बिहार में चरित्र प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनाएं?

 


अगर आप बिहार के रहने वाले हैं, तो आपको अच्छे से पता होगा कि यहाँ कोई भी काम करवाना, खासकर कागजी कार्यवाही, कितना झंझट वाला लगता है। लेकिन सच्चाई ये है कि अब समय काफी बदल गया है। आज के समय में, चाहे आपको किसी सरकारी नौकरी के लिए जाना हो, प्राइवेट कंपनी में इंटरव्यू देना हो, अपना CSP (ग्राहक सेवा केंद्र) खोलना हो या फिर ठेकेदारी का लाइसेंस लेना हो—हर जगह आपसे एक कागज जरूर मांगा जाता है: चरित्र प्रमाण पत्र यानी Police Clearance Certificate।

पहले इस एक कागज को बनवाने के लिए लोगों को ब्लॉक और थाने के कितने चक्कर लगाने पड़ते थे, ये हम और आप सब जानते हैं। दरोगा जी से मिलना, पैरवी लगाना, और न जाने क्या-क्या! लेकिन अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

इस लेख में, मैं आपको एक दम जमीनी हकीकत के साथ बताऊंगा कि कैसे आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे बिहार में चरित्र प्रमाण पत्र (Charitra Praman Patra) के लिए ऑनलाइन आवेदन (Online Apply) कर सकते हैं। कोई एजेंट नहीं, कोई फालतू का खर्च नहीं। बस इस पूरे तरीके को ध्यान से पढ़िए और अपना काम खुद कीजिए।

एक नज़र में: बिहार चरित्र प्रमाण पत्र की अहम जानकारी

जानकारी का प्रकारविवरण
प्रमाण पत्र का नामचरित्र प्रमाण पत्र (Police Clearance Certificate)
जारी करने वाला विभागगृह विभाग (Home Department), बिहार सरकार
आवेदन का माध्यमपूरी तरह से ऑनलाइन (RTPS Portal)
आवेदन फीस (Fee)बिल्कुल फ्री (0 रुपये)
बनने में लगने वाला समय14 कार्य दिवस (Working Days)
वैधता (Validity)जारी होने की तारीख से 6 महीने तक
ऑफिशियल वेबसाइटserviceonline.bihar.gov.in

चरित्र प्रमाण पत्र (Police Clearance Certificate) आखिर है क्या?

सीधी सी बात करें तो, चरित्र प्रमाण पत्र एक ऐसा सरकारी दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि आपके ऊपर किसी भी पुलिस स्टेशन (थाने) में कोई भी आपराधिक मामला (Criminal Case) दर्ज नहीं है। यह पुलिस विभाग द्वारा जांच-पड़ताल (Police Verification) के बाद जारी किया जाता है। आसान भाषा में कहें तो यह इस बात का सबूत है कि समाज में आपका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ-सुथरा है।

बिहार में इसकी जरूरत कहाँ-कहाँ पड़ती है?

अगर आपको लगता है कि इसकी जरूरत सिर्फ सरकारी नौकरी वालों को है, तो आप गलत हैं। आज के समय में इसकी मांग हर जगह है। आइए देखते हैं कहाँ-कहाँ इसकी मुख्य रूप से जरूरत पड़ती है:

  • सरकारी और प्राइवेट नौकरियां: किसी भी कंपनी या सरकारी विभाग में जॉइनिंग से पहले बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए।

  • CSC या CSP सेंटर: अगर आप बैंक का मिनी ब्रांच (CSP) या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) खोलना चाहते हैं, तो यह सबसे जरूरी कागज है।

  • पासपोर्ट बनवाने के लिए: बिना पुलिस क्लीयरेंस के आपका पासपोर्ट बन ही नहीं सकता।

  • सरकारी टेंडर या ठेकेदारी: बिहार में ठेकेदारी का लाइसेंस लेने के लिए चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।

  • हथियार का लाइसेंस (Arms License): अगर आपको बंदूक का लाइसेंस चाहिए, तो पुलिस का यह सर्टिफिकेट सबसे पहले मांगा जाता है।

  • चुनाव लड़ने के लिए: पंचायत से लेकर बड़े चुनावों तक में नामांकन के समय इसकी जरूरत पड़ सकती है।

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)

आवेदन करने से पहले अपने पास कुछ चीजें जरूर रख लें ताकि फॉर्म भरते समय कोई दिक्कत न आए। आपको कोई भारी-भरकम फाइल नहीं चाहिए, बस नीचे दी गई चीजें तैयार रखें:

