Patna AIIMS Expansion: 24 एकड़ जमीन के साथ बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, 200 नए ICU बेड मिलेंगे
Patna AIIMS Expansion को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। Patna AIIMS Expansion के तहत संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी। इस निर्णय से एम्स पटना में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेज होगा और गंभीर मरीजों को राज्य के भीतर ही बेहतर इलाज मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती मिलेगी और मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अगले पखवाड़े के भीतर पूरी की जाए। इसके बाद विस्तार परियोजना पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है।
24 एकड़ अतिरिक्त जमीन से बढ़ेगा एम्स का दायरा
राज्य सरकार के फैसले के अनुसार एम्स पटना को 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इस जमीन का उपयोग अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, नए भवनों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भूमि मिलने से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल का व्यवस्थित विस्तार संभव होगा। इससे मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा सकेगा।
200 नए ICU बेड और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार
विस्तार योजना के तहत एम्स पटना में लगभग 200 नए आईसीयू बेड विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा कई नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी शुरू करने की तैयारी है।
इससे गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिलेगा। अस्पताल की क्षमता बढ़ने से आईसीयू बेड की उपलब्धता में सुधार होगा और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए लंबी प्रतीक्षा का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य राज्य में ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिससे गंभीर चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
दिल्ली एम्स की तर्ज पर होगा संस्थान का विकास
एम्स पटना के विस्तार को लेकर भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एम्स निदेशक का अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने संबंधी अनुरोध पत्र भी सौंपा।
योजना के अनुसार अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद संस्थान को दिल्ली एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें ट्रॉमा सेंटर, कैंसर उपचार, लीवर ट्रांसप्लांट और अन्य आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार शामिल है।
यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो बिहार के मरीजों को कई जटिल बीमारियों का इलाज राज्य के भीतर ही उपलब्ध हो सकेगा।
बाहर इलाज के लिए जाने की जरूरत होगी कम
वर्तमान समय में कई गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
एम्स पटना में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होने के बाद राज्य में ही कई जटिल सर्जरी और विशेष उपचार उपलब्ध हो सकेंगे। इससे इलाज का समय कम होगा और मरीजों का खर्च भी घट सकता है।
इसके साथ ही राज्य के स्वास्थ्य तंत्र पर लोगों का भरोसा और मजबूत होने की संभावना है।
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े सरकारी अस्पताल का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आता है।
एम्स पटना का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में अधिक मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
यदि भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य तय समय पर आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में एम्स पटना बिहार के सबसे आधुनिक चिकित्सा संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। इससे राज्य के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
