बिहार में IPL की एंट्री का रास्ता साफ? टीम और मैचों पर बड़ा मंथन

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बिहार में IPL को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। IPL मैचों की मेजबानी और राज्य की अपनी फ्रेंचाइजी बनाने की संभावनाओं पर खेल विभाग के स्तर पर चर्चा हुई है। बिहार खेल विभाग के निदेशक आरिफ अहसन और IPL से जुड़े अनुभव रखने वाले पूर्व अधिकारी राजीव खन्ना के बीच हुई बातचीत में राज्य में बड़े क्रिकेट आयोजनों की संभावनाओं पर विचार किया गया। हालांकि, अभी बिहार को IPL मैच या नई फ्रेंचाइजी मिलने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

बैठक में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम के प्रस्तावित पुनर्विकास पर भी चर्चा हुई।

बिहार में IPL मैच कराने पर क्या हुआ मंथन?

बिहार में क्रिकेट को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में IPL जैसे लोकप्रिय टूर्नामेंट की मेजबानी की संभावनाओं पर विचार किया गया।

चर्चा में यह देखा गया कि राज्य में मौजूद और विकसित किए जा रहे क्रिकेट स्टेडियमों को बड़े मुकाबलों के लिए किस तरह तैयार किया जा सकता है। अगर भविष्य में IPL मैचों की मेजबानी का अवसर मिलता है, तो इससे बिहार के क्रिकेट ढांचे को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।

हालांकि, फिलहाल इसे शुरुआती स्तर की पहल और संभावनाओं पर बातचीत के रूप में ही देखा जा रहा है।

बिहार की अपनी IPL टीम बनाने पर भी चर्चा

बैठक में बिहार की अपनी IPL फ्रेंचाइजी बनाने के विकल्प पर भी विचार किया गया। अभी IPL में बिहार की कोई अलग टीम नहीं है।

अपनी फ्रेंचाइजी बनने की स्थिति में राज्य के क्रिकेटरों को भी बड़े मंच पर पहचान बनाने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा टीम से जुड़े प्रशिक्षण, खेल प्रबंधन, स्थानीय प्रतिभाओं और क्रिकेट कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना होगी।

लेकिन नई IPL टीम बनाना आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की प्रक्रिया, फ्रेंचाइजी अधिकार, निवेश और अन्य जरूरी मंजूरियों से गुजरना पड़ता है।

इसलिए फिलहाल बिहार की IPL टीम को लेकर किसी अंतिम फैसले का दावा करना जल्दबाजी होगी।

कौन हैं राजीव खन्ना, जिनसे हुई चर्चा?

इस बातचीत में राजीव खन्ना की मौजूदगी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्हें IPL के संचालन और फ्रेंचाइजी प्रबंधन का अनुभव रहा है।

राजीव खन्ना किंग्स इलेवन पंजाब में मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वे राजस्थान रॉयल्स में उपाध्यक्ष (VP) के पद पर भी काम कर चुके हैं।

ऐसे में IPL के आयोजन, टीम संचालन और फ्रेंचाइजी से जुड़े उनके अनुभव को बिहार में संभावित क्रिकेट परियोजनाओं के लिहाज से उपयोगी माना जा रहा है।

राजगीर स्टेडियम पर भी बड़ी उम्मीदें

IPL से जुड़ी चर्चा के बीच राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी प्रमुख विषय रहा। बिहार में विकसित हो रहा यह क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में बड़े मुकाबलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

किसी बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए मैदान के साथ दर्शक सुविधा, खिलाड़ियों की सुविधाएं, प्रसारण व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आधुनिक इंतजाम जरूरी होते हैं।

इसी वजह से राजगीर स्टेडियम को भविष्य के बड़े क्रिकेट आयोजनों के संभावित केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी विशेष IPL मुकाबले की मेजबानी को लेकर अभी आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है।

मोइन-उल-हक स्टेडियम का भी होगा कायाकल्प

पटना के ऐतिहासिक मोइन-उल-हक स्टेडियम के प्रस्तावित पुनर्विकास पर भी बैठक में चर्चा हुई।

यह मैदान लंबे समय से बिहार के क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा रहा है। इसके पुनर्विकास के बाद आधुनिक सुविधाओं के साथ बड़े स्तर के क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

राजगीर और पटना के स्टेडियमों पर एक साथ चर्चा को बिहार में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की व्यापक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार के खिलाड़ियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

अगर बिहार में बड़े स्तर के क्रिकेट आयोजन शुरू होते हैं या भविष्य में राज्य की अपनी IPL फ्रेंचाइजी अस्तित्व में आती है, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय खिलाड़ियों को मिल सकता है।

युवा क्रिकेटरों को बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने और राष्ट्रीय स्तर के स्काउट्स के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में क्रिकेट अकादमियों और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

इसके अलावा मैचों की मेजबानी से स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन, होटल और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी फायदा होने की संभावना है।

अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार

बिहार में IPL को लेकर हुई चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्साह जरूर बढ़ाया है, लेकिन अभी कई अहम चरण बाकी हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार में IPL मैच आयोजित करने या राज्य की अपनी फ्रेंचाइजी बनाने का कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। आगे की प्रक्रिया संबंधित क्रिकेट संस्थाओं, BCCI और अन्य आवश्यक स्तरों पर होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी।

इस पहल में फिलहाल तीन प्रमुख बातें सामने आई हैं—बिहार में IPL मैचों की संभावित मेजबानी, अपनी IPL फ्रेंचाइजी बनाने पर विचार और राजगीर व मोइन-उल-हक स्टेडियम के विकास पर जोर।

अगर आने वाले समय में इन प्रस्तावों को मंजूरी और जरूरी प्रक्रियाओं का समर्थन मिलता है, तो बिहार के क्रिकेट इतिहास में यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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