कैरेक्टर सर्टिफिकेट SP ऑफिस में पेंडिंग है? तुरंत अप्रूवल के तरीके

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अगर आपका कैरेक्टर सर्टिफिकेट (Character Certificate) लोकल थाने से फॉरवर्ड होने के बाद हफ्तों से SP ऑफिस में पेंडिंग है, तो बिना सही जानकारी के दौड़-भाग करने से कोई फायदा नहीं होगा। पटना और बिहार के सभी जिलों के छात्रों और नौकरी पेशा लोगों के लिए SP ऑफिस से तत्काल अप्रूवल लेने का यह सबसे सटीक और जमीनी तरीका है।

SP ऑफिस में फाइल पेंडिंग होने के मुख्य कारण

जब आप RTPS पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करते हैं, तो फाइल पहले आपके स्थानीय थाने (Police Station) जाती है। वहां से क्लीयर होने के बाद वह फाइनल अप्रूवल के लिए SP (Superintendent of Police) ऑफिस के पोर्टल पर हिट करती है। लेकिन कई बार यहाँ आकर स्टेटस "Pending at SP Level" पर अटक जाता है। इसके पीछे कुछ मुख्य वजहें होती हैं:

  • DCRB सेक्शन में लोड: थाने से रिपोर्ट आने के बाद फाइल SP ऑफिस की District Crime Record Bureau (DCRB) शाखा में जाती है। जब तक वहां का बाबू (क्लर्क) उसे मैनुअली आगे नहीं बढ़ाता, फाइल पेंडिंग ही दिखाती है।

  • टेक्निकल एरर: कई बार थाने का ऑपरेटर रिपोर्ट सबमिट कर देता है, लेकिन सर्वर इश्यू के कारण वह SP ऑफिस के डैशबोर्ड पर अपडेट नहीं होती।

  • वीआईपी ड्यूटी और छुट्टी: SP या DSP स्तर के अधिकारियों का चुनावी, लॉ एंड ऑर्डर या वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होना।

तत्काल अप्रूवल लेने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

अगर आपके पास किसी परीक्षा, जॉइनिंग या पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए समय कम है, तो ऑनलाइन स्टेटस चेक करने के भरोसे मत बैठिए। आपको थोड़ा स्मार्ट तरीका अपनाना होगा।

स्टेप 1: थाने की फाइनल रिपोर्ट कन्फर्म करें

सबसे पहले RTPS पोर्टल पर अपना एप्लीकेशन ट्रैक करें। अगर स्टेटस में लिखा है "Forwarded by SHO/Police Station", तभी SP ऑफिस जाने का फायदा है। अगर फाइल थाने में ही पेंडिंग है, तो पहले अपने थाने के मुंशी या थाना प्रभारी से मिलकर रिपोर्ट आगे बढ़वाएं।

स्टेप 2: एप्लीकेशन और सबूत का प्रिंटआउट लें

RTPS की वह रसीद (Receiving) प्रिंट करें जो आवेदन के वक्त मिली थी। इसके साथ अपना आधार कार्ड और वह डॉक्यूमेंट जरूर रखें जिसके लिए आपको सर्टिफिकेट चाहिए (जैसे— BPSC/SSC का एडमिट कार्ड, रेलवे जॉइनिंग लेटर या प्राइवेट कंपनी का ऑफर लेटर)।

स्टेप 3: SP ऑफिस की DCRB शाखा में पहुंचें

अपने जिले के SP ऑफिस जाएं और किसी दलाल के चक्कर में पड़े बिना सीधे DCRB (डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) या चरित्र प्रमाण पत्र शाखा पूछकर वहां जाएं।

स्टेप 4: क्लर्क को अपनी इमरजेंसी बताएं

वहां बैठे बाबू को अपनी रिसीविंग और जॉइनिंग लेटर/एडमिट कार्ड दिखाते हुए बताएं कि आपकी डेट निकल रही है और थाने से रिपोर्ट आ चुकी है। जब आप उन्हें सबूत दिखाते हैं, तो वे आपकी एप्लीकेशन आईडी (Application ID) सर्च करके उसे तुरंत SP या DSP के लॉगिन में फॉरवर्ड कर देते हैं।

स्टेप 5: अधिकारी का अप्रूवल और डाउनलोड

क्लर्क द्वारा फॉरवर्ड किए जाने के बाद, अमूमन उसी दिन शाम तक अधिकारी अपने डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से उसे अप्रूव कर देते हैं। रात तक आपके मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा और आप पोर्टल से अपना ओरिजिनल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकेंगे।

कैरेक्टर सर्टिफिकेट अप्रूवल का क्विक-इन्फो टेबल

प्रक्रिया का प्रकारसंबंधित विभाग/अधिकारीअनुमानित समय
ऑनलाइन आवेदनRTPS बिहार पोर्टल10 से 15 मिनट
स्थानीय थाना वेरिफिकेशनथाना प्रभारी (SHO) / मुंशी3 से 7 दिन
SP ऑफिस फाइनल अप्रूवलDCRB शाखा / SP / DSP2 से 5 दिन (सामान्य तौर पर)
तत्काल (मैनुअल) अप्रूवलDCRB क्लर्क से सीधे संपर्क करने पर24 से 48 घंटे के भीतर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. SP ऑफिस से कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनने में सामान्यत: कितना समय लगता है?

बिना किसी भाग-दौड़ के, आवेदन करने की तारीख से लेकर सर्टिफिकेट डाउनलोड होने तक आमतौर पर 14 कार्य-दिवस (Working Days) का समय लगता है।

2. थाने ने रिपोर्ट भेज दी, फिर भी SP लेवल पर पेंडिंग क्यों है?

थाने से रिपोर्ट SP ऑफिस के सर्वर पर जाती है। जब तक वहां का नियुक्त ऑपरेटर उस रिपोर्ट को खोलकर अधिकारी के डिजिटल साइन के लिए नहीं भेजता, तब तक स्टेटस पेंडिंग ही शो करता है।

3. क्या SP ऑफिस जाने के लिए कोई एक्स्ट्रा फीस लगती है?

बिल्कुल नहीं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से मुफ्त (Free) है। आपको केवल सही शाखा में जाकर अपनी इमरजेंसी का सबूत दिखाना होता है।

4. क्या मेरे बदले घर का कोई और सदस्य SP ऑफिस जा सकता है?

हां, अगर आप शहर से बाहर हैं, तो आपके परिवार का कोई भी सदस्य आपकी रिसीविंग और जॉइनिंग लेटर की कॉपी लेकर DCRB शाखा में जाकर रिक्वेस्ट कर सकता है।

5. अगर एप्लीकेशन SP लेवल से रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

रिजेक्शन का कारण हमेशा स्टेटस के 'Remarks' में लिखा होता है (जैसे- पता गलत होना या क्रिमिनल रिकॉर्ड मिलना)। अगर कोई टाइपिंग मिस्टेक की वजह से रिजेक्ट हुआ है, तो आपको नए सिरे से सही जानकारी के साथ दोबारा आवेदन करना होगा।

अपना काम खुद कराना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। अगर आपका डॉक्यूमेंट सही है और आपके पास ठोस वजह है, तो प्रशासन हमेशा मदद करता है। बस जरूरत है कि आप सही जगह जाएं और सही तरीके से अपनी बात रखें। अगली बार जब आपका सर्टिफिकेट अटके, तो बिना तनाव लिए सीधे अपने जिले के संबंधित काउंटर का रुख करें और अपना काम निकलवाएं।

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