TRE-3 पेपर लीक में बड़ा एक्शन! EOU ने मुख्य आरोपी डॉक्टर को किया गिरफ्तार
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👉 WhatsApp से जुड़ेंTRE-3 Paper Leak मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। TRE-3 Paper Leak की जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर यह गिरफ्तारी 27 जुलाई 2026 को की गई। EOU के अनुसार, आरोपी पर बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) का प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह से जुड़े होने और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में सफलता दिलाने का आरोप है।
जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
EOU जांच में क्या हुआ खुलासा?
आर्थिक अपराध इकाई की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, डॉ. मनीष कुमार का संबंध TRE-3 पेपर लीक गिरोह से सामने आया है।
जांच में आरोप है कि वह अभ्यर्थियों से शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी ₹50 हजार लेने की बात करता था। एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले उसने करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना के एक होटल में ठहराया था।
यहीं कथित रूप से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी कराई गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को उनके गृह जिलों के लिए भेज दिया गया।
कौन हैं डॉ. मनीष कुमार?
EOU के अनुसार, डॉ. मनीष कुमार ने वर्ष 2021 में एनएमसीएच (NMCH), पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।
जांच एजेंसी का कहना है कि वह कैमूर जिले में चिकित्सक के पद पर भी कार्य कर चुका है। बाद में उसने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया और स्नातकोत्तर (PG) की तैयारी कर रहा था।
अब उस पर शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों की जांच चल रही है।
TRE-3 पेपर लीक मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां?
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, TRE-3 पेपर लीक मामले में अब तक 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एजेंसी का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं और इसमें शामिल संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
EOU ने क्या कहा?
EOU ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और इससे आर्थिक लाभ कमाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
TRE-3 पेपर लीक मामला क्यों अहम है?
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) राज्य की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई। इसके बाद लगातार गिरफ्तारियां हुईं और कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई। अब मुख्य आरोपी बताए जा रहे डॉ. मनीष कुमार की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
एक नजर में पूरा मामला
मामला: बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक
गिरफ्तार आरोपी: डॉ. मनीष कुमार
गिरफ्तारी की तारीख: 27 जुलाई 2026
जांच एजेंसी: आर्थिक अपराध इकाई (EOU)
आरोप: प्रति अभ्यर्थी ₹50 हजार लेकर परीक्षा में सफलता दिलाने का कथित वादा
जांच में दावा: करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना के होटल में ठहराकर कथित रूप से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया
अब तक गिरफ्तारी: 296 आरोपी
आगे क्या होगा?
EOU अब इस मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका, वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
