NEET पेपर लीक पर CM सम्राट का बड़ा ऐलान, बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मामलों पर उन्होंने साफ कहा कि युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया। वहीं, इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को बिहार विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के भविष्य पर मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अनियमितता या पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं की मेहनत और विश्वास को प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विधानसभा में छात्रों के मुद्दे पर गरमाया माहौल
छात्रों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज के मुद्दे पर बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। हंगामे के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कुछ समय के लिए हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि सदन की कार्यवाही सामान्य हो सके।
बीजेपी विधायक के बयान से बढ़ा विवाद
विधानसभा में हंगामे के दौरान बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं बल्कि "गुंडे" थे। उनके इस बयान के बाद विपक्षी सदस्य नाराज हो गए और सदन में जोरदार विरोध शुरू हो गया। विपक्ष ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई और सरकार से जवाब मांगा। इसके चलते सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
स्पीकर की अपील भी नहीं रोक सकी नारेबाजी
लगातार बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने और शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इसके बावजूद नारेबाजी जारी रही और सदन की कार्यवाही सामान्य नहीं हो सकी। अंततः विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। उस समय सदन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।
विधान परिषद में भी विपक्ष का प्रदर्शन
विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद में भी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। लगातार विरोध और शोर-शराबे के कारण सभापति को भी परिषद की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इससे साफ है कि छात्रों का मुद्दा पूरे मानसून सत्र में राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
क्या है पूरे विवाद का महत्व?
NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन का मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लाखों प्रतियोगी छात्रों के विश्वास और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के बयान से सरकार का रुख स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।