वीणा मानवी की गिरफ्तारी की वजह आई सामने, हलफनामे में 3 आपराधिक मामलों का खुलासा

Veena Manvi Criminal Case इन दिनों बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। Veena Manvi Criminal Case से जुड़ी जानकारी उनके चुनावी हलफनामे के सार्वजनिक होने के बाद सामने आई है। हलफनामे के अनुसार जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी उर्फ वीणा मांडवी के खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, अब तक किसी भी मामले में अदालत ने आरोप तय नहीं किए हैं और न ही उन्हें किसी मामले में दोषी करार दिया गया है। नामांकन दाखिल करने के कुछ समय बाद पटना पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष और उनकी पार्टी ने कई सवाल उठाए हैं।
चुनावी हलफनामे में सामने आए तीन आपराधिक मामले
वीणा मानवी ने बांकीपुर विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करते समय चुनाव आयोग को अपना शपथपत्र सौंपा। इसी हलफनामे में उनके खिलाफ दर्ज तीन मामलों का उल्लेख किया गया है। हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अभी तक किसी भी मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं और किसी अदालत ने उन्हें दोषी नहीं माना है।
गर्दनीबाग थाने में एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस
हलफनामे के अनुसार पहला मामला पिछले वर्ष पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 315(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(1)(w) सहित कई धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में उन पर आपराधिक धमकी, साइबर अपराध, जाति आधारित अपमान, डराने-धमकाने और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। मामले की सुनवाई अभी जारी है।
फतुहा थाने में दर्ज दूसरे मामले में क्या आरोप हैं?
वीणा मानवी के खिलाफ दूसरा मामला फतुहा थाने में दर्ज है। हलफनामे के मुताबिक इसमें बीएनएस की धारा 191(2), 329(3), 76, 115(2), 324, 303(2), 352 और 351(2) के साथ एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। इस केस में झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, धमकी देने और एससी-एसटी समुदाय की महिला की मर्यादा भंग करने जैसे आरोप दर्ज किए गए हैं। यह मामला भी न्यायिक प्रक्रिया में है।
2016 के धोखाधड़ी मामले का भी हलफनामे में उल्लेख
तीसरा मामला वर्ष 2016 का बताया गया है। हलफनामे में उल्लेख है कि कंकड़बाग थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406, 420 और 120B के तहत केस दर्ज हुआ था। इसमें धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप शामिल हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि इसी मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि, पटना पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी या पुष्टि सार्वजनिक नहीं की है।
नामांकन के बाद हिरासत में लेने से बढ़ा विवाद
सोमवार को वीणा मानवी ने जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार के रूप में बांकीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस टीम कलेक्ट्रेट पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर चली गई। बताया गया कि कार्रवाई अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस मामले में की गई और वारंट से जुड़ी पूरी जानकारी क्या है।
तेजप्रताप यादव ने उठाए सवाल
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी माहौल को प्रभावित करने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि नामांकन वाले दिन ही गिरफ्तारी की कार्रवाई होना कई सवाल खड़े करता है। तेजप्रताप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी और अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
वीणा मानवी ने क्या कहा?
हिरासत में लिए जाने के बाद वीणा मानवी ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी की वजह स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई। उनका कहना है कि बिना पूरी जानकारी दिए उन्हें हिरासत में लिया गया। पार्टी का भी आरोप है कि इस कार्रवाई का असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार वीणा मानवी के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन इनमें किसी भी मामले में अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं किया गया है। दूसरी ओर, नामांकन के तुरंत बाद हुई पुलिस कार्रवाई और उस पर उठे राजनीतिक सवालों ने बांकीपुर उपचुनाव को नई चर्चा में ला दिया है। अब इस मामले में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी और न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर सभी की नजर रहेगी।