  1. आवेदक का आधार कार्ड (Aadhar Card): यह सबसे जरूरी है। ध्यान रहे कि अगर आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक है, तो आपका काम बहुत आसानी से (e-KYC के जरिए) हो जाएगा।

  2. एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो: फोटो साफ होनी चाहिए और हाल ही में खींची गई हो। टोपी या काला चश्मा पहन कर फोटो न खिंचवाएं।

  3. चालू मोबाइल नंबर: जिस पर OTP आ सके और पुलिस वाले वेरिफिकेशन के समय आपको कॉल कर सकें।

  4. ईमेल आईडी (Email ID): यह भी चालू होनी चाहिए, क्योंकि जब आपका सर्टिफिकेट बन जाएगा, तो उसकी कॉपी इसी ईमेल पर भेजी जाती है।

  5. शैक्षणिक प्रमाण पत्र (वैकल्पिक): हालांकि यह हमेशा जरूरी नहीं होता, लेकिन अगर आप छात्र हैं और पढ़ाई या नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो अंतिम पास की गई परीक्षा का सर्टिफिकेट काम आ सकता है।

बिहार पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र: ऑनलाइन अप्लाई करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

अब आते हैं सबसे अहम मुद्दे पर। आपको किसी कैफे वाले को 100-200 रुपये देने की जरूरत नहीं है। बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें और खुद अपना फॉर्म भरें।

स्टेप 1: RTPS बिहार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप में कोई भी ब्राउज़र (जैसे Google Chrome) खोलें और बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट serviceonline.bihar.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: गृह विभाग की सेवा का चयन करें

वेबसाइट खुलने के बाद बायीं तरफ आपको "लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएँ" (RTPS Services) का सेक्शन दिखेगा।

  • उसमें "गृह विभाग (Home Department)" के ऑप्शन पर क्लिक करें।

  • उसके ठीक नीचे "आचरण प्रमाण पत्र के लिए आवेदन" (Issuance of Character Certificate) का लिंक मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें।

स्टेप 3: फॉर्म में अपनी पर्सनल जानकारी भरें

अब आपके स्क्रीन पर एक लंबा सा फॉर्म खुल जाएगा। घबराइए मत, इसे भरना बहुत आसान है:

  • लिंग (Gender): पुरुष, स्त्री या अन्य चुनें।

  • अभिवादन (Salutation): श्री, श्रीमती जो भी लागू हो, चुनें।

  • नाम (Name): अपना नाम अंग्रेजी में लिखें (जैसे Rahul Kumar)। जैसे ही आप स्पेस दबाएंगे, बगल वाले बॉक्स में यह खुद-ब-खुद हिंदी (राहुल कुमार) में टाइप हो जाएगा।

  • पिता और माता का नाम: ठीक उसी तरह अपने माता-पिता का नाम भरें।

स्टेप 4: अपना पूरा और सही पता (Address) डालें

यह हिस्सा सबसे जरूरी है, क्योंकि पुलिस आपके पते के आधार पर ही आपके थाने से संपर्क करेगी।

  • अपना राज्य (Bihar), जिला, अनुमंडल (Sub-division) और ब्लॉक (प्रखंड) चुनें।

  • अपना ग्राम/मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस, और पिन कोड सही-सही भरें।

  • थाना (Police Station): ड्रॉपडाउन लिस्ट से अपना सही पुलिस स्टेशन चुनें। अगर आपने यहाँ गलत थाना चुन लिया, तो फॉर्म सीधा रिजेक्ट हो जाएगा।

  • अगर आपका वर्तमान पता (Current Address) और स्थायी पता (Permanent Address) एक ही है, तो "ऊपर के जैसा (Same as Above)" वाले छोटे बॉक्स पर टिक कर दें।

स्टेप 5: फोटो अपलोड करें और उद्देश्य बताएं

  • फोटो: अपनी एक साफ फोटो (50KB से कम साइज की) अपलोड करें।

  • पेशा (Profession): आप छात्र हैं, प्राइवेट नौकरी करते हैं, किसान हैं या व्यापार करते हैं—सही ऑप्शन चुनें।

