‘बाल ज्ञान दर्पण’ का भव्य लोकार्पण, बच्चों की प्रतिभा को मिला मंच
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👉 WhatsApp से जुड़ेंसमस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में विद्यालयी शिक्षा में रचनात्मकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। ‘बाल ज्ञान दर्पण’ विद्यालय पत्रिका का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। ‘बाल ज्ञान दर्पण’ विद्यालय पत्रिका का लोकार्पण प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन ने किया। इस मौके पर उन्होंने पत्रिका को बच्चों की प्रतिभा और विद्यालय की गतिविधियों को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
लोकार्पण समारोह में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पत्रिका के उद्देश्य और इसके माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
डॉ. प्रभात रंजन ने कहा कि विद्यालय की पत्रिका उसके शैक्षणिक और रचनात्मक वातावरण की तस्वीर पेश करती है। इसमें विद्यालय की गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनकी सोच को भी स्थान मिलता है।
विद्यालय पत्रिका बच्चों की प्रतिभा का आईना
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन ने कहा कि विद्यालय पत्रिका को विद्यालय का दर्पण कहा जा सकता है। इसके जरिए स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता की झलक सामने आती है।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ बच्चों को अपनी कल्पनाशक्ति और विचारों को व्यक्त करने का अवसर देना भी जरूरी है। विद्यालय पत्रिका इस दिशा में प्रभावी मंच का काम कर सकती है।
उनके अनुसार, लेखन, कविता, कहानी, चित्रकला और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में भी मदद मिलती है।
प्रिंट और डिजिटल दोनों रूपों में प्रकाशित हुई पत्रिका
‘बाल ज्ञान दर्पण’ के संपादक और प्रधान शिक्षक अमरेश कुमार ने बताया कि पत्रिका को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में प्रकाशित किया गया है। इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं की रचनाओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी रचनाएं प्रकाशित कराने का अवसर मिलने से उनमें अभिव्यक्ति की क्षमता मजबूत होगी। साथ ही, वे अपनी सोच को बेहतर तरीके से शब्दों और रचनात्मक माध्यमों में प्रस्तुत करना सीखेंगे।
अमरेश कुमार के मुताबिक, पत्रिका का उद्देश्य केवल विद्यालय की गतिविधियों को दर्ज करना नहीं है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे दूसरों के सामने रखने का अवसर भी देना है।
डिजिटल संस्करण के जरिए पत्रिका को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियों को तकनीक से जोड़ने का भी अवसर मिलेगा।
शिक्षकों ने पहल को बताया सराहनीय
लोकार्पण समारोह को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापिका विभा कुमारी, राजकीय शिक्षक सम्मान प्राप्त प्रधानाध्यापक राम अनुराग झा, संजीत कुमार चौधरी, अमरेश कुमार और मो. मेराज ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय पत्रिका बच्चों की प्रतिभा को पहचान देने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई।
शिक्षकों ने इस पहल को बच्चों में लेखन, विचार अभिव्यक्ति और रचनात्मक सोच विकसित करने की दिशा में उपयोगी कदम बताया। उनके मुताबिक, ऐसे प्रयास विद्यालय के वातावरण को अधिक सक्रिय और रचनात्मक बनाने में मदद करते हैं।
स्केच चित्र ने भी खींचा सभी का ध्यान
कार्यक्रम के दौरान प्रधान शिक्षक मो. मेराज ने अपने हाथों से तैयार किया हुआ एक सुंदर स्केच चित्र प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन को भेंट किया। स्केच की मौजूद लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर ज्योति सिंह, शुभम कुमार, लालसा कुमारी, इशरत परवीन, सारिका कुमारी, तृप्ति कुमारी, शालिनी भारती, शशि चंद्र भूषण और रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी ने समारोह को और खास बनाया। शिक्षकों ने बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
बच्चों को मिलेगा अभिव्यक्ति का नया मंच
‘बाल ज्ञान दर्पण’ का प्रकाशन विद्यालयी शिक्षा में बच्चों को रचनात्मक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पत्रिका के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी लेखन क्षमता, कल्पनाशक्ति और विचारों को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
स्कूल स्तर पर ऐसी पत्रिकाएं विद्यार्थियों को केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं देतीं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से लिखने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित भी करती हैं।
‘बाल ज्ञान दर्पण’ का डिजिटल और प्रिंट दोनों रूपों में प्रकाशन इस पहल को और उपयोगी बनाता है। इससे विद्यालय की गतिविधियों और विद्यार्थियों की रचनात्मक उपलब्धियों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने में भी मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, दलसिंहसराय में ‘बाल ज्ञान दर्पण’ का लोकार्पण बच्चों की प्रतिभा, लेखन और सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में सामने आया है। यह प्रयास विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपनी रचनात्मक पहचान बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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