पीएम आवास योजना ग्रामीण लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
प्रणाम! कैसे हैं आप सब? बरसात का मौसम आते ही हमारे बिहार के गांवों में एक सबसे बड़ी चिंता सताने लगती है—कच्चे घर की टपकती छत। तिरपाल बांधकर और प्लास्टिक तानकर कितने दिन गुजारा जाए? हर गरीब परिवार का एक ही सपना होता है कि उसका भी अपना एक पक्का मकान हो। और इसी सपने को पूरा करने के लिए सरकार 'प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)' चला रही है।
लेकिन ग्राउंड जीरो पर, गांव-देहात में असली समस्या क्या है? असली दिक्कत योजना के होने या न होने की नहीं है, दिक्कत है सही जानकारी की कमी। मुखिया जी के दरवाजे पर चक्कर काटना, ब्लॉक (Block) ऑफिस में बाबू लोगों से पूछना कि "सर, आवास वाली लिस्ट में हमर नाम आया है क्या?" और वहां से कोई सीधा जवाब न मिलना। कई बार तो बीच वाले (दलाल) भी पैसा ठग लेते हैं यह कहकर कि "लिस्ट में नाम जुड़वा देंगे, हजार-दो-हजार खर्चा पानी लगेगा।"
आज मैं, आपका अपना पत्रकार दोस्त, आपको वो तरीका बताने जा रहा हूँ जिससे आपको किसी के आगे हाथ जोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप अपने ही स्मार्टफोन से, खटिया पर बैठे-बैठे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की नई लिस्ट में आपका नाम है या नहीं। अगर आपका फॉर्म रिजेक्ट (Reject) हुआ है, तो क्यों हुआ है, और अगर पैसा आने वाला है, तो कब आएगा।
आइए, बिना किसी लाग-लपेट के सीधे मुद्दे की बात करते हैं और इस पूरे प्रोसेस को एकदम आसान भाषा में समझते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
दोस्तों, पहले इस योजना का नाम इंदिरा आवास योजना हुआ करता था, जिसे बदलकर और अपडेट (Update) करके अब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) यानी PMAY-G कर दिया गया है। इस योजना का सीधा सा मकसद है—गांव में रहने वाले हर उस परिवार को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद देना, जिनके पास रहने लायक पक्का घर नहीं है।
मैदानी इलाकों (जैसे हमारा बिहार) में घर बनाने के लिए सरकार 1 लाख 20 हजार रुपये देती है। यह पैसा एक साथ नहीं मिलता, बल्कि तीन किश्तों (Installments) में सीधे आपके बैंक खाते में आता है:
पहली किश्त (40,000 रुपये): जब आपका घर सैंक्शन (Sanction) हो जाता है और नींव का काम शुरू करना होता है।
दूसरी किश्त (40,000 रुपये): जब घर लिंटर (छत ढलाई से पहले) तक पहुँच जाता है।
तीसरी और अंतिम किश्त (40,000 रुपये): जब छत ढलाई हो जाती है और दरवाजे-खिड़की का काम पूरा करना होता है।
इसके अलावा, मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 दिन की मजदूरी का पैसा (लगभग 20-22 हजार रुपये) और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये अलग से मिलते हैं। यानी कुल मिलाकर आपको डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा का फायदा मिलता है।
लेकिन यह पैसा तभी मिलेगा जब आपका नाम ऑफिशल लिस्ट (Official List) में होगा। तो चलिए जानते हैं कि इस लिस्ट को कैसे निकालना है।
ऑनलाइन लिस्ट में नाम चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step) तरीका
अब आपको किसी भी कैफे (Cyber Cafe) वाले को 50 रुपये देने की जरूरत नहीं है। बस अपने मोबाइल का इंटरनेट ऑन कीजिए और मेरे बताए गए इन स्टेप्स को फॉलो कीजिए:
स्टेप 1: सरकारी वेबसाइट (Portal) पर जाएं
सबसे पहले अपने मोबाइल के गूगल क्रोम (Google Chrome) ब्राउजर को खोलें। सर्च बार में टाइप करें— rhreporting.nic.in या फिर आप pmayg.nic.in भी लिख सकते हैं। यह भारत सरकार की एकदम असली और आधिकारिक वेबसाइट है।
