उज्जैनी की पहली तस्वीर आई सामने, फिर तेज प्रताप पर छिड़ी बहस
📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!
👉 WhatsApp से जुड़ेंअनुष्का यादव की बेटी उज्जैनी की पहली तस्वीरें सामने आने के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है। उज्जैनी की पहली तस्वीर परिवार की ओर से साझा किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बच्ची को लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। छह महीने की हुई उज्जैनी का अन्नप्राशन उज्जैन स्थित बाबा महाकाल मंदिर में कराया गया। इस मौके पर अनुष्का यादव और परिवार के अन्य सदस्य भी तस्वीरों में दिखाई दिए।
तस्वीरें सामने आने के बाद अधिकांश लोगों ने बच्ची को शुभकामनाएं दीं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए तेज प्रताप यादव से जुड़े सवाल भी उठाए। यह पूरा मामला पहले से ही सोशल मीडिया, राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी शिकायतों के कारण चर्चा में रहा है।
छह महीने की हुईं उज्जैनी, महाकाल मंदिर में अन्नप्राशन
अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने सोशल मीडिया पर परिवार के साथ तस्वीरें साझा कीं। पोस्ट के मुताबिक, उज्जैनी के छह महीने पूरे होने पर उनका अन्नप्राशन बाबा महाकाल के पवित्र धाम में कराया गया।
परिवार ने इस धार्मिक कार्यक्रम को पारंपरिक तरीके से मनाया। तस्वीरों में अनुष्का यादव के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी नजर आए।
पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बच्ची के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिए। कई लोगों ने उज्जैनी के स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की।
तस्वीरों के बाद फिर क्यों चर्चा में आए तेज प्रताप?
उज्जैनी की तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने तेज प्रताप यादव का नाम लेकर सवाल किए। कुछ टिप्पणियों में बच्ची की शक्ल को लेकर भी निजी दावे किए गए।
हालांकि, इन सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को किसी तथ्य या पितृत्व की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता। तेज प्रताप यादव पहले ही सार्वजनिक रूप से अनुष्का यादव और बच्ची से अपने संबंध से इनकार कर चुके हैं।
इसलिए तस्वीरों के आधार पर बच्ची के पिता को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और सत्यापित तथ्यों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
तेज प्रताप यादव ने क्या कहा था?
फरवरी 2026 में अनुष्का यादव के मां बनने की खबरों के बीच तेज प्रताप यादव ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि बच्ची से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अनुष्का यादव के साथ किसी रिश्ते की बात भी खारिज की थी।
तेज प्रताप ने उस समय अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी तस्वीरों और पोस्ट को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि उनका अकाउंट हैक किया गया था और उनके नाम से गलत सामग्री प्रसारित की गई।
उन्होंने कुछ लोगों पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
विवाद में आकाश यादव की कोर्ट शिकायत भी आई सामने
उज्जैनी से जुड़े विवाद ने जून 2026 में एक और मोड़ लिया। अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना की अदालत में शिकायत दर्ज कराई।
आकाश यादव ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप उनके घर पहुंचे और उज्जैनी से मिलने की कोशिश की। शिकायत में धमकी और जबरन घर में प्रवेश करने जैसे आरोप भी लगाए गए थे।
इस मामले के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और सार्वजनिक हो गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाद में पुलिस स्तर पर भी शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये आरोप संबंधित पक्षों की शिकायतों और बयानों पर आधारित हैं। आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
2025 में तस्वीरों से शुरू हुआ था विवाद
तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़ा विवाद 2025 में सोशल मीडिया पोस्ट और तस्वीरों के बाद व्यापक चर्चा में आया था।
उस समय तेज प्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें साझा की गई थीं। पोस्ट में दोनों के लंबे समय से रिश्ते में होने का दावा किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में पोस्ट हटा दी गई और तेज प्रताप ने अकाउंट हैक होने का दावा किया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों से जुड़ी अन्य तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए। मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया, जब राष्ट्रीय जनता दल और लालू यादव के परिवार की ओर से तेज प्रताप से दूरी बनाए जाने की खबरें सामने आईं।
सोशल मीडिया की चर्चा और तथ्य में अंतर जरूरी
उज्जैनी की तस्वीरें सामने आने के बाद विवाद दोबारा सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्ची के पितृत्व को लेकर सोशल मीडिया की टिप्पणियां प्रमाण नहीं हैं।
एक तरफ तेज प्रताप यादव ने सार्वजनिक रूप से इन दावों का खंडन किया है। दूसरी तरफ परिवार से जुड़े लोगों की शिकायतों और बयानों के कारण मामला अलग-अलग स्तरों पर चर्चा में रहा है।
ऐसे में तस्वीरों या सोशल मीडिया कमेंट के आधार पर किसी व्यक्ति के संबंध में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल उज्जैनी की पहली तस्वीरों ने पुराने विवाद को जरूर फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
बच्ची के अन्नप्राशन की तस्वीरों पर जहां बड़ी संख्या में लोगों ने शुभकामनाएं दीं, वहीं पुराने विवाद को लेकर बहस भी शुरू हो गई। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी कोई आधिकारिक या कानूनी जानकारी सामने आती है तो वही स्थिति को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होगी।
