35 साल बाद भी शादियों की जान है रेखा का यह सुपरहिट गाना, ढोलक बजते ही झूम उठता है हर कोई


 

Chori Kab Se Hui Jawan Song आज भी भारतीय शादियों की सबसे पसंदीदा धुनों में गिना जाता है। Chori Kab Se Hui Jawan Song को रिलीज हुए करीब 35 साल बीत चुके हैं, लेकिन गांवों से लेकर शहरों तक महिला संगीत की महफिलों में इसकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। ढोलक की थाप, तालियों की गूंज और पारंपरिक शादी के गीतों के बीच यह बॉलीवुड गीत ऐसा रंग जमाता है कि इसके बिना कई जगहों पर महिला संगीत अधूरा माना जाता है।

1991 में रिलीज हुई फिल्म 'फूल बने अंगारे' का यह गीत समय के साथ सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं रहा, बल्कि भारतीय विवाह परंपराओं का हिस्सा बन गया। यही वजह है कि नई पीढ़ी भी इस गाने को उतने ही उत्साह से गाती है, जितना पहले की पीढ़ियां गाती रही हैं।

 तीन दशक बाद भी महिला संगीत की पहली पसंद

भारतीय शादियों में महिला संगीत का अपना अलग महत्व होता है। शादी से पहले कई दिनों तक महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ फिल्मी गानों पर भी उत्सव मनाती हैं।

ऐसे गीतों में 'छोरी कब से हुई जवां' सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल है। कई ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में यह गीत आज भी बन्नी, हल्दी और अन्य शादी की रस्मों के दौरान सबसे पहले गाया जाता है।

ढोलक की ताल और सामूहिक गायन के कारण यह गीत हर उम्र की महिलाओं को जोड़ने का काम करता है। यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता वर्षों बाद भी कम नहीं हुई।

 लता मंगेशकर, बप्पी लाहिड़ी और अंजान की शानदार तिकड़ी

इस सदाबहार गीत को अपनी मधुर आवाज से स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अमर बना दिया।

गीत का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था। उन्होंने पारंपरिक लोक संगीत और फिल्मी धुनों का ऐसा मेल किया, जो आज भी लोगों को पसंद आता है।

इसके बोल मशहूर गीतकार अंजान ने लिखे थे। सरल और यादगार शब्दों के कारण यह गीत लोगों की जुबान पर चढ़ गया और धीरे-धीरे शादी समारोहों की सांस्कृतिक पहचान बन गया।

 'फूल बने अंगारे' की कहानी भी बनी थी चर्चा का विषय

यह गीत वर्ष 1991 में रिलीज हुई फिल्म 'फूल बने अंगारे' का हिस्सा है।

फिल्म में रेखा ने नम्रता नाम की एक साहसी महिला का किरदार निभाया था, जिसकी शादी ईमानदार पुलिस अधिकारी रंजीत से होती है। रंजीत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में उसकी हत्या कर दी जाती है।

पति की मौत के बाद नम्रता हार नहीं मानती। वह खुद पुलिस सेवा में शामिल होकर अपराधियों के खिलाफ लड़ाई लड़ती है और न्याय दिलाने का संकल्प पूरा करती है। फिल्म की कहानी में महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश भी देखने को मिलता है।

आज भी क्यों बरकरार है इस गीत का जादू?

संगीत विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी गीत की लोकप्रियता उसकी भावनात्मक जुड़ाव और सरलता पर निर्भर करती है।

'छोरी कब से हुई जवां' में पारंपरिक शादी का माहौल, लोक संगीत की मिठास और फिल्मी प्रस्तुति का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह गीत केवल सिनेमाघरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का स्थायी हिस्सा बन गया।

आज भी जब किसी शादी में ढोलक बजती है, तो यह गीत माहौल को उत्साह और खुशियों से भर देता है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इस गाने के कई वीडियो वायरल होते रहते हैं, जिससे नई पीढ़ी भी इससे लगातार जुड़ रही है।

 मुख्य बातें

  • 'छोरी कब से हुई जवां' 1991 की फिल्म फूल बने अंगारे का लोकप्रिय गीत है।
  • करीब 35 साल बाद भी यह महिला संगीत और देसी शादियों की पहली पसंद बना हुआ है।
  • गीत को लता मंगेशकर ने गाया, संगीत बप्पी लाहिड़ी ने दिया और बोल अंजान ने लिखे।
  • फिल्म में रेखा और रजनीकांत मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।
  • यह गीत आज भी भारतीय शादी समारोहों की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।
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