बिहार पुलिस के 18 अफसरों को राष्ट्रपति पदक, एक को वीरता सम्मान

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें


 

बिहार पुलिस राष्ट्रपति पदक 2026 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य के 18 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। बिहार पुलिस राष्ट्रपति पदक 2026 की सूची में एक अधिकारी को वीरता, दो को विशिष्ट सेवा और 15 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए चुना गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों की घोषणा की है।

इस बार बिहार को पिछले स्वतंत्रता दिवस की तुलना में तीन पदक अधिक मिले हैं। चयनित पुलिस अधिकारी और कर्मी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से नवाजे जाएंगे।

एक पुलिस इंस्पेक्टर को मिलेगा वीरता पदक

पटना के बेऊर थाने में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद अफसर हुसैन को वीरता पदक के लिए चुना गया है। उन्हें अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई और खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।

अफसर हुसैन की कार्यशैली और पुलिस सेवा के दौरान किए गए साहसिक अभियानों को इस सम्मान के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। वीरता पदक पुलिस सेवा में असाधारण साहस और बहादुरी दिखाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को दिया जाता है।

इस सम्मान को केवल संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे बिहार पुलिस विभाग के लिए गौरव का विषय माना जाता है।

दो अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक

बिहार के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशिष्ट सेवा पदक के लिए चुना गया है। इनमें विशेष शाखा में तैनात आईजी संजय कुमार और मुजफ्फरपुर की रेल एसपी बीना कुमारी शामिल हैं।

विशिष्ट सेवा पदक पुलिस सेवा में लंबे समय तक उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है। दोनों अधिकारियों का चयन बिहार पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इसके अलावा सराहनीय सेवा के लिए भी बड़ी संख्या में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है। इस श्रेणी में पुलिस सेवा के अलग-अलग स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और जवानों को सम्मान मिलेगा।

सराहनीय सेवा के लिए इन पुलिसकर्मियों का चयन

सराहनीय सेवा के राष्ट्रपति पदक के लिए चुने गए पुलिसकर्मियों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में तैनात डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा भी शामिल हैं। उनके साथ एसपी इम्तियाज अहमद, इंस्पेक्टर इरशाद आलम और एसआई राजेश कुमार सिंह को भी सम्मान मिलेगा।

सूची में एएसआई मुकेश कुमार सिंह, एसआई संतोष क्षेत्री, हवलदार शंभूनाथ सिंह, हवलदार संतोष अल्ले मगर और हवलदार रूपेश थापा के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा एएसआई लवकुश कुमार, एएसआई अमिताभ गिरी, एएसआई आनंद प्रकाश, सिपाही तपन गुरूंग, सिपाही छत्र बहादुर थापा और संतोष कुमार ठाकुर को भी सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया जाएगा।

क्यों दिया जाता है राष्ट्रपति पदक?

राष्ट्रपति पदक पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मियों को प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।

इनमें वीरता पदक असाधारण साहस और बहादुरी के लिए दिया जाता है, जबकि विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक लंबे समय तक किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं।

इन पदकों की शुरुआत 1 मार्च 1951 को हुई थी। तब से यह सम्मान पुलिस और अन्य संबंधित सेवाओं के अधिकारियों-कर्मियों के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार बना हुआ है।

लंबे पुलिस करियर के बाद डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा को सम्मान

सराहनीय सेवा पदक पाने वाले डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा ने अपने पुलिस करियर की शुरुआत डीएसपी के रूप में की थी। उनकी पहली पोस्टिंग झारखंड की उपराजधानी दुमका में हुई थी।

करीब ढाई दशक से अधिक समय तक पुलिस प्रशासन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के बाद उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहा है। उनके लंबे सेवा अनुभव और विभागीय योगदान को इस चयन में अहम माना गया है।

बिहार पुलिस के लिए इस साल कुल 18 राष्ट्रपति पदक मिलना उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले वर्ष राज्य के 15 पुलिसकर्मियों को यह सम्मान मिला था। इस बार तीन अतिरिक्त पदकों के साथ विभाग में उत्साह बढ़ा है।


Tags: #BiharPolice #PresidentMedal2026 #BiharNews #PoliceMedal #IndependenceDay2026 #PresidentMedal #BiharPoliceNews

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1