Pragya Thakur के ‘कॉकरोच’ बयान से सियासत गरम, CJP आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद
Pragya Thakur का एक सोशल मीडिया पोस्ट नई राजनीतिक बहस का कारण बन गया है। Pragya Thakur ने देश के “नेता” से अपील करते हुए लिखा कि “कॉकरोचों को खत्म करने का स्थायी इंतजाम” किया जाए। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब NEET-UG 2026 Paper Leak को लेकर दिल्ली समेत कई जगहों पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी हैं। पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी अलग-अलग व्याख्या की जा रही है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस बयान पर खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं CJP भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कह चुकी है।
क्या कहा Pragya Thakur ने?
पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पहले जहां भी कॉकरोच दिखाई देते थे, उन्हें झाड़ू से साफ कर दिया जाता था, लेकिन अब “झाड़ू” ने ही कॉकरोचों से दोस्ती कर ली है। उन्होंने आगे लिखा कि देश के नेताओं को अब झाड़ू पर भरोसा नहीं करना चाहिए और “कॉकरोचों को खत्म करने का स्थायी इंतजाम” किया जाना चाहिए।
इस पोस्ट के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा तेज हो गई।
बयान का समय क्यों बना चर्चा का विषय?
प्रज्ञा ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET-UG 2026 Paper Leak को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संसद का मानसून सत्र भी चल रहा है, जिसके कारण यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में है।
हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर ने अपने पोस्ट में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लिया। इसके बावजूद बयान का समय और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां इसे चर्चा का विषय बना रही हैं।
Sonam Wangchuk ने खत्म किया अनशन, CJP का आंदोलन जारी
इसी घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से कुछ प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। सरकार ने पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट, कड़े कानून और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक रुख जताया है।
दूसरी ओर, CJP ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
बीजेपी की ओर से अभी तक क्या प्रतिक्रिया आई?
खबर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र और NEET Paper Leak विवाद के बीच आया यह बयान आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बन सकता है।
फिलहाल पार्टी की ओर से इस पोस्ट पर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं Pragya Thakur
प्रज्ञा ठाकुर इससे पहले भी अपने सार्वजनिक बयानों को लेकर कई बार विवादों में रह चुकी हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उस बयान के बाद भी राजनीतिक स्तर पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
इसके अलावा, 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में उनका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल रहा। बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
2024 चुनाव में नहीं मिला था टिकट
लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार नहीं बनाया था।
इसके बाद वह सक्रिय चुनावी राजनीति से कुछ हद तक दूर रहीं, लेकिन समय-समय पर सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों के जरिए चर्चा में आती रही हैं।
आगे क्या रहेगा इस विवाद का असर?
प्रज्ञा ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET Paper Leak, शिक्षा सुधार और छात्रों के आंदोलन को लेकर देश में व्यापक बहस चल रही है।
यदि इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों या संबंधित संगठनों की औपचारिक प्रतिक्रिया आती है, तो यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक महत्व हासिल कर सकता है। वहीं सरकार की ओर से प्रस्तावित नए कानून और आंदोलन की अगली रणनीति पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि NEET Paper Leak से जुड़े घटनाक्रम लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