  • आवेदन का उद्देश्य: आपको यह सर्टिफिकेट क्यों चाहिए? (जैसे- पासपोर्ट के लिए, बैंक CSP के लिए, या सरकारी नौकरी के लिए) इसका सही कारण चुनें। अगर आपका कारण लिस्ट में नहीं है, तो "अन्य" चुनकर बॉक्स में लिख दें।

स्टेप 6: पिछले 2 साल का अधिवास (Domicile) विवरण दें

आपको यह बताना होगा कि पिछले दो सालों से आप कहाँ रह रहे हैं।

  • अगर आप जन्म से एक ही जगह रह रहे हैं, तो 'स्थायी पता' चुनें।

  • अपने जिले और थाने का नाम दोबारा चुनें और पिछले 2 साल का महीना और साल डाल दें (जैसे जनवरी 2022 से आज तक)।

स्टेप 7: फॉर्म को सबमिट (Submit) करें

  • सबसे नीचे दिए गए कैप्चा कोड (Captcha) को ध्यान से भरें और Submit बटन पर क्लिक करें।

  • एक बार पूरे फॉर्म का प्रीव्यू (Preview) देख लें। अगर सब कुछ सही है, तो "Attach Annexure" पर क्लिक करें।

स्टेप 8: दस्तावेज अपलोड (Document Upload)

यहाँ आपको अपना पहचान पत्र अपलोड करना होगा।

  • लिस्ट से 'आधार कार्ड' (Aadhar Card) या 'पैन कार्ड' या 'वोटर आईडी' चुनें।

  • उसकी एक साफ़ फोटो या PDF फाइल अपलोड करें।

  • इसके बाद "Save Annexure" पर क्लिक करें और अंत में "Final Submit" कर दें।

बधाई हो! आपका आवेदन जमा हो गया है। स्क्रीन पर एक रसीद (Acknowledgement Receipt) आ जाएगी। इसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख लें। इसमें आपका आवेदन नंबर (Application Reference Number) लिखा होगा।

आवेदन के बाद क्या होता है? (ग्राउंड लेवल की सच्चाई)

बहुत से लोगों को लगता है कि फॉर्म भर दिया और काम खत्म, लेकिन असली खेल तो अब शुरू होता है। फॉर्म भरने के बाद यह सीधे आपके जिले के SP ऑफिस (पुलिस अधीक्षक कार्यालय) जाता है और वहाँ से आपके लोकल थाने में भेजा जाता है।

थाना वेरिफिकेशन कैसे होता है?

अमूमन 5 से 7 दिनों के अंदर, आपके लोकल थाने से आपके मोबाइल पर एक कॉल आएगा। दरोगा जी या मुंशी जी आपको थाने पर बुला सकते हैं। जाते समय क्या ले जाना है?

  1. जो रसीद आपको ऑनलाइन मिली थी, उसकी प्रिंटआउट।

  2. अपना ओरिजिनल आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी।

  3. दो पासपोर्ट साइज फोटो।

  4. कई बार, पहचान के लिए वार्ड सदस्य या मुखिया जी से साइन करवा कर लाने को भी कहा जा सकता है (यह हर थाने में नहीं होता, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आम है)।

थाने में अधिकारी आपके पड़ोसियों से या अपने रिकॉर्ड में चेक करेंगे कि आपके नाम पर कोई मुकदमा (FIR) तो दर्ज नहीं है। अगर आपका रिकॉर्ड साफ है, तो थाना प्रभारी आपकी रिपोर्ट को 'क्लियर' लिखकर SP ऑफिस को ऑनलाइन वापस भेज देते हैं।

फॉर्म रिजेक्ट (Reject) होने के सबसे बड़े कारण

कई बार लोगों का फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है और उन्हें पता भी नहीं चलता। इससे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • गलत थाने का चुनाव: अगर आप रहते किसी और थाने के इलाके में हैं और फॉर्म में कोई और थाना चुन लिया, तो फॉर्म 100% रिजेक्ट होगा।

  • धुंधला आधार कार्ड: अगर आपने आधार कार्ड की जो फोटो अपलोड की है, उसमें नाम या पता पढ़ने में नहीं आ रहा है, तो आवेदन रद्द हो जाएगा।

  • फोटो सही न होना: सेल्फी अपलोड न करें। हमेशा एक फॉर्मल पासपोर्ट साइज फोटो ही लगाएं।

