बिहार पुलिस पेपर लीक कांड में बड़ा खुलासा, बायोमीट्रिक सुपरवाइजर समेत 3 आरोपी जेल भेजे गए
बिहार पुलिस पेपर लीक कांड में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है। बिहार पुलिस पेपर लीक कांड की जांच कर रही EOU ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों में एक बायोमीट्रिक सुपरवाइजर भी शामिल है, जिस पर मोबाइल के जरिए परीक्षा के उत्तर भेजने का आरोप है। मामला बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के अधिनायक अनुदेशक (हवलदार अनुदेशक) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
यह परीक्षा राज्यभर में 29 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इसमें हिस्सा लिया था।
किन आरोपियों को भेजा गया जेल?
EOU के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
पटना के बिक्रम निवासी राज समदर्शी उर्फ राजा (25 वर्ष)
हाजीपुर निवासी अभिषेक कुमार (21 वर्ष)
वैशाली नगर थाना क्षेत्र निवासी नितेश कुमार (28 वर्ष)
नितेश परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक सुपरवाइजर के रूप में तैनात था। जांच में उसके माध्यम से उत्तर भेजे जाने की बात सामने आई है।
तीनों को शुक्रवार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
EOU ने कैसे पकड़ा पूरा नेटवर्क?
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि हाजीपुर नगर थाना में इस मामले में कांड संख्या 368/2026 दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान राज समदर्शी को 29 जुलाई को हाजीपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र के पास से हिरासत में लिया गया था।
पूछताछ में उसने कथित तौर पर परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग की बात स्वीकार की और अपने सहयोगी के रूप में अभिषेक कुमार का नाम बताया।
इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और नितेश कुमार की भूमिका भी सामने आई।
मोबाइल से भेजे गए थे परीक्षा के उत्तर
EOU की जांच में सबसे अहम खुलासा यह हुआ कि बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार के माध्यम से प्रश्नपत्र के उत्तर बाहर भेजे गए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार उत्तर मोबाइल फोन के जरिए राज समदर्शी तक पहुंचाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की डिजिटल जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनमें परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री शामिल है।
मोबाइल गैलरी से मिले कई संदिग्ध दस्तावेज
जांच के दौरान राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल फोन की गैलरी की भी जांच की गई।
EOU को वहां से कई एडमिट कार्ड, उत्तर पत्रक और परीक्षा से संबंधित अन्य दस्तावेज मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक उत्तर भेजे जाने का समय दोपहर 12 बजकर 21 मिनट दर्ज हुआ है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
AEDO परीक्षा में भी धांधली का दावा
पूछताछ के दौरान राज समदर्शी ने यह भी बताया कि उसने अप्रैल 2026 में आयोजित AEDO परीक्षा में भी कथित रूप से धांधली की थी।
हालांकि, उस दावे की अलग से जांच की जा रही है और EOU ने अभी तक उस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों परीक्षाओं में एक ही नेटवर्क सक्रिय था।
चार अन्य लोगों के खिलाफ भी दर्ज हुई प्राथमिकी
EOU ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर तीन गिरफ्तार आरोपियों के अलावा चार अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ भी 30 जुलाई को अलग से प्राथमिकी दर्ज की है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
क्या है पूरा परीक्षा मामला?
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित यह परीक्षा गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के अधिनायक अनुदेशक (हवलदार अनुदेशक) पदों की भर्ती के लिए कराई गई थी।
परीक्षा 29 जुलाई को राज्यभर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हुई थी। पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष जांच शुरू की।
अब तक की कार्रवाई में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
एक नजर में पूरा मामला
बिहार पुलिस हवलदार अनुदेशक परीक्षा 29 जुलाई 2026 को आयोजित हुई।
EOU ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
गिरफ्तार लोगों में बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार भी शामिल है।
आरोप है कि मोबाइल से प्रश्नपत्र के उत्तर बाहर भेजे गए।
मोबाइल जांच में एडमिट कार्ड और उत्तर पत्रक समेत कई डिजिटल साक्ष्य मिले।
चार अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
यह मामला बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। EOU की आगे की जांच से नेटवर्क के अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकता है।
