बिहार में महिला सिपाही से शादी का झांसा, फोटो-वीडियो से ब्लैकमेलिंग का आरोप

 


बिहार में महिला सिपाही यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला सिपाही यौन शोषण मामले में आरोप है कि गया जिले की रहने वाली और बेगूसराय जिला पुलिस बल में तैनात महिला सिपाही को शादी का भरोसा देकर शिक्षक ने संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि बाद में उसकी तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल किया गया और पैसों की मांग की गई।

मामला गया जिले के आंती थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता के बयान के आधार पर महिला थाने में शिक्षक विपिन कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोचिंग में हुई थी शिक्षक से पहचान

पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि नौकरी में आने से पहले वह डेल्हा इलाके के एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करती थी। इसी दौरान उसकी पहचान वहां पढ़ाने वाले शिक्षक विपिन कुमार से हुई।

शिकायत के अनुसार, दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। आरोप है कि अगस्त 2024 में शिक्षक ने महिला सिपाही के सामने शादी का प्रस्ताव रखा और विवाह करने का भरोसा दिया।

महिला सिपाही का आरोप है कि शादी का भरोसा मिलने के बाद शिक्षक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान कथित तौर पर उसकी तस्वीरें और वीडियो भी बनाए गए।

फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप

पीड़िता के अनुसार, बाद में शिक्षक ने कथित तौर पर उन्हीं फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाना शुरू किया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षक लगातार रुपये की मांग करता था। तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक होने के डर से महिला सिपाही कथित दबाव में आती रही।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि रकम जुटाने के लिए उसे बैंक से पर्सनल लोन तक लेना पड़ा। आरोप है कि उसने पैसे शिक्षक के भाई के बैंक खाते में भेजे।

इस मामले में पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, पैसों के लेन-देन और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस संबंधित बैंक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी देख सकती है।

मेडिकल जांच के बाद आगे की कार्रवाई

महिला थाने की थानाध्यक्ष रूपा कुमारी के अनुसार, पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में आरोपित शिक्षक का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने से पहले आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

नाबालिग दुष्कर्म मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

इसी बीच गया जिले में पुलिस कार्रवाई से जुड़ा एक दूसरा गंभीर मामला भी सामने आया है। पंचानपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप वाले मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में कथित लापरवाही पर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग की मां ने पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी छह अगस्त को घर से निकली थी। अगले दिन वह डरी-सहमी हालत में वापस पहुंची।

पीड़िता ने पंचानपुर निवासी नीरज पर बहला-फुसलाकर ले जाने और रातभर उसके साथ गलत काम करने का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद मामले की पुलिस जांच की गई।

समय पर FIR नहीं करने पर कार्रवाई

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच में प्रथमदृष्टया पुलिसकर्मियों की ओर से गंभीर अनुशासनहीनता सामने आने की बात कही गई है।

जांच में यह बात सामने आई कि गंभीर आरोप की जानकारी मिलने के बावजूद समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बताया गया कि आठ अगस्त को पुलिस आरोपी नीरज को थाने लेकर आई थी।

आरोप है कि इसके बाद वरीय अधिकारियों को सूचना दिए बिना उसे छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग ने गंभीर रुख अपनाया।

मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव के निर्देश के बाद पंचानपुर थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थानाध्यक्ष नगिना उरांव और एएसआई संतोष कुमार को निलंबित कर दिया गया। तीनों को पुलिस केंद्र गया भेजा गया है।

दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी

गया जिले में सामने आए इन दोनों मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। एक मामले में महिला सिपाही ने शिक्षक पर शादी का भरोसा देकर यौन शोषण और बाद में ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है।

दूसरे मामले में नाबालिग से दुष्कर्म की शिकायत पर समय पर प्राथमिकी नहीं दर्ज करने और आरोपी को कथित रूप से छोड़ने के आरोप में पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई हुई है।

फिलहाल महिला सिपाही से जुड़े मामले में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं नाबालिग मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ पूरे प्रकरण की जांच जारी है। दोनों मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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