाधिकारी (CO) फाइल को पास (Approve) करता है। |
| शुद्धि पत्र जनरेट | सीओ के पास होने के बाद आपका म्यूटेशन हो जाता है और शुद्धि पत्र बन जाता है। |
आवेदन के बाद स्टेटस (Status) कैसे चेक करें?
अप्लाई करने के बाद आपको चैन से नहीं बैठना है। अक्सर फॉर्म किसी छोटी सी गलती (जैसे चौहद्दी गलत होना या पीडीएफ साफ न होना) के कारण रिजेक्ट (Reject) हो जाता है।
अपना स्टेटस चेक करने के लिए:
वापस biharbhumi.bihar.gov.in पर आएं।
"दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें" (Check Mutation Status) पर क्लिक करें।
अपना जिला, अंचल और वित्तीय वर्ष (जिस साल अप्लाई किया) चुनें।
अपना 'Case Number' डालकर सर्च करें।
यहाँ आपको पता चल जाएगा कि आपकी फाइल अभी कर्मचारी के पास अटकी है, या सीओ साहब ने उसे पास कर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. ऑनलाइन दाखिल-खारिज होने में कितने दिन का समय लगता है?
सरकारी नियम के अनुसार इस प्रक्रिया में कम से कम 35 दिन लगते हैं। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि इसमें अक्सर 2 से 3 महीने तक का समय लग जाता है। इसलिए समय-समय पर अपना स्टेटस ऑनलाइन चेक करते रहें।
2. अगर मेरा आवेदन रिजेक्ट (Reject) हो जाए, तो क्या करें?
पोर्टल पर स्टेटस चेक करते समय 'रिजेक्ट' होने का कारण (Reason) भी लिखा होता है। अगर कोई कागज़ छूट गया था, तो उसे सुधार कर आप दोबारा (Re-apply) कर सकते हैं। अगर सीओ ने गलत तरीके से रिजेक्ट किया है, तो आप DCLR (भूमि सुधार उप समाहर्ता) कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
3. क्या म्यूटेशन अप्लाई करने की कोई सरकारी फीस (Charge) कटती है?
जी नहीं, ऑनलाइन आवेदन करने का कोई सरकारी शुल्क नहीं है, यह बिल्कुल फ्री है। आपको पैसे केवल तब देने होते हैं जब म्यूटेशन पास हो जाता है और आप ऑनलाइन लगान (ज़मीन की रसीद) काटते हैं।
4. केवाला का पीडीएफ 2MB से कम कैसे बनाएं?
कई बार केवाला 20-25 पेज का होता है। आप इंटरनेट पर "Compress PDF Online" सर्च करके किसी भी मुफ्त वेबसाइट का इस्तेमाल करके अपनी फाइल का साइज़ कम कर सकते हैं। बस ध्यान रहे कि पन्नों पर लिखे हुए अक्षर पढ़ने लायक हों।
5. अगर बहुत दिन तक फाइल हलका कर्मचारी के पास रुकी रहे, तो क्या उपाय है?
अगर आवेदन किए हुए 2 महीने से ज़्यादा हो गए हैं और फाइल 'Pending at Karamchari' दिखा रही है, तो अपनी ऑनलाइन रसीद और केवाला की कॉपी लेकर अपने अंचल कार्यालय में संबंधित हलका कर्मचारी से जाकर मिलें और उनसे इसे आगे बढ़ाने का निवेदन करें।
आखिरी बात
भाइयों, ज़मीन खरीदना जिंदगी का एक बहुत बड़ा फैसला और निवेश होता है। इसलिए रजिस्ट्री के तुरंत बाद दाखिल-खारिज के लिए अप्लाई करने में बिल्कुल भी आलस न करें। सरकार ने ऑनलाइन सुविधा देकर हमारा काम बहुत आसान कर दिया है। अब आपको अपना काम करवाने के लिए किसी की जी-हुजूरी करने की जरूरत नहीं है। थोड़ा सा समय निकालें, ऊपर बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें और अपना हक़ सुरक्षित करें। अगर फॉर्म भरते समय कोई दिक्कत आए, तो आप अपने किसी पढ़े-लिखे दोस्त या नज़दीकी सीएससी (CSC) सेंटर की मदद भी ले सकते हैं। अपनी ज़मीन, अपने कागज़, अपनी ज़िम्मेदारी!
