सोनम वांगचुक की पत्नी कौन हैं? कराटे चैंपियन से एजुकेशन लीडर तक, जानिए पूरी कहानी
नई दिल्ली: सोनम वांगचुक की पत्नी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक एक आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे। इस बीच सोशल मीडिया पर उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर गीतांजलि जे अंगमो कौन हैं और किस तरह उन्होंने सोनम वांगचुक के साथ शिक्षा और सामाजिक बदलाव के मिशन में अहम भूमिका निभाई।
सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा, पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्नी भी अब चर्चा के केंद्र में हैं।
कौन हैं गीतांजलि जे अंगमो?
गीतांजलि जे अंगमो केवल सोनम वांगचुक की जीवनसंगिनी ही नहीं, बल्कि एक शिक्षाविद्, सामाजिक उद्यमी और कराटे ब्लैक बेल्ट चैंपियन भी हैं।
उनका जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने फकीर मोहन विश्वविद्यालय से भौतिकी (Physics) में स्नातक किया।
इसके बाद उन्होंने जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर (XIMB) से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए की पढ़ाई पूरी की।
कॉर्पोरेट करियर छोड़ समाज सेवा का रास्ता चुना
एमबीए के बाद गीतांजलि ने लगभग छह वर्षों तक कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया।
बाद में उन्होंने सामाजिक बदलाव की दिशा में काम करने का फैसला किया और शिक्षा व सामाजिक विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट शुरू किए।
उन्होंने Helios Books, AUM Hospitals और AUM Trust जैसे संस्थानों की स्थापना में भी भूमिका निभाई। उनका उद्देश्य शिक्षा और समाज सेवा को साथ लेकर आगे बढ़ना रहा है।
सोनम वांगचुक से कैसे हुई पहली मुलाकात?
एक इंटरव्यू में गीतांजलि जे अंगमो ने बताया था कि उनकी पहली मुलाकात मुंबई में आयोजित एक शिक्षा सम्मेलन के दौरान हुई थी।
उस समय दोनों समग्र शिक्षा (Integral Education) के विचार पर काम करना चाहते थे। बातचीत के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि शिक्षा को लेकर उनकी सोच काफी मिलती-जुलती है।
धीरे-धीरे यह परिचय दोस्ती में बदला और बाद में दोनों ने विवाह कर लिया। दोनों ने मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग करने का निर्णय लिया।
HIAL यूनिवर्सिटी बनाने में निभाई अहम भूमिका
साल 2017 में सोनम वांगचुक और गीतांजलि जे अंगमो ने मिलकर Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh (HIAL) की स्थापना की।
इस संस्थान का उद्देश्य पारंपरिक पढ़ाई के साथ स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तैयार करना है।
यहां छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, जल संरक्षण, पर्यावरण और स्थानीय तकनीक से जुड़े व्यावहारिक कौशल भी सिखाए जाते हैं।
गीतांजलि ने इस संस्थान के विकास, प्रबंधन और शैक्षणिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कराटे चैंपियन भी हैं गीतांजलि
बहुत कम लोग जानते हैं कि गीतांजलि जे अंगमो कराटे में ब्लैक बेल्ट धारक हैं।
उन्होंने वर्ष 2009 में अमेरिका में आयोजित एक विश्व कराटे प्रतियोगिता में भी सफलता हासिल की थी।
शिक्षा और समाज सेवा के साथ-साथ खेलों में उनकी उपलब्धियां भी उन्हें अलग पहचान दिलाती हैं।
नीति आयोग से मिल चुका है सम्मान
शिक्षा और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गीतांजलि जे अंगमो को नीति आयोग की ओर से Women Transforming India सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।
वे महाराष्ट्र इंटरनेशनल एजुकेशन बोर्ड की सलाहकार (Advisor) भी रह चुकी हैं।
उनका मानना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन है।
'3 Idiots' विवाद के बाद फिर चर्चा में आया नाम
हाल के दिनों में फिल्म 3 Idiots के फुंसुक वांगडू किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुईं।
इसी दौरान अभिनेता आमिर खान ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि फिल्म का वह किरदार सीधे तौर पर सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था।
इसके बाद सोनम वांगचुक और उनके परिवार को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई। इसी वजह से गीतांजलि जे अंगमो का नाम भी चर्चा में आ गया।
एक नजर में मुख्य बातें
- गीतांजलि जे अंगमो शिक्षाविद्, सोशल एंटरप्रेन्योर और कराटे ब्लैक बेल्ट हैं।
- उन्होंने XIMB से MBA और फकीर मोहन विश्वविद्यालय से फिजिक्स में स्नातक किया।
- कॉर्पोरेट करियर छोड़ शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हुईं।
- सोनम वांगचुक के साथ मिलकर HIAL संस्थान की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।
- नीति आयोग के Women Transforming India सम्मान से सम्मानित हो चुकी हैं।
सोनम वांगचुक और गीतांजलि जे अंगमो की साझेदारी केवल वैवाहिक जीवन तक सीमित नहीं है। दोनों शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक बदलाव के साझा उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं। यही वजह है कि जब भी सोनम वांगचुक किसी सामाजिक मुद्दे को लेकर चर्चा में आते हैं, गीतांजलि जे अंगमो का योगदान भी लोगों के सामने प्रमुखता से उभरकर आता है।