स्टेप 2: Awaassoft मेनू को खोजें
वेबसाइट खुलने के बाद, अगर आप मोबाइल पर हैं, तो ऊपर कोने में तीन छोटी लाइनें (Menu) दिखेंगी, उस पर क्लिक करें। वहां आपको एक ऑप्शन मिलेगा 'Awaassoft'। आपको इसी पर अपनी उंगली रखनी है यानी क्लिक करना है।
स्टेप 3: Report वाले ऑप्शन पर जाएं
Awaassoft पर क्लिक करते ही एक छोटी सी लिस्ट खुलेगी जिसमें Data Entry, Report, FTO Tracking जैसे नाम होंगे। आपको 'Report' वाले बटन पर क्लिक करना है।
स्टेप 4: H सेक्शन (Social Audit Reports) तक पहुंचें
अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जिसमें बहुत सारे एबीसीडी (A, B, C, D...) लिखे होंगे। इसे देखकर घबराना नहीं है। पेज को नीचे खिसकाते (Scroll) जाइए जब तक कि आप सबसे नीचे 'H. Social Audit Reports' तक न पहुँच जाएं।
वहां आपको सिर्फ एक ही लाइन मिलेगी— "Beneficiary details for verification"। इसी पर आपको क्लिक कर देना है।
स्टेप 5: अपनी पूरी जानकारी भरें (फिल्टर लगाएं)
अब जो पेज खुलेगा, वही सबसे जरूरी है। यहाँ आपको बाईं तरफ 'Selection Filters' का एक बॉक्स दिखेगा। यहीं से आपको अपना गांव खोजना है:
पहला बॉक्स: सबसे पहले अपना राज्य चुनें (जैसे- Bihar)।
दूसरा बॉक्स: राज्य चुनते ही पेज हल्का सा लोड होगा। फिर अपना जिला चुनें (जैसे- पटना, मुजफ्फरपुर, गया आदि)।
तीसरा बॉक्स: इसके बाद अपना ब्लॉक (Block/प्रखंड) चुनें।
चौथा बॉक्स: ब्लॉक चुनने के बाद अपनी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) का नाम चुनें।
पांचवां बॉक्स: यहाँ आपको साल चुनना है। अगर आपको नई लिस्ट देखनी है तो 2023-2024 या 2024-2025 चुनें।
छठा बॉक्स: यहाँ आपको योजना का नाम चुनना है। सबसे ऊपर ही 'Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin' लिखा होगा, उसे सेलेक्ट कर लें।
स्टेप 6: कैप्चा (Captcha) कोड सॉल्व करें
सब कुछ चुनने के बाद, नीचे गणित का एक छोटा सा सवाल होगा। जैसे- "45 - 12 = ?" या "23 + 15 = ?" इसे कैप्चा कहते हैं। सही जवाब जोड़ या घटा कर खाली डिब्बे में भर दें और 'Submit' बटन को दबा दें।
स्टेप 7: अपनी लिस्ट देखें और डाउनलोड करें
सबमिट करते ही, आपके पंचायत की पूरी लिस्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी। आप चाहें तो ऊपर दिए गए 'Download PDF' या 'Download Excel' बटन पर क्लिक करके पूरी लिस्ट को अपने मोबाइल में सेव कर सकते हैं।
इस लिस्ट में आपको अपना नाम, पिता/पति का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, घर सैंक्शन होने का साल, और आपको कितनी किश्तें मिल चुकी हैं, यह सब कुछ साफ-साफ दिख जाएगा।
पंचायत और ब्लॉक से कैसे लें जानकारी (ऑफलाइन तरीका)
मैं जानता हूँ कि हमारे गांव में बहुत से बुजुर्ग हैं या ऐसे साथी हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, या जिन्हें इंटरनेट चलाना थोड़ा मुश्किल लगता है। उनके लिए भी रास्ता बंद नहीं हुआ है। आप ऑफलाइन (Offline) तरीके से भी पता कर सकते हैं:
पंचायत सचिव और रोजगार सेवक: हर पंचायत में एक पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv) और एक आवास सहायक (Awas Sahayak) होता है। सरकार ने इन्हें ही यह जिम्मा दिया है। आप सीधे उनसे मिलकर पंचायत की आवास लिस्ट की रजिस्टर कॉपी देख सकते हैं। यह आपका हक है, कोई आपको मना नहीं कर सकता।
ग्राम सभा की बैठक: पंचायत में समय-समय पर ग्राम सभा होती है। नए नाम इसी ग्राम सभा से पास होकर ब्लॉक में जाते हैं। ग्राम सभा की बैठक में जरूर जाएं और वहां खुलेआम पूछें कि आवास प्लस (Awaas Plus) की लिस्ट में आपका नाम जुड़ा है या नहीं।
