Bihar Flood News: नेपाल की बाढ़ के बाद CM सम्राट चौधरी का बड़ा अपडेट, गंडक-कोसी का हवाई सर्वे, 8 जिले हाई अलर्ट पर
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👉 WhatsApp से जुड़ेंBihar Flood News इस समय बिहार की सबसे बड़ी खबर बनी हुई है। Bihar Flood News के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वाल्मीकिनगर, बगहा, बेतिया और मोतिहारी समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।
नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। खासकर गंडक और कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
गंडक बराज का जलस्तर बढ़ा, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
गुरुवार सुबह गंडक बराज में जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे।
हवाई सर्वे के दौरान मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर, बगहा, बेतिया और मोतिहारी के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से तटबंधों, राहत शिविरों और बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना है।
CM सम्राट चौधरी बोले – भगवान का आशीर्वाद है, स्थिति सामान्य हो रही
वाल्मीकिनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई आपदा चिंता का विषय है, लेकिन बिहार में हालात नियंत्रण में हैं।
उन्होंने कहा,
"भगवान का आशीर्वाद है कि यहां स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बारिश का पानी अधिक आ रहा है, लेकिन गंडक से लगभग एक लाख क्यूसेक के आसपास पानी डिस्चार्ज हो रहा है। वाल्मीकिनगर से पटना तक फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।"
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार बिहार की बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
किन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्कता?
नेपाल से आने वाले पानी का सबसे अधिक असर बिहार के सीमावर्ती जिलों पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
हाई अलर्ट वाले प्रमुख जिले:
पश्चिम चंपारण (वाल्मीकिनगर, बगहा)
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)
बेतिया क्षेत्र
गंडक नदी के किनारे बसे अन्य संवेदनशील इलाके
इसके अलावा कोसी और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गंडक नदी का जलस्तर कितना है?
बुधवार रात करीब 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया था। इसके बाद जलस्तर में कुछ कमी आई, लेकिन नेपाल के देवघाट क्षेत्र में देर रात हुई बारिश के कारण एक बार फिर पानी बढ़ने लगा है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार:
गंडक नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।
फिलहाल किसी भी तटबंध पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया है।
इंजीनियरों और अधिकारियों की टीम 24 घंटे निगरानी में लगी हुई है।
गंगा नदी को लेकर भी आया नया अपडेट
राज्य सरकार के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल घटते रुझान (Decreasing Trend) में है। हालांकि कुछ स्थानों पर 1 से 2 सेंटीमीटर तक मामूली बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नेपाल में लगातार भारी बारिश होती है तो आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर में बदलाव संभव है। इसलिए प्रशासन सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में
बाढ़ की आशंका को देखते हुए बिहार का स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा है, इसलिए बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
अस्पतालों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार रखा जाए।
स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ तैयार रहें।
किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सरकार की तैयारी क्या है?
राज्य सरकार ने बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की प्रमुख तैयारियां:
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग।
संवेदनशील तटबंधों की विशेष निगरानी।
राहत और बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखना।
स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
स्थानीय प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नेपाल में मौसम की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बनाए रखना जरूरी होगा।
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