  • थाने से कॉल न उठाना: अगर पुलिस वाले वेरिफिकेशन के लिए कॉल करते हैं और आपका नंबर बंद आता है, तो वे रिपोर्ट में लिख देंगे कि "आवेदक पते पर नहीं मिला" और आपका फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा।

स्टेटस कैसे चेक करें? (How to Check Status Online)

जब आप इंतजार कर रहे हों, तो आप घर बैठे अपने मोबाइल से स्टेटस भी चेक कर सकते हैं:

  1. वापस RTPS की वेबसाइट (serviceonline.bihar.gov.in) पर आएं।

  2. होम पेज पर दाहिनी तरफ "आवेदन की स्थिति देखें" (Track Application Status) पर क्लिक करें।

  3. अपना Application Reference Number (जो रसीद में लिखा है) और फॉर्म भरने की तारीख डालें।

  4. कैप्चा भरें और Submit करें।

    आपको साफ-साफ दिख जाएगा कि आपका फॉर्म अभी SP ऑफिस में है, थाने में पेंडिंग है, या बनकर तैयार (Delivered) हो गया है। जब स्टेटस Delivered दिखाए, तो आप वहीं से अपना PDF सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. बिहार में चरित्र प्रमाण पत्र बनने में कितने दिन का समय लगता है?

सरकारी नियम के अनुसार इसे 14 कार्य दिवस (Working Days) में बन जाना चाहिए। हालांकि, अगर थाने में वेरिफिकेशन जल्दी हो जाता है, तो यह 10 से 12 दिनों में भी बनकर ऑनलाइन आ जाता है।

2. क्या ऑनलाइन आवेदन के लिए कोई फीस (पैसा) देना पड़ता है?

बिल्कुल नहीं। RTPS पोर्टल पर चरित्र प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए सरकार द्वारा कोई भी फीस नहीं ली जाती है। यह पूरी तरह से मुफ्त (Free) है। कैफे वाले सिर्फ फॉर्म भरने की अपनी मजदूरी (50-100 रुपये) लेते हैं।

3. बिहार पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र की वैलिडिटी (Validity) कितने दिन की होती है?

यह प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख (Date of Issue) से ठीक 6 महीने (Six Months) तक वैध (Valid) माना जाता है। 6 महीने के बाद आपको नया सर्टिफिकेट बनवाना पड़ेगा।

4. क्या ऑनलाइन आवेदन के बाद थाने जाना जरूरी है?

ज्यादातर मामलों में हाँ। पुलिस वेरिफिकेशन के लिए लोकल थाने से आपको कॉल आता है और आपको अपना आधार कार्ड और ऑनलाइन रसीद लेकर थाने में जाकर पहचान करवानी पड़ती है। कुछ जगहों पर पुलिस खुद भी पते पर आ सकती है।

5. अगर मेरे ऊपर कोई केस (FIR) दर्ज है, तो क्या मेरा चरित्र प्रमाण पत्र बनेगा?

अगर आपके ऊपर कोई आपराधिक मामला दर्ज है, तो थाना प्रभारी आपकी रिपोर्ट में उस केस का जिक्र कर देंगे। ऐसी स्थिति में आपको 'क्लीन चिट' वाला चरित्र प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा, बल्कि उसमें आपके मुकदमों की जानकारी लिखी होगी।

आखिरी बात

भैया, बिहार में रहकर सरकारी काम करवाना थोड़ा सब्र का काम जरूर है, लेकिन अब ऑनलाइन सिस्टम (RTPS) ने इसे काफी पारदर्शी और आसान बना दिया है। आपको किसी भी दलाल या बिचौलिए के चक्कर में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है।

अपने मोबाइल का सही इस्तेमाल कीजिए। मैंने ऊपर जो एक-एक स्टेप बताया है, उसे फॉलो कीजिए और अपना आवेदन खुद सबमिट कीजिए। बस इस बात का ध्यान रखिएगा कि जब पुलिस स्टेशन से कॉल आए, तो उनसे इज्जत से बात करें और जो भी डॉक्यूमेंट वो मांगें, समय पर जाकर दिखा दें। आपका काम 100% हो जाएगा।

अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरते समय कोई भी दिक्कत आ रही है या पोर्टल काम नहीं कर रहा है, तो परेशान न हों। कई बार सर्वर डाउन रहता है, ऐसे में सुबह के वक्त या देर रात में फॉर्म भरने की कोशिश करें। अपना काम खुद करना सीखें, समय और पैसा दोनों बचेगा!

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