बिहार में सियासी भूचाल! RJD के 15-16 विधायक छोड़ेंगे पार्टी? बड़ा दावा

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बिहार की राजनीति में RJD में टूट को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। RJD में टूट की अटकलों को उस वक्त हवा मिली, जब हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि आरजेडी के 15 से 16 विधायक जल्द पार्टी छोड़ सकते हैं। उनके बयान के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से विधायक आरजेडी छोड़ सकते हैं और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि भी सामने नहीं आई है।

मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी के संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इसका असर विधायकों के फैसले के रूप में दिखाई दे सकता है।

मृत्युंजय तिवारी का RJD को लेकर बड़ा दावा

बीजेपी में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि आरजेडी में अंदरूनी कलह लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर नेतृत्व और नीति को लेकर स्थिति ठीक नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी में न तो स्पष्ट नेतृत्व दिखाई दे रहा है और न ही संगठन के भीतर सम्मान की स्थिति है। इसी वजह से उन्होंने पार्टी को टूट की कगार पर पहुंचने का दावा किया।

हालांकि, मृत्युंजय तिवारी ने यह नहीं बताया कि आरजेडी के वे 15-16 विधायक कौन हैं, जो कथित तौर पर पार्टी छोड़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता कि विधायक कब पार्टी छोड़ेंगे। उनके बयान का संकेत आने वाले दिनों में किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना की ओर था।

RJD ने दावे को बताया बेबुनियाद

मृत्युंजय तिवारी के बयान के बाद आरजेडी की ओर से उनके दावे का खंडन किया गया है। पार्टी ने उनके आरोपों को स्वीकार नहीं किया और इस तरह की किसी संभावित टूट से इनकार किया।

आरजेडी के रुख से साफ है कि पार्टी फिलहाल इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देख रही है।

सबसे अहम बात यह है कि अब तक किसी ऐसे विधायक ने सार्वजनिक रूप से आरजेडी छोड़ने की घोषणा नहीं की है। इसलिए 15-16 विधायकों के पार्टी छोड़ने का दावा फिलहाल राजनीतिक आरोप तक सीमित है।

कांग्रेस ने पलटवार कर JDU में टूट का दावा किया

बीजेपी नेता के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मृत्युंजय तिवारी को आरजेडी की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि टूट आरजेडी में नहीं, बल्कि जनता दल यूनाइटेड में होने वाली है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जेडीयू के भीतर बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।

आसित नाथ तिवारी ने यहां तक दावा किया कि जेडीयू अंदर से टूट चुकी है और पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं को भविष्य के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।

हालांकि, कांग्रेस नेता ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि जेडीयू के कौन से विधायक या नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।

संजय झा और ललन सिंह को लेकर भी दावा

आसित नाथ तिवारी ने अपने बयान में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की।

उन्होंने दावा किया कि संजय कुमार झा के अलावा ललन सिंह भी दूसरे विकल्प की तलाश में हैं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक दस्तावेज, आधिकारिक बयान या किसी विधायक के पार्टी छोड़ने की घोषणा का हवाला नहीं दिया।

इसलिए इन दावों को फिलहाल राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित नेताओं या जेडीयू की ओर से इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा।

दोनों तरफ से दावे, लेकिन कोई नाम सामने नहीं

बिहार की मौजूदा राजनीति में इस घटनाक्रम की सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के गठबंधन में टूट का दावा कर रहे हैं।

मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी के 15-16 विधायकों के पार्टी छोड़ने की बात कही, लेकिन किसी का नाम नहीं बताया। दूसरी तरफ आसित नाथ तिवारी ने जेडीयू में बड़ी टूट का दावा किया, लेकिन उन्होंने भी संभावित नेताओं या विधायकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

यही वजह है कि इन बयानों को लेकर फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण और अटकलों का दौर चल रहा है।

क्या बिहार में सचमुच होने वाली है बड़ी टूट?

किसी पार्टी में बड़ी टूट होने के लिए केवल राजनीतिक बयान काफी नहीं होता। विधायकों के सार्वजनिक इस्तीफे, पार्टी बदलने की घोषणा या विधानसभा में आधिकारिक स्थिति जैसे घटनाक्रम ही तस्वीर को स्पष्ट कर सकते हैं।

फिलहाल आरजेडी के 15-16 विधायकों के पार्टी छोड़ने या जेडीयू में बड़ी टूट की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

अगर आने वाले दिनों में किसी विधायक या बड़े नेता का पाला बदलना सामने आता है, तो बिहार की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। खासकर विधानसभा के भीतर संख्या बल और गठबंधन की रणनीति के लिहाज से ऐसे बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

बिहार में तेज हो रही राजनीतिक मनोवैज्ञानिक लड़ाई

मृत्युंजय तिवारी और आसित नाथ तिवारी के बयानों को फिलहाल एक-दूसरे के दावों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

एक तरफ बीजेपी नेता आरजेडी में संभावित टूट की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता जेडीयू में टूट का दावा कर रहे हैं। दोनों ही मामलों में संभावित विधायकों के नाम और ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि वास्तव में किसी पार्टी में बड़ी टूट होने जा रही है। आने वाले दिनों में यदि कोई विधायक या नेता आधिकारिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा करता है, तभी इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल बिहार की राजनीति में RJD बनाम JDU टूट के दावे ने सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन दावों के बाद कौन सा नेता अगला कदम उठाता है और क्या किसी विधायक की ओर से पार्टी बदलने का ऐलान होता है।

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