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PM Awas Yojana में बड़ा बदलाव, बिहार में अब महिलाओं के नाम पर ही मिलेगा घर

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PM Awas Yojana को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। PM Awas Yojana (शहरी) 2.0 के तहत अब मिलने वाले आवासों का स्वामित्व प्राथमिक रूप से परिवार की वयस्क महिला के नाम पर होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि नए नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि योजना का लाभ निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र परिवारों तक पहुंचे।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति में प्राथमिक अधिकार देना और योजना के मूल उद्देश्य को प्रभावी ढंग से लागू करना है। इसके साथ ही लाभार्थियों के दस्तावेजों की पहले से अधिक गहन जांच भी की जाएगी।

महिलाओं के नाम पर होगा आवास का स्वामित्व

नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आवास का स्वामित्व परिवार की वयस्क महिला मुखिया के नाम होना अनिवार्य रहेगा।

यदि आवश्यक हो, तो आवास परिवार के पुरुष मुखिया और उसकी पत्नी के संयुक्त नाम पर भी स्वीकृत किया जा सकता है। हालांकि, केवल पुरुष सदस्य के नाम पर आवास तभी मंजूर होगा, जब परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य मौजूद न हो।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का पालन सभी शहरी निकायों को अनिवार्य रूप से करना होगा।

किन मामलों में पुरुष के नाम पर मिल सकेगा आवास?

सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में पुरुष सदस्य के नाम पर आवास स्वीकृत करने की अनुमति भी दी है।

यदि आवेदक विधुर, अविवाहित, अलग रह रहा व्यक्ति या ट्रांसजेंडर है, तो ऐसे मामलों में आवास संबंधित व्यक्ति के व्यक्तिगत नाम पर स्वीकृत किया जा सकेगा।

इन प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विशेष परिस्थितियों में पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहें।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

इस नए निर्देश के पीछे प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के दौरान सामने आई अनियमितताएं प्रमुख कारण बनी हैं।

महालेखाकार (एजी), बिहार की ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि कई ऐसे मामलों में भी आवास पुरुष सदस्यों के नाम पर स्वीकृत कर दिए गए, जहां परिवार में वयस्क महिला सदस्य मौजूद थीं। यह योजना के मूल दिशा-निर्देशों के विपरीत था।

इसी अनियमितता को देखते हुए सरकार ने अब नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।

स्वीकृति से पहले होगी दस्तावेजों की गहन जांच

नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रत्येक आवेदन की मंजूरी से पहले पात्रता और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जाए।

विभाग के अनुसार, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवास के स्वामित्व और सह-स्वामित्व से जुड़े सभी नियमों का पूरी तरह पालन हो। यदि किसी आवेदन में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार ही आगे बढ़ाया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष जोर

सरकार का मानना है कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति का स्वामित्व उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाता है।

इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में महिलाओं को प्राथमिक अधिकार देने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है। इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ परिवारों में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने वाले ऐसे कदम दीर्घकाल में सामाजिक बदलाव को गति दे सकते हैं।

लाभार्थियों के लिए क्या है जरूरी?

यदि आप प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए आवेदन करने जा रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आवेदन में परिवार की वयस्क महिला सदस्य का विवरण सही तरीके से दर्ज हो।

साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन और सही होने चाहिए, क्योंकि अब आवेदन स्वीकृत होने से पहले विस्तृत जांच की जाएगी। इससे पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर और नियमानुसार मिल सकेगा।

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