ब्लॉक (BDO ऑफिस): अगर पंचायत से सही जवाब नहीं मिलता, तो आप सीधे अपने ब्लॉक में जाकर BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी) को एक लिखित एप्लीकेशन (Application) दे सकते हैं। वहां आवास योजना का एक अलग काउंटर या बाबू होता है, जो आपका आधार कार्ड और जॉब कार्ड नंबर कंप्यूटर में डालकर तुरंत बता देगा कि आपका फॉर्म किस स्टेज पर है।
एक नजर में योजना की खास बातें (Quick Info Table)
| जानकारी का प्रकार | विवरण |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) |
| कौन सा विभाग चलाता है? | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| लाभार्थी कौन हैं? | गांव के गरीब और बेघर परिवार |
| कितना पैसा मिलता है? | ₹1,20,000 (मैदानी इलाके) / ₹1,30,000 (पहाड़ी इलाके) |
| ऑफिशियल वेबसाइट | pmayg.nic.in / rhreporting.nic.in |
| शौचालय का पैसा | ₹12,000 (अलग से स्वच्छ भारत मिशन के तहत) |
| शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर | 1800-11-6446 |
अगर लिस्ट में नाम ना हो, तो क्या करें?
यह सवाल मुझे गांव में लोग सबसे ज्यादा पूछते हैं। "भईया, मेरा तो फूस का घर है, फिर भी लिस्ट में नाम नहीं है, और फलाने के पास तो ट्रैक्टर है फिर भी उसका नाम आ गया।"
देखिए, अगर आपका नाम नई लिस्ट में नहीं है, तो इसके दो कारण हो सकते हैं। या तो आपका नाम SECC-2011 (सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना) की लिस्ट में नहीं था, या फिर 'आवास प्लस' के सर्वे में आपका नाम छूट गया है।
इसका समाधान क्या है?
नया सर्वे: सरकार समय-समय पर 'आवास प्लस' (Awaas Plus) पोर्टल खोलती है जिसमें छूटे हुए योग्य लोगों के नाम जोड़े जाते हैं। इसके लिए आपको अपने मुखिया या आवास सहायक को अपने आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, मनरेगा जॉब कार्ड और एक मोबाइल नंबर देना होगा।
शिकायत (Grievance): अगर कोई आपसे पैसा मांग रहा है या योग्य होने के बावजूद आपका नाम जानबूझकर काटा गया है, तो आप PMAY-G की वेबसाइट पर 'Public Grievance' सेक्शन में जाकर सीधे केंद्र सरकार को ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा जिला अधिकारी (DM) के जनता दरबार में जाकर भी अपनी बात रख सकते हैं।
स्टेटस (Status) में लिखे अंग्रेजी शब्दों का मतलब समझिए
जब आप लिस्ट देखते हैं, तो वहां कुछ अंग्रेजी के शब्द लिखे होते हैं, जिन्हें देखकर हमारे गांव के लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं। मैं आसान भाषा में समझाता हूँ:
House Sanctioned: इसका मतलब है कि सरकार ने आपके घर के लिए पैसा पास कर दिया है। अब आपको अपना काम शुरू कर देना चाहिए।
FTO Generated: फंड ट्रांसफर ऑर्डर। इसका मतलब है कि ब्लॉक से आपके पैसे का ऑर्डर दिल्ली/पटना भेज दिया गया है। 10 से 15 दिन में पैसा आपके बैंक खाते में खटक से आ जाएगा।
Rejected by Bank: यह खतरे की घंटी है। इसका मतलब है कि आपके बैंक खाते में कोई गड़बड़ी है (जैसे आधार लिंक नहीं है, या खाता बंद हो गया है)। तुरंत अपने बैंक जाएं और KYC अपडेट कराएं, नहीं तो पैसा फंस जाएगा।
5 सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. आवास योजना का पैसा चेक करने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
लिस्ट में नाम चेक करने के लिए किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं है, बस आपको अपने गांव और ब्लॉक का नाम पता होना चाहिए। लेकिन पैसा बैंक में आया या नहीं, यह चेक करने के लिए आपके पास PMAY-G का रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) होना चाहिए जो लिस्ट में आपके नाम के आगे लिखा होता है।
2. अगर पहली किश्त आ गई है, तो दूसरी किश्त कब मिलेगी?
पहली किश्त मिलने के बाद जब आप अपने घर की नींव (Plinth) का काम पूरा कर लेंगे, तब पंचायत का आवास सहायक आपके घर आकर फोटो खींचेगा (Geo-tagging करेगा)। यह फोटो पोर्टल पर अपलोड होते ही कुछ हफ्तों में दूसरी किश्त आपके खाते में आ जाएगी।
3. क्या मुझे घर बनाने के लिए कोई ठेकेदार खोजना होगा?
बिल्कुल नहीं! योजना का नियम है कि लाभार्थी अपना घर खुद बनाएगा या अपनी देखरेख में बनवाएगा। अगर कोई ठेकेदार या दलाल कहता है कि वो आपका घर बनवा देगा, तो उससे बचकर रहें।
4. क्या पैसा सीधे मुखिया के खाते में आता है?
नहीं! सरकार ने यह सिस्टम बहुत पहले बंद कर दिया है। अब पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे लाभार्थी के उसी बैंक खाते में आता है जो उसने फॉर्म भरते समय दिया था। बीच में कोई इस पैसे को नहीं छू सकता।
5. मेरी लिस्ट में नाम है, लेकिन पैसा अभी तक नहीं आया, क्या करूं?
अगर लिस्ट में नाम है और 'Sanction' लिखा है, लेकिन पैसा नहीं आया है, तो सबसे पहले चेक करें कि आपका बैंक खाता चालू है या नहीं और उसमें आधार कार्ड लिंक (Aadhaar Seeded) है या नहीं। अगर सब ठीक है, तो ब्लॉक ऑफिस में आवास बाबू से मिलें और पता करें कि आपका FTO बना है या नहीं।
चलते-चलते कुछ जरूरी बातें
भईया, सरकार की योजनाएं बनती तो हमारे और आपके लिए ही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण हम लोग उसका पूरा फायदा नहीं उठा पाते। प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट चेक करना अब कोई रॉकेट साइंस नहीं है। जो तरीका मैंने आपको ऊपर बताया है, वह 100% सही और सुरक्षित है। आपको किसी फालतू ऐप (App) को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, सीधे सरकारी वेबसाइट पर जाएं और अपना नाम देखें।
एक और बात, गांव में दलालों और बिचौलियों से एकदम सावधान रहें। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपको योजना का लाभ दिलाने के लिए पैसे नहीं मांग सकता। अगर कोई ऐसा करता है, तो डरे नहीं, उसकी शिकायत करें।
उम्मीद करता हूँ कि मेरी दी गई यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी। अगर आप जान गए हैं कि लिस्ट कैसे चेक करनी है, तो अपने आस-पड़ोस के उन लोगों की भी मदद जरूर करें जो मोबाइल चलाना नहीं जानते। आखिर, एक-दूसरे की मदद करने से ही तो हमारा बिहार आगे बढ़ेगा! जाइए, अभी अपना और अपने परिवार का नाम लिस्ट में चेक कीजिए, क्या पता इस बार पक्के मकान का सपना सच हो जाए। धन्यवाद!
