अमरनाथ यात्रा पर बारिश का असर, आज से पहलगाम-बालटाल दोनों रूट बंद
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👉 WhatsApp से जुड़ेंजम्मू-कश्मीर में जारी बारिश और अगले कुछ दिनों में खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अमरनाथ यात्रा अब पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यात्रा मार्गों की स्थिति और संवेदनशील हिस्सों में जरूरी मरम्मत को ध्यान में रखते हुए लिया है।
यात्रा मार्गों पर बारिश के कारण कई जगह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। साथ ही, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आने वाले दिनों में प्रतिकूल मौसम की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन किसी भी जोखिम से बचने के लिए फिलहाल यात्रा रोकने का फैसला लिया है।
जम्मू बेस कैंप से नया जत्था नहीं हुआ रवाना
बारिश और खराब मौसम के बीच जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से सोमवार को कोई नया यात्रा जत्था रवाना नहीं किया गया। रामबन जिले और कश्मीर के कुछ हिस्सों में मौसम खराब होने के कारण प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया।
इस बीच, पवित्र गुफा में दर्शन कर बालटाल बेस कैंप में ठहरे 28वें जत्थे के 1,202 श्रद्धालुओं को जम्मू की ओर रवाना होने की अनुमति दी गई। इन यात्रियों को 44 वाहनों के काफिले में वापस भेजा गया।
वापसी करने वाले श्रद्धालुओं में 867 पुरुष, 251 महिलाएं, एक बच्चा, 79 साधु और चार साध्वी शामिल थे। काफिले में 28 भारी वाहन, एक मध्यम वाहन, 11 हल्के वाहन और चार ट्रक शामिल रहे।
एक दिन में 3,336 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
प्रतिकूल मौसम के बावजूद पवित्र गुफा में दर्शन का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को कुल 3,336 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
दर्शन करने वालों में 2,384 पुरुष, 569 महिलाएं, 21 बच्चे, 20 साधु, छह साध्वी और चार ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल रहे। इनके अलावा 332 सुरक्षा कर्मियों ने भी पवित्र गुफा में दर्शन किए।
इसके साथ ही वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा में अब तक पवित्र गुफा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 4,80,019 पहुंच गई है। यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
BRO कर रहा संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत
अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई थी। यात्रा एक साथ अनंतनाग जिले के पारंपरिक चंदनवाड़ी मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से शुरू की गई थी।
57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को पारंपरिक छड़ी मुबारक समारोह के साथ समाप्त होने वाली है। हालांकि, हाल की बारिश के कारण यात्रा मार्गों के कुछ संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत और रखरखाव की जरूरत सामने आई है।
यात्रा मार्गों की मरम्मत का काम बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की ओर से किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि मार्गों को श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
बारिश के बीच पटरियों की स्थिति और भूस्खलन जैसी संभावित चुनौतियों को देखते हुए यात्रा को रोकना एहतियाती कदम माना जा रहा है। मौसम सामान्य होने और मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की व्यवस्था को लेकर फैसला लिया जाएगा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा को लेकर समय-समय पर जारी होने वाली आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें। मौसम की स्थिति को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जारी रखना प्राथमिकता है। इसलिए मौसम और ट्रैक की स्थिति के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं।
फिलहाल पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा स्थगित रहेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे आगे की यात्रा योजना बनाने से पहले प्रशासन की ताजा सूचना जरूर देखें।
बारिश और खराब मौसम के कारण यात्रा कार्यक्रम में बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन अब तक लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। आने वाले दिनों में मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
