Darbhanga BEO पर अवैध वसूली के आरोप, DM ने दिए जांच के आदेश
Darbhanga BEO से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। Darbhanga BEO के रूप में अलीनगर के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) मो. मसलेहुद्दीन पर शिक्षकों ने निरीक्षण के नाम पर अवैध वसूली, धमकी और अमर्यादित व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान पहले शिक्षकों को नोटिस और स्पष्टीकरण देकर दबाव बनाया जाता था, फिर कथित रूप से बिचौलियों के माध्यम से मामले को प्रखंड स्तर पर निपटाने की बात कही जाती थी। हालांकि, प्रभारी बीईओ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
क्या हैं प्रभारी BEO पर लगाए गए आरोप?
अलीनगर के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. मसलेहुद्दीन के खिलाफ कई शिक्षकों ने अलग-अलग आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान पहले उपस्थिति रजिस्टर और भौतिक सत्यापन किया जाता था। इसके बाद कुछ मामलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर आपत्ति दर्ज कर स्पष्टीकरण जारी किया जाता था।
आरोप यह भी है कि नियमानुसार निरीक्षण रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती थी। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि बाद में कथित बिचौलियों के जरिए शिक्षकों से संपर्क कर मामला प्रखंड स्तर पर ही सुलझाने की बात कही जाती थी।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
बीस सूत्री अध्यक्ष ने क्या शिकायत की?
प्रखंड 20 सूत्री समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष राम साफी ने जिला पदाधिकारी (DM) और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है।
उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि प्रभारी बीईओ शिक्षकों से अवैध वसूली, अमर्यादित भाषा के प्रयोग और उच्च अधिकारियों के प्रति अनुचित टिप्पणी करते हैं।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को प्रभार से मुक्त किया जाए और आरोप सिद्ध होने पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
शिक्षकों ने किन बातों पर जताई आपत्ति?
दर्जनों शिक्षकों की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) समेत अन्य अधिकारियों को दिए गए आवेदन में कई बिंदु उठाए गए हैं।
शिकायतों के अनुसार—
- निरीक्षण के बाद बड़ी संख्या में स्पष्टीकरण जारी किए गए।
- कई मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
- निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए।
- कथित बिचौलियों के जरिए शिक्षकों से संपर्क किए जाने का आरोप लगाया गया।
हालांकि इन सभी आरोपों की जांच अभी बाकी है और अंतिम निष्कर्ष प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
DM ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दरभंगा के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) विद्यानंद ठाकुर ने पुष्टि की कि अलीनगर BEO के खिलाफ शिक्षकों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच किस स्तर पर और किस प्रकार होगी, इस पर निर्णय लिया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी BEO ने आरोपों पर क्या कहा?
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. मसलेहुद्दीन ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उनके अधिकार दिलाना है। उनके अनुसार नियमित निरीक्षण इसी उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बच्चों के अधिकारों में बाधा डालते हैं, वही उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है। शिकायतकर्ताओं ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि संबंधित अधिकारी ने उन्हें निराधार बताया है।
ऐसे में प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मामले का शिक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे शिक्षा विभाग की निरीक्षण प्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही पर व्यापक चर्चा हो सकती है।
वहीं यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो इससे निरीक्षण व्यवस्था को लेकर फैली आशंकाओं पर भी स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है।
फिलहाल सभी पक्षों की नजर जिला प्रशासन की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।
