समस्तीपुर RPF से फरार शराब तस्करों ने किया सरेंडर, पुलिस दबाव का असर


 

Samastipur RPF Case में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Samastipur RPF Case में समस्तीपुर रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ पोस्ट से फरार हुए दोनों कथित शराब तस्करों ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस की लगातार छापेमारी तथा दबाव के बाद दोनों आरोपियों ने एक्साइज-2 न्यायालय में सरेंडर किया। इस मामले की पुष्टि मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC) आशीष कुमार ने भी की है।

लगातार पुलिस कार्रवाई के बाद किया आत्मसमर्पण

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार, फरार होने के बाद दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चलाया जा रहा था।

आरपीएफ, जीआरपी, नगर थाना और दलसिंहसराय थाना पुलिस की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इसी दबाव के चलते दोनों आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया।

मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार ने बताया कि लगातार की गई कार्रवाई का असर दिखा और दोनों अभियुक्तों ने न्यायालय के समक्ष सरेंडर कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

घटना शुक्रवार शाम की है, जब आरपीएफ की गश्ती टीम ने समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के वाशिंग पिट क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया था।

कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 191 बोतल विदेशी शराब, जिसकी कुल मात्रा लगभग 34.38 लीटर बताई गई, बरामद की।

इस मामले में नगर थाना क्षेत्र के पेठियागाछी निवासी अर्जुन कुमार और दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी सौरभ कुमार सुमन को गिरफ्तार किया गया था।

कैसे फरार हुए दोनों आरोपी?

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आरपीएफ पोस्ट की हाजत के पास बने एक कमरे में रखा गया था।

इसी दौरान जब बरामद शराब की गिनती और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी, तब दोनों ने मौके का फायदा उठाया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कमरे की एस्बेस्टस की छत हटाई और वहां से निकलकर फरार हो गए। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे।

फरारी के बाद मचा था हड़कंप

आरपीएफ पोस्ट से आरोपियों के फरार होने की खबर मिलते ही रेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया और संबंधित थानों को भी अलर्ट किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की आंतरिक समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

न्यायालय में किया सरेंडर

लगातार दबाव और संभावित गिरफ्तारी की आशंका के बीच दोनों आरोपियों ने एक्साइज-2 न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

अब न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और आरपीएफ इस मामले में अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी समीक्षा

इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हिरासत में रखे गए आरोपियों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है।

मामले की प्रमुख बातें

  • समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के वाशिंग पिट क्षेत्र से विदेशी शराब बरामद हुई।
  • दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
  • आरपीएफ पोस्ट से दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
  • पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से लगातार छापेमारी की।
  • दबाव बढ़ने पर दोनों ने एक्साइज-2 न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
  • मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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