NEET Paper Leak पर बड़ा एक्शन, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनी, कौन हैं जज अनु बलीगा?
NEET Paper Leak मामले में न्यायिक प्रक्रिया तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। NEET Paper Leak से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह अदालत अब परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। इस फैसले को लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामलों में त्वरित कार्रवाई और सख्त सजा की बात कहे जाने के कुछ घंटों बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने यह फैसला लिया। इसके साथ ही न्यायिक प्रक्रिया को गति देने और मामलों का जल्द निपटारा करने की दिशा में नई पहल शुरू हो गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बनाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार देर शाम जारी आदेश में राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की।
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय के आदेश के अनुसार, इस अदालत की जिम्मेदारी वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी जज अनु ग्रोवर बलीगा को सौंपी गई है। अब 2026 के NEET Paper Leak से जुड़े मामलों की सुनवाई इसी अदालत में होगी।
इस फैसले का उद्देश्य लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई कर दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
कौन हैं जज अनु ग्रोवर बलीगा?
जज अनु ग्रोवर बलीगा दिल्ली न्यायपालिका की अनुभवी अधिकारियों में गिनी जाती हैं।
उन्होंने वर्ष 2000 में दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस (DJS) में सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न जिला अदालतों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
साल 2010 में वह दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DJHS) में अतिरिक्त जिला जज बनीं और द्वारका कोर्ट में नियुक्त रहीं। वर्तमान में वह DJHS की वरिष्ठ सदस्य हैं और वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होंगी।
CBI मामलों का भी है लंबा अनुभव
जज अनु ग्रोवर बलीगा को केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े मामलों की सुनवाई का भी अनुभव है।
वह पहले राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष CBI जज के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने तिस हजारी कोर्ट के मेडिएशन सेंटर की प्रभारी जज के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।
दिसंबर 2025 से पहले वह साकेत की कमर्शियल कोर्ट में जिला जज थीं। उनकी अदालत को अधिक मामलों के समय पर निपटारे के लिए भी जाना जाता रहा है।
राउज एवेन्यू कोर्ट क्यों है खास?
दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर वर्ष 2019 में शुरू हुआ था।
यह अदालत मुख्य रूप से सांसदों, विधायकों, CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराधों से जुड़े चर्चित मामलों की सुनवाई के लिए जानी जाती है।
अब NEET Paper Leak मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने के बाद यह अदालत देशभर में चर्चा का केंद्र बन गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बाद में जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून भी लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए और अधिक सख्त सजा का प्रावधान शामिल होगा।
नए कानून की तैयारी भी तेज
सरकार ने संकेत दिया है कि प्रस्तावित कानून पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी और इसके बाद इसे संसद में पेश करने की कोशिश की जाएगी।
यदि यह कानून लागू होता है तो भविष्य में परीक्षा पेपर लीक जैसे मामलों की जांच और सुनवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सख्त कानूनी ढांचे के तहत हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से NEET Paper Leak मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों की तुलना में तेज गति से होने की संभावना है।
इससे जांच एजेंसियों, अदालत और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बन सकता है। यदि दोष सिद्ध होता है तो आरोपियों के खिलाफ जल्द फैसला आने की उम्मीद बढ़ेगी। साथ ही यह कदम भविष्य में परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
