वैभव सूर्यवंशी पर सिकंदर रजा का बड़ा बयान, बोले- 2-3 मैचों से नहीं तय होता टैलेंट


 वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। वैभव सूर्यवंशी के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को लेकर जहां कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, वहीं जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने युवा बल्लेबाज का खुलकर समर्थन किया है। रजा का कहना है कि केवल दो-तीन अंतरराष्ट्रीय मैचों के आधार पर किसी 15 वर्षीय खिलाड़ी का आकलन करना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक सही मार्गदर्शन और धैर्य के साथ वैभव भविष्य में विश्व क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली टी20 सीरीज से पहले रजा का यह बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को समय देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा को निखरने के लिए लगातार अवसर मिलना जरूरी होता है।

वैभव सूर्यवंशी के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय सफर पर क्या बोले सिकंदर रजा?

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। तीन पारियों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए। इस दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया। हालांकि सिकंदर रजा का मानना है कि शुरुआती संघर्ष किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर का सामान्य हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और ऐसे खिलाड़ी को जल्दबाजी में जज नहीं करना चाहिए। रजा ने कहा कि यदि वैभव को अनुभवी खिलाड़ियों का सही मार्गदर्शन मिला और उन्हें लगातार मौके दिए गए, तो वह आने वाले वर्षों में क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।

बोले- वैभव बन सकते हैं 'जेनरेशन टैलेंट'

सिकंदर रजा ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की खुलकर सराहना की। उनका कहना है कि आज के दौर में 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वैभव के आसपास कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। यदि टीम प्रबंधन उन्हें सही तरीके से संभालता है और सीखने का पर्याप्त अवसर देता है, तो वह "जेनरेशन टैलेंट" साबित हो सकते हैं। रजा के अनुसार किसी खिलाड़ी के शुरुआती कुछ मैच उसके पूरे करियर का पैमाना नहीं बन सकते। युवा खिलाड़ियों को समय, विश्वास और निरंतर समर्थन की जरूरत होती है।

175 रन की ऐतिहासिक पारी से बनाई थी खास पहचान

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया था। अंडर-19 स्तर पर इंग्लैंड के खिलाफ हरारे में खेली गई उनकी 175 रन की शानदार पारी आज भी उनकी सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। उन्होंने केवल 80 गेंदों में यह बड़ी पारी खेलकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता का परिचय दिया था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जाने लगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि वैभव के पास लंबी पारियां खेलने के साथ-साथ मैच का रुख बदलने की क्षमता मौजूद है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतिभा को कितनी तेजी से साबित कर पाते हैं।

जिम्बाब्वे दौरे पर फिर मिलेगा खुद को साबित करने का मौका

भारत की टी20 टीम में संजू सैमसन की अनुपस्थिति के कारण वैभव सूर्यवंशी को शीर्ष क्रम में लगातार बल्लेबाजी का मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह दौरा उनके लिए आत्मविश्वास हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। यदि उन्हें लगातार मैच खेलने का मौका मिलता है तो वह अपनी तकनीक और अनुभव दोनों को बेहतर बना सकते हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए लगातार मैच खेलना सीखने की सबसे बड़ी प्रक्रिया होती है और यही बात सिकंदर रजा ने भी अपने बयान में दोहराई है।

भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज को लेकर रजा का बड़ा दावा

सिकंदर रजा ने आगामी टी20 सीरीज को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने भारत को एकतरफा प्रबल दावेदार मानने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों टीमों के पास जीतने का बराबर मौका है। रजा ने कहा कि जिम्बाब्वे ने हाल के समय में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में उनकी टीम किसी भी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने का दम रखती है। उनके मुताबिक भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली यह टी20 सीरीज प्रतिस्पर्धी और रोमांचक रहने की पूरी संभावना है। दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों पर भी इस सीरीज में खास नजर रहेगी। वैभव सूर्यवंशी के लिए यह सीरीज केवल रन बनाने का अवसर नहीं होगी, बल्कि खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो सकती है